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Correct answer: (B) तालु
'श' का उच्चारण-स्थान तालु है, इसलिए वह तालव्य है।
Correct answer: (B) भाववाचक संज्ञा
'पीड़ा' किसी भाव का नाम है, इसलिए वह भाववाचक संज्ञा है।
Correct answer: (B) छन्द
वर्ण और मात्रा के नियम से बँधी रचना छंद कहलाती है।
Correct answer: (C) कण्ठसँ
'क, ख, ग' का उच्चारण कंठ से होता है, इसलिए वे कंठ्य व्यंजन हैं।
Correct answer: (B) अनल
'अग्नि' का पर्यायवाची 'अनल' है।
Correct answer: (A) कुसुमबाण
'कामदेव' का पर्यायवाची 'कुसुमबाण' है, क्योंकि उसके बाण फूलों के माने जाते हैं।
Correct answer: (B) 51
मैथिली में वर्णों की संख्या 51 मानी जाती है।
Correct answer: (C) ना
'ना' मैथिली का अपना उपसर्ग है—जैसे 'नामालूम'; 'परि' और 'तिर' संस्कृत तथा फारसी से आए हैं।
Correct answer: (A) इन
जातिवाचक संज्ञा में 'इन' प्रत्यय लगाकर स्त्रीलिंग बनाया जाता है—जैसे 'मालिन'।
Correct answer: (B) वृत्त्यानुप्रास अलंकार
'चरण चंद्रमणि चूड़ा' में 'च' की आवृत्ति बार-बार है, इसलिए यहाँ वृत्त्यानुप्रास अलंकार है।
Correct answer: (C) बहुत धन
'बहुत धन' में मात्रा निश्चित नहीं है, इसलिए वह अनिश्चयवाचक (अनिश्चित परिमाणवाचक) विशेषण है।
Correct answer: (C) विद्यार्थी जीवन
'विद्यार्थी जीवन' का अर्थ है 'विद्यार्थी का जीवन'—विभक्ति लुप्त है, इसलिए यह तत्पुरुष समास है।
Correct answer: (B) चारि
कृदन्तीय संज्ञा के चार भेद माने जाते हैं।
Correct answer: (C) नैनाकेँ सुताउ
'नैनाकेँ सुताउ' में 'केँ' कर्म कारक का चिह्न है, इसलिए वही कर्मकारक का उदाहरण है।
Correct answer: (A) योगरूढ़ि
'पीताम्बर' का अर्थ पीले वस्त्र वाला यानी कृष्ण होता है—यौगिक अर्थ से रूढ़ हो गया, इसलिए वह योगरूढ़ शब्द है।
Correct answer: (A) केँ
कर्म कारक का चिह्न 'केँ' है।
Correct answer: (C) पाँच
अव्यय के पाँच भेद माने जाते हैं—क्रियाविशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक, विस्मयादिबोधक और निपात।
Correct answer: (B) अत्यावश्यक
शब्द के आरंभ में लगने वाले शब्दांश को उपसर्ग कहा जाता है।
Correct answer: (C) उपसर्ग
'अति' उपसर्ग से 'अत्यावश्यक' शब्द बना है।
Correct answer: (C) तत्पुरुष समास
'गंगाजल' का अर्थ है 'गंगा का जल'—विभक्ति लुप्त होने से यह तत्पुरुष समास है।