वज्रगुणन विधि से हल करना — नियम समझकर हल और उसकी जाँच करना।
वज्रगुणन, विलोपन की गणना को छोटे सूत्र में लिखता है। सूत्र के चिह्न समीकरण के लिखे रूप पर निर्भर हैं।
D = a₁b₂ − a₂b₁, x = (c₁b₂ − c₂b₁)/D और y = (a₁c₂ − a₂c₁)/D। यह सूत्र D ≠ 0 होने पर प्रयोग होता है।
D = 3·(−2) − 5·2 = −16
x = (12·(−2) − 4·2)/(−16) = (−32)/(−16) = 2
y = (3·4 − 5·12)/(−16) = (−48)/(−16) = 3
x = 2, y = 3
यहाँ ax + by = c वाला रूप रखें और D ≠ 0 देखें। ax + by + c = 0 से c का चिह्न बदलेगा।
वज्रगुणन, विलोपन की गणना को छोटे सूत्र में लिखता है। सूत्र के चिह्न समीकरण के लिखे रूप पर निर्भर हैं।
D = a₁b₂ − a₂b₁, x = (c₁b₂ − c₂b₁)/D और y = (a₁c₂ − a₂c₁)/D। यह सूत्र D ≠ 0 होने पर प्रयोग होता है।
D = 1·(−1) − 1·1 = −2
x = (10·(−1) − 4·1)/(−2) = (−14)/(−2) = 7
y = (1·4 − 1·10)/(−2) = (−6)/(−2) = 3
x = 7, y = 3
यहाँ ax + by = c वाला रूप रखें और D ≠ 0 देखें। ax + by + c = 0 से c का चिह्न बदलेगा।
पहले विकल्प चुनें। फिर उत्तर और उसका कारण देखें। यह समझ की जाँच है।