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अभ्यास — प्रश्नावली 13.4 (Exercise 13.4)

3 वस्तुनिष्ठ · 3 लघु · 1 दीर्घ

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective — 1 अंक प्रत्येक)

  1. फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम में मध्यमा किसकी दिशा बताती है?बोर्ड परीक्षा में पूछा गया — 2026
    (A) बल
    (B) विद्युत धारा
    (C) चुंबकीय क्षेत्र
    (D) इनमें से कोई नहीं
    उत्तर देखें (See answer)
  2. विद्युत मोटर किस ऊर्जा को किस ऊर्जा में परिवर्तित करती है?बोर्ड परीक्षा में पूछा गया — 2025
    (A) रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में
    (B) विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में
    (C) यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में
    (D) विद्युत ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में
    उत्तर देखें (See answer)
  3. फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम में बाएँ हाथ की तर्जनी किस दिशा को दर्शाती है?बोर्ड परीक्षा में पूछा गया — 2025
    (A) चुंबकीय क्षेत्र की दिशा
    (B) चालक पर आरोपित विद्युत बल की दिशा
    (C) चालक में प्रवाहित विद्युत धारा की दिशा
    (D) इनमें से कोई नहीं
    उत्तर देखें (See answer)

लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer — 2 अंक प्रत्येक)

  1. फ्लेमिंग का वामहस्त नियम लिखिए।
    उत्तर देखें (See answer)

    बाएँ हाथ की तर्जनी, मध्यमा तथा अँगूठे को इस प्रकार फैलाइए कि तीनों परस्पर लंबवत हों।

    इस व्यवस्था में तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा और मध्यमा चालक में प्रवाहित विद्युत धारा की दिशा दर्शाती है।

    उत्तर: तब अँगूठा चालक पर आरोपित बल की दिशा, यानी चालक की गति की दिशा बता देता है—इसी को फ्लेमिंग का वामहस्त नियम कहते हैं।

  2. विद्युत मोटर का क्या सिद्धांत है?
    उत्तर देखें (See answer)

    जब कोई धारावाही कुंडली चुंबकीय क्षेत्र में इस प्रकार रखी जाती है कि उसकी भुजाएँ क्षेत्र की दिशा के लंबवत हों, तो उन पर बल लगता है।

    कुंडली की दो विपरीत भुजाओं में धारा की दिशाएँ विपरीत होती हैं, इसलिए फ्लेमिंग के वामहस्त नियम के अनुसार उन पर विपरीत दिशाओं में बल लगते हैं।

    ये दो विपरीत बल मिलकर एक बल-युग्म बनाते हैं।

    उत्तर: यही बल-युग्म कुंडली को घुमा देता है—यही विद्युत मोटर का सिद्धांत है, जिसमें विद्युत ऊर्जा यांत्रिक ऊर्जा में बदल जाती है।

  3. विद्युत मोटर में विभक्त वलय की क्या भूमिका है?
    उत्तर देखें (See answer)

    कुंडली आधा चक्कर पूरा कर लेने पर उसकी दोनों भुजाओं की स्थिति आपस में बदल जाती है।

    यदि धारा की दिशा वैसी ही रहे तो बल कुंडली को उलटी दिशा में घुमाने लगेंगे और घूर्णन रुक जाएगा।

    विभक्त वलय हर आधे चक्कर पर कुंडली में धारा की दिशा उलट देता है, जिससे बलों की दिशा भी उलट जाती है।

    उत्तर: इसी कारण कुंडली एक ही दिशा में घूमती रहती है; इसीलिए विभक्त वलय को दिक्परिवर्तक भी कहते हैं।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer — 5 अंक प्रत्येक)

  1. विद्युत मोटर का सिद्धांत सहित वर्णन कीजिए।बोर्ड परीक्षा में पूछा गया — 2026उत्तर देखें (See answer)
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