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सही उत्तर: (A) महाराज जयसिंह
बिहारीलाल आमेर के महाराज जयसिंह के दरबार में थे; ‘बिहारी सतसई’ उन्हीं के आश्रय में रची गई।
सही उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
संयुक्त वाक्य में दो स्वतंत्र उपवाक्य योजक से जुड़ते हैं। ‘फिर भी’ और ‘नहीं तो’ वाले—दोनों वाक्य ऐसे ही हैं, इसलिए उत्तर ‘एक से अधिक’ है।
सही उत्तर: (A) बड़े आदमी पर कौन दोष लगाए
‘समरथ को नहीं दोष गोसाईं’ का अर्थ है समर्थ यानी बड़े आदमी पर कोई दोष नहीं लगाता।
सही उत्तर: (B) साहित्य लहरी
‘साहित्य लहरी’ सूरदास की रचना है। ‘कृष्ण गीतावली’ और ‘दोहावली’ तुलसीदास की हैं।
सही उत्तर: (A) कंजूसी करना
‘पेट काटना’ का अर्थ है अपने ख़र्च में कटौती करके बचाना, यानी कंजूसी करना।
सही उत्तर: (B) नामांकन संख्या
‘Enrolment number’ का हिंदी पर्याय ‘नामांकन संख्या’ है।
सही उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
सूरदास, मीराबाई और रसखान—तीनों कृष्ण भक्त कवि हैं, इसलिए उत्तर ‘एक से अधिक’ है।
सही उत्तर: (C) चे + अन
‘चयन’ = ‘चे’ + ‘अन’। ‘ए’ के बाद भिन्न स्वर आने पर ‘ए’ का ‘अय्’ हो जाता है—यह अयादि संधि है।
सही उत्तर: (C) a-3, b-4, c-2, d-1
‘कंकाल’ जयशंकर प्रसाद की, ‘निर्मला’ प्रेमचंद की, ‘परीक्षा गुरु’ श्रीनिवास दास की और ‘झूठा-सच’ यशपाल की रचना है—यानी a-3, b-4, c-2, d-1।
सही उत्तर: (A) जिसने दुःख नहीं देखा, उसने दुनिया में कुछ नहीं देखा
‘जिसने… उसने…’ में एक उपवाक्य प्रधान है और दूसरा उस पर आश्रित, इसलिए यह मिश्र वाक्य है।
सही उत्तर: (A) माधुर्य
‘मंद-मंद’ की पुनरुक्ति और कोमल, नासिक्य ध्वनियों से पंक्तियाँ मधुर और सरस लगती हैं—यही माधुर्य गुण है। ओज में कठोर वर्ण आते हैं और प्रसाद में अर्थ तुरंत खुल जाता है।
सही उत्तर: (A) तितली
‘तितली’ जयशंकर प्रसाद का उपन्यास है, प्रेमचंद का नहीं। ‘सेवासदन’ और ‘रंगभूमि’ प्रेमचंद की रचनाएँ हैं।
सही उत्तर: (B) रूपक
जब एक वस्तु पर दूसरी वस्तु का आरोप कर दिया जाए—यानी भेद मिटाकर उसे वही कह दिया जाए—तब रूपक अलंकार होता है।
सही उत्तर: (C) व्यंजन संधि
‘परि’ + ‘छेद’ में ‘छ’ के पहले ‘च्’ जुड़ जाता है, इसलिए रूप ‘परिच्छेद’ बनता है—यह व्यंजन संधि है।
सही उत्तर: (A) उत्प्रेक्षा
‘जनु’ यानी ‘मानो’ से यहाँ संभावना की गई है कि फूले हुए कास ऐसे लगते हैं मानो वर्षा ऋतु का बुढ़ापा प्रकट हो गया हो—यही उत्प्रेक्षा अलंकार है।
सही उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं
तीनों वाक्य रचना की दृष्टि से चल जाते हैं, इसलिए इनमें कोई अशुद्ध नहीं है और उत्तर ‘इनमें से कोई नहीं’ है।
सही उत्तर: (B) a-2, b-3, c-4, d-1
‘पृथ्वीराज रासो’ आदिकाल की, ‘पद्मावत’ भक्तिकाल की, ‘बिहारी सतसई’ रीतिकाल की और ‘भारत-भारती’ आधुनिक काल की रचना है—यानी a-2, b-3, c-4, d-1।
सही उत्तर: (C) व्यंजना
जब वाच्यार्थ और लक्ष्यार्थ—दोनों से बात न बने और अर्थ छिपा हुआ निकले, तब वह व्यंजना शब्द-शक्ति कहलाती है।
सही उत्तर: (C) द्विगु समास
‘चौराहा’ = ‘चार राहों का समूह’। पहला पद संख्यावाचक और समस्त पद समूह का बोध कराता है, इसलिए यह द्विगु समास है।
सही उत्तर: (B) समास
दो पूरे शब्दों के संयोग को समास कहते हैं; संधि में तो वर्णों का मेल होता है।
सही उत्तर: (A) अवधी
‘रामचरितमानस’ की भाषा अवधी है।
सही उत्तर: (B) बेवकूफ बनाना
‘चूना लगाना’ का अर्थ है ठग लेना या बेवकूफ बना देना।
सही उत्तर: (A) उपमा
‘सम’ शब्द से यहाँ सीधी तुलना की गई है—तुम्हारे वचन करोड़ों वज्र जैसे हैं। ऐसी तुलना उपमा अलंकार कहलाती है।
