नियम के कारण से माँगा गया निष्कर्ष लिखें।
वृत्त के किसी बिंदु की स्पर्श रेखा उस बिंदु से जाने वाली त्रिज्या पर लंब होती है।
वृत्त का केंद्र O है; रेखा l, P पर स्पर्श करती है।
OP ⟂ l।
P स्पर्श बिंदु है। नीचे चित्र में l को LM लिखा है। चित्र का समकोण हमारा लक्ष्य दिखाता है; उसे प्रमाण का कारण नहीं मानेंगे।
स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या ⟂ स्पर्श रेखा और एक बाहरी बिंदु से खींचे स्पर्श खंड बराबर होते हैं। हर बराबरी के साथ यही कारण लिखें।
O से l पर लंब का पाद Q लें। मान लें Q और P अलग हैं। तब ΔOQP समकोण त्रिभुज होगा और OP उसका कर्ण होगा।
कर्ण सबसे लंबी भुजा है, इसलिए OQ < OP = त्रिज्या। यानी Q वृत्त के अंदर है। अंदर के बिंदु से गुजरती रेखा वृत्त को दो बिंदुओं पर काटेगी। लेकिन स्पर्श रेखा का केवल एक साझा बिंदु P होता है।
इस विरोध से Q और P अलग नहीं हो सकते। लंब का पाद P ही है; अतः OP ⟂ l।
एक ही बाहरी बिंदु से वृत्त पर खींचे गए दोनों स्पर्शखंड बराबर होते हैं।
O केंद्र वाले वृत्त पर बाहरी बिंदु P से PA और PB स्पर्श रेखाएँ हैं।
PA = PB।
OA, OB और OP जोड़ें। दो समकोण त्रिभुज OAP और OBP बनेंगे।
स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या ⟂ स्पर्श रेखा और एक बाहरी बिंदु से खींचे स्पर्श खंड बराबर होते हैं। हर बराबरी के साथ यही कारण लिखें।
स्पर्श बिंदