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150 प्रश्न · 150 अंक · 2 घंटे 30 मिनट
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सही उत्तर: (C) वृद्धि संधि
‘अ/आ’ के बाद ‘ए/ऐ’ आने पर ‘ऐ’ और ‘ओ/औ’ आने पर ‘औ’ बनना वृद्धि संधि कहलाता है—जैसे ‘महा + औषधि = महौषधि’।
सही उत्तर: (C) सौजन्य, उज्ज्वल, भ्रातृगण, उपर्युक्त
शुद्ध रूप हैं—‘सौजन्य’ (‘सौजन्यता’ में दोहरा प्रत्यय है), ‘उज्ज्वल’, ‘भ्रातृगण’ और ‘उपर्युक्त’ (‘उपर्’ + ‘उक्त’)। यही संयोजन तीसरे विकल्प में है।
सही उत्तर: (C) मैं अपनी बात के स्पष्टीकरण के लिए तैयार हूँ।
‘स्पष्टीकरण’ के साथ ‘का’ नहीं, ‘के’ आएगा—‘अपनी बात के स्पष्टीकरण के लिए’। इसलिए तीसरा वाक्य शुद्ध है।
सही उत्तर: (A) रजनीचर
भुजंग और उरग—दोनों सर्प के पर्यायवाची हैं, पर ‘रजनीचर’ का अर्थ है रात में घूमने वाला, यानी राक्षस या निशाचर।
सही उत्तर: (B) स्त्रीलिंग
हिंदी में ‘जेब’ स्त्रीलिंग है—इसीलिए ‘जेब खाली है’ कहा जाता है, ‘जेब खाली हैं’ नहीं।
सही उत्तर: (C) अकर्मक क्रिया
यहाँ ‘भरता’ का कोई कर्म नहीं है—घड़ा स्वयं भर रहा है, इसलिए यह अकर्मक क्रिया है।
सही उत्तर: (A) कर्तृवाच्य
जिस रूप में कर्ता प्रधान हो, उसे कर्तृवाच्य कहते हैं—जैसे ‘राम पत्र लिखता है’। कर्मवाच्य में कर्म और भाववाच्य में भाव प्रधान रहता है।
सही उत्तर: (C) विकर्षण
‘आकर्षण’ का अर्थ है अपनी ओर खींचना, इसलिए उसका विलोम ‘विकर्षण’ यानी दूर हटाना है।
सही उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
‘आदि से अंत तक’ के लिए ‘आद्यंत’ और ‘आद्योपांत’—दोनों शब्द प्रचलित हैं, इसलिए उत्तर ‘एक से अधिक’ है।
सही उत्तर: (B) श्रुतिसम भिन्नार्थक
सुनने में एक-से लगने पर भी भिन्न अर्थ देने वाले शब्द श्रुतिसम भिन्नार्थक कहलाते हैं—जैसे ‘अंश’ और ‘अंस’, ‘समान’ और ‘सामान’।
सही उत्तर: (C) रामविलास शर्मा
पाणिनि और पतंजलि संस्कृत व्याकरण के आचार्य हैं, पर रामविलास शर्मा आलोचक और चिंतक थे—व्याकरणाचार्य नहीं।
सही उत्तर: (A) दो वर्णों के मेल को संधि तथा दो पदों के योग को समास कहते हैं
संधि वर्णों के मेल से होती है और समास दो पदों के योग से—यही अंतर पहले विकल्प में ठीक-ठीक कहा गया है।
सही उत्तर: (B) कर्ता कारक
‘ने’ कर्ता कारक का चिह्न है—‘राम ने पत्र लिखा’ में काम करने वाला राम ही है।
सही उत्तर: (B) उत्
‘उच्छ्वास’ में ‘उत्’ उपसर्ग है—‘उत् + श्वास’ मिलकर संधि के नियम से ‘उच्छ्वास’ बन जाता है।
सही उत्तर: (A) उद्देश्य
वाक्य में कर्ता और उससे जुड़े शब्द मिलकर उद्देश्य कहलाते हैं; शेष भाग, जो कर्ता के बारे में कहा जाए, विधेय होता है।
सही उत्तर: (A) भाववाचक संज्ञा
विशेषण के अंत में तद्धित प्रत्यय जोड़ने पर भाववाचक संज्ञा बनती है—जैसे ‘मधुर’ से ‘मधुरता’, ‘सुंदर’ से ‘सुंदरता’।
सही उत्तर: (B) संधि
दो वर्णों के मेल से नया शब्द बनना संधि है। समास में दो पूरे पद मिलते हैं, अक्षर नहीं।
सही उत्तर: (C) तद्भव
संस्कृत-प्राकृत से बिगड़कर हिंदी में आए शब्द तद्भव कहलाते हैं—जैसे ‘अग्नि’ से ‘आग’। जो अपने मूल रूप में ही आए, वे तत्सम हैं।
सही उत्तर: (C) परमेश्वर
‘परमेश्वर’ = ‘परम ईश्वर’, जहाँ पहला पद दूसरे की विशेषता बता रहा है—यही कर्मधारय समास है। ‘त्रिलोक’ द्विगु समास है।
सही उत्तर: (B) 8
अर्थ के आधार पर वाक्य के आठ भेद हैं—विधिवाचक, निषेधवाचक, प्रश्नवाचक, आज्ञावाचक, इच्छावाचक, संदेहवाचक, संकेतवाचक और विस्मयवाचक।
सही उत्तर: (C) संयुक्त वाक्य
जिस वाक्य में एक से अधिक स्वतंत्र प्रधान उपवाक्य योजक से जुड़े हों, वह संयुक्त वाक्य है। मिश्र वाक्य में एक प्रधान और शेष आश्रित होते हैं।
सही उत्तर: (B) अर्धविराम
‘;’ को अर्धविराम कहते हैं। यह अल्पविराम से अधिक और पूर्ण विराम से कम ठहराव दिखाता है।
सही उत्तर: (C) अयोग्य से कहना
‘अंधे के आगे रोये अपने नैन खोये’ का अर्थ है—अयोग्य या न समझने वाले व्यक्ति से कहने पर अपना ही नुक़सान होता है।
सही उत्तर: (B) गड़े मुर्दे उखाड़ना
‘गड़े मुर्दे उखाड़ना’ का अर्थ है पुरानी, बीती बातें फिर से उठाना।
सही उत्तर: (B) शब्द
वर्णों के ऐसे समूह को शब्द कहते हैं जिसका कोई अर्थ निकले। वही शब्द वाक्य में प्रयुक्त होकर ‘पद’ बन जाता है।
सही उत्तर: (B) अन्तःस्थ
य, र, ल, व को अन्तःस्थ व्यंजन कहते हैं, क्योंकि इनका उच्चारण स्वर और व्यंजन के बीच की स्थिति में होता है।
सही उत्तर: (A) य
नासिक्य व्यंजन हैं—ङ, ञ, ण, न, म, जिनके उच्चारण में हवा नाक से निकलती है। ‘य’ नासिक्य नहीं, अन्तःस्थ है।
सही उत्तर: (C) व्यंजना
यहाँ ‘पानी’ एक ही शब्द से तीन भिन्न अर्थ—मोती की चमक, मनुष्य की मर्यादा और चूने का जल—व्यंग्य रूप में झलकते हैं। ऐसा छिपा अर्थ देने वाली शक्ति व्यंजना है।
सही उत्तर: (B) अनुप्रास
इस पंक्ति में ‘म’ और ‘स’ वर्ण बार-बार आए हैं—‘मुदित महीपति मंदिर’, ‘सेवक सचिव सुमंत्र’। वर्णों की इसी आवृत्ति को अनुप्रास अलंकार कहते हैं।
सही उत्तर: (C) छंद
लघु और गुरु मात्राओं की गिनती से छंद की रचना होती है, इसलिए ये छंद के अंग हैं।
सही उत्तर: (A) 2
छंद के दो प्रमुख भेद हैं—मात्रिक, जिसमें मात्राएँ गिनी जाती हैं, और वर्णिक, जिसमें वर्ण।
सही उत्तर: (B) विभाषा या उपभाषा
जब कोई बोली फैलकर पूरे प्रांत या उपप्रांत में चलने लगे, तो उसे विभाषा या उपभाषा कहा जाता है।
सही उत्तर: (C) अधिसूचना
सरकारी नियम, आदेश और नियुक्तियों की सूचना गजट में अधिसूचना (notification) के रूप में छपती है। परिपत्र अनेक कार्यालयों को भेजा जाने वाला पत्र है।
सही उत्तर: (B) संक्षेपण
संक्षेपण के मुख्य गुण संक्षिप्तता, स्पष्टता और क्रमबद्धता हैं—मूल बात छोटे रूप में, साफ़ और सिलसिलेवार आनी चाहिए।
सही उत्तर: (C) किंकर्तव्यविमूढ़
जो असमंजस में पड़ जाए और समझ न पाए कि क्या करना है, उसे ‘किंकर्तव्यविमूढ़’ कहते हैं।
सही उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं
चर्पट और नागार्जुन सिद्ध साहित्य के कवि हैं और नरपतिनाल्ह रासो काव्य के—इनमें कोई जैन साहित्यकार नहीं है, इसलिए उत्तर ‘इनमें से कोई नहीं’ है।
सही उत्तर: (C) a-3, b-1, c-4, d-2
नाभादास भक्तिकाल के, चंदबरदाई आदिकाल के, ‘प्रेमघन’ आधुनिक काल के और केशवदास रीतिकाल के कवि हैं—यानी a-3, b-1, c-4, d-2।
सही उत्तर: (A) a-2, b-4, c-1, d-3
‘यशोधरा’ चम्पू काव्य है, ‘रश्मिरथी’ खंडकाव्य, ‘बिहारी सतसई’ मुक्तक काव्य और ‘रामचरितमानस’ महाकाव्य—यानी a-2, b-4, c-1, d-3।
सही उत्तर: (B) a-3, b-1, c-4, d-2
‘निर्मला’ प्रेमचंद की, ‘त्यागपत्र’ जैनेन्द्र कुमार की, ‘कंकाल’ जयशंकर प्रसाद की और ‘गिरती दीवारें’ उपेन्द्रनाथ अश्क की रचना है—यानी a-3, b-1, c-4, d-2।
सही उत्तर: (C) गद्यकाल
आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने आधुनिक काल को ‘गद्यकाल’ कहा, क्योंकि इस काल में गद्य की सभी विधाएँ विकसित हुईं।
सही उत्तर: (C) गणेशशंकर विद्यार्थी
गणेशशंकर विद्यार्थी ‘प्रताप’ के संपादक और निर्भीक पत्रकार के रूप में प्रसिद्ध हैं। श्यामसुंदर दास भाषाविद् और सुदर्शन कहानीकार थे।
सही उत्तर: (B) a-4, b-3, c-1, d-2
‘शिवसिंह सरोज’ शिवसिंह सेंगर की, ‘मॉडर्न वर्नाक्युलर लिटरेचर ऑफ हिन्दुस्तान’ ग्रियर्सन की, ‘हिंदी साहित्य का इतिहास’ रामचंद्र शुक्ल की और ‘मिश्रबंधु विनोद’ मिश्रबंधु की रचना है—यानी a-4, b-3, c-1, d-2।
सही उत्तर: (C) a-2, b-4, c-1, d-3
‘यथाशक्ति’ अव्ययीभाव, ‘देशभक्ति’ तत्पुरुष, ‘पीताम्बर’ बहुव्रीहि और ‘हाथ-पाई’ द्वंद्व समास है—यानी a-2, b-4, c-1, d-3।
सही उत्तर: (C) a-3, b-4, c-2, d-1
According का तदनुसार, Census का जनगणना, Basic Pay का मूल वेतन और Adjustment का समायोजन—यानी a-3, b-4, c-2, d-1।
सही उत्तर: (A) a-2, b-4, c-3, d-1
‘हाथ कंगन को आरसी क्या’ = प्रत्यक्ष को प्रमाण क्या; ‘हाथी के दाँत…’ = कथनी और करनी में अंतर; ‘सब धान बाईस पसेरी’ = अज्ञानी के लिए सब एक समान; ‘होनहार बिरवान…’ = पूत के पाँव पालने में दिख जाते हैं—यानी a-2, b-4, c-3, d-1।
सही उत्तर: (A) a-2, b-4, c-1, d-3
‘हम खा चुके’ विधिवाचक, ‘उसने नहीं खाया’ निषेधवाचक, ‘क्या तुम खा रहे हो?’ प्रश्नवाचक और ‘तुम खाओ’ आज्ञावाचक वाक्य है—यानी a-2, b-4, c-1, d-3।
सही उत्तर: (B) जहाँ अनेकार्थक शब्दों का प्रयोग होता है
शाब्दी व्यंजना वहाँ होती है जहाँ शब्द अनेकार्थक हो और उसका कोई एक अर्थ छोड़कर दूसरा छिपा अर्थ निकले। शब्द बदल देने पर वह व्यंजना समाप्त हो जाती है।
सही उत्तर: (B) उत्प्रेक्षा
‘खिला हो ज्यों बिजली का फूल’ में एक वस्तु में दूसरी की संभावना की गई है—यही उत्प्रेक्षा अलंकार है। उपमा में तुलना होती है, संभावना नहीं।
सही उत्तर: (A) द्रुतविलंबित
इस पद्यांश की प्रत्येक पंक्ति में बारह वर्ण और उनका क्रम द्रुतविलंबित छंद का है—यही अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ का प्रिय छंद भी रहा।
सही उत्तर: (A) विभाव भाव के उद्बोध का कारण है
विभाव वे कारण हैं जिनसे मन में भाव जगता है—आश्रय और आलंबन। स्थायीभाव और अनुभाव इससे अलग अंग हैं।