अभाज्य गुणनखंडन (Prime Factorisation) से जुड़े प्रश्न स्वयं हल करना।
अंकगणित का आधारभूत प्रमेय: 1 से बड़ी हर पूर्ण संख्या को अभाज्य गुणनखंडों के गुणनफल के रूप में एक ही तरह लिखा जा सकता है; केवल गुणनखंडों का क्रम बदल सकता है।
2 अभाज्य है, यानी इसके केवल दो धनात्मक भाजक हैं: 1 और 2। इससे जितनी बार पूरा भाग लगे, देते जाएँ।
360 को 2 से भाग देने पर 180 मिलता है।
360 ÷ 2 = 180
180 को 2 से भाग देने पर 90 मिलता है।
180 ÷ 2 = 90
90 को 2 से भाग देने पर 45 मिलता है।
90 ÷ 2 = 45
3 अभाज्य है, यानी इसके केवल दो धनात्मक भाजक हैं: 1 और 3। इससे जितनी बार पूरा भाग लगे, देते जाएँ।
45 को 3 से भाग देने पर 15 मिलता है।
45 ÷ 3 = 15
15 को 3 से भाग देने पर 5 मिलता है।
15 ÷ 3 = 5
5 अभाज्य है, यानी इसके केवल दो धनात्मक भाजक हैं: 1 और 5। इससे जितनी बार पूरा भाग लगे, देते जाएँ।
5 को 5 से भाग देने पर 1 मिलता है।
5 ÷ 5 = 1
सभी गुणनखंड अभाज्य हैं और इनका गुणनफल मूल संख्या है।
2 × 2 × 2 × 3 × 3 × 5 = 360
360 = 2 × 2 × 2 × 3 × 3 × 5
अंकगणित का आधारभूत प्रमेय: 1 से बड़ी हर पूर्ण संख्या को अभाज्य गुणनखंडों के गुणनफल के रूप में एक ही तरह लिखा जा सकता है; केवल गुणनखंडों का क्रम बदल सकता है।
2 अभाज्य है, यानी इसके केवल दो धनात्मक भाजक हैं: 1 और 2। इससे जितनी बार पूरा भाग लगे, देते जाएँ।
1372 को 2 से भाग देने पर 686 मिलता है।
1372 ÷ 2 = 686
686 को 2 से भाग देने पर 343 मिलता है।
686 ÷ 2 = 343
343 में 2, 3 और 5 से पूरा भाग नहीं लगता। अगली अभाज्य संख्या 7 से भाग दें।
343 को 7 से भाग देने पर 49 मिलता है।
343 ÷ 7 = 49
49 को 7 से भाग देने पर 7 मिलता है।
49 ÷ 7 = 7
7 को 7 से भाग देने पर 1 मिलता है।
7 ÷ 7 = 1
सभी गुणनखंड अभाज्य हैं और इनका गुणनफल मूल संख्या है।
2 × 2 × 7 × 7 × 7 = 1372
1372 = 2 × 2 × 7 × 7 × 7
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