सही उत्तर: (B) यति
छंद पढ़ते समय चरण के अंत में जो ठहराव आता है, उसे यति कहते हैं। ‘गति’ लय को और ‘गण’ मात्राओं के समूह को कहते हैं।
सही उत्तर: (B) उससे बैठा नहीं जाता
‘उससे बैठा नहीं जाता’ में न कर्ता प्रधान है न कर्म—केवल भाव प्रधान है, इसलिए यह भाववाच्य है।
सही उत्तर: (B) पुस्तकें
गद्यांश के अनुसार मनुष्य का उच्च चरित्र गढ़ने में पुस्तकें सहायक होती हैं।
सही उत्तर: (C) पुस्तकालय
गद्यांश में पुस्तकालय को विद्या की अक्षय निधियों का स्थान बताया गया है।
सही उत्तर: (C) पुस्तकालय
गद्यांश के अनुसार स्वाध्याय में पुस्तकालय सहायक होता है, क्योंकि वहीं पुस्तकें एक साथ मिलती हैं।
सही उत्तर: (B) पुस्तकों के अध्ययन से
गद्यांश कहता है कि पुस्तकों के अध्ययन से ही हमारा हृदय विशाल और उन्नत बनता है।
सही उत्तर: (A) ज्ञान का सागर
‘ज्ञान-सिंधु’ में ‘सिंधु’ का अर्थ सागर है, इसलिए पूरा अर्थ ‘ज्ञान का सागर’ है।
सही उत्तर: (C) अम्लीय और क्षारीयकरण के कारण
गद्यांश के अनुसार मिट्टी के अम्लीय और क्षारीय हो जाने से भूमि की उत्पादन क्षमता घट जाती है।
सही उत्तर: (C) औद्योगीकरण के कारण
गद्यांश में कृषि योग्य भूमि घटने का कारण औद्योगीकरण बताया गया है—कारख़ाने और बस्तियाँ खेतों पर फैल गईं।
सही उत्तर: (C) शहर
गद्यांश के अनुसार औद्योगीकरण के कारण शहरों की जनसंख्या तेज़ी से बढ़ी है।
सही उत्तर: (A) वनों के विनाश के कारण
गद्यांश कहता है कि वनों के विनाश के कारण हरियाली नष्ट हो गई है।
सही उत्तर: (B) रोजगार के लिए
गद्यांश के अनुसार लोग गाँव छोड़कर रोज़गार की तलाश में शहरों में बसते हैं।
सही उत्तर: (C) शरीर
गद्यांश के अनुसार शरीर-श्रम में शरीर ही लगता है—यही उसकी पहचान है।
सही उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
‘आरोग्य’ का अर्थ रोगमुक्त होना भी है और स्वस्थ होना भी, इसलिए एक से अधिक विकल्प सही हैं।
सही उत्तर: (C) बीमारी एवं कष्ट होना
गद्यांश के अनुसार आलस्य की सजा बीमारी और कष्ट के रूप में मिलती है।
सही उत्तर: (B) श्रम
गद्यांश कहता है कि रोग का प्रभाव श्रम पर पड़ता है—रोगी व्यक्ति काम नहीं कर पाता।
सही उत्तर: (B) शारीरिक श्रम करना
गद्यांश के अनुसार आलस्य को जीतने का उपाय शारीरिक श्रम करना है।
सही उत्तर: (C) चाँदनी
‘चंद्रिका’ का अर्थ है चाँद की किरणें, यानी चाँदनी।
सही उत्तर: (A) पुण्य कृतियों से
गद्यांश के अनुसार मनुष्य की कीर्ति उसके पुण्य कर्मों से फैलती है।
सही उत्तर: (A) मनुष्य के उज्ज्वल कार्य से
गद्यांश कहता है कि पाठक और श्रोता मनुष्य के उज्ज्वल कार्यों से नया पाठ सीखते हैं।
सही उत्तर: (B) स्वावलंबी मनुष्य का
गद्यांश के अनुसार चारण और भाट स्वावलंबी मनुष्य का यशगान करते हैं।
सही उत्तर: (C) उजला
‘धवल’ का अर्थ है उजला या सफ़ेद; ‘श्याम’ इसका विलोम है।
सही उत्तर: (C) आपसी लड़ाई और द्वेष से
गद्यांश के अनुसार आपसी लड़ाई और द्वेष से राष्ट्र की गरिमा घटती है।
सही उत्तर: (C) व्यक्ति
गद्यांश कहता है कि देश की उन्नति व्यक्ति की उन्नति से जुड़ी है—व्यक्ति बढ़े तो देश बढ़ता है।
सही उत्तर: (C) देश की शक्ति और व्यवस्था को बनाए रखने से
गद्यांश के अनुसार देश की शक्ति और व्यवस्था बनाए रखने से ही राष्ट्र की उन्नति संभव है।
सही उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
गद्यांश में देश को पीछे ले जाने वाले कई कारण गिनाए गए हैं—धर्म-जाति का भेद, छोटी बातों पर लड़ना और केवल अपनी उन्नति देखना, इसलिए उत्तर ‘एक से अधिक’ है।
सही उत्तर: (A) मतभेदों को भुलाना
गद्यांश के अनुसार भाईचारे के लिए मतभेदों को भुलाना आवश्यक है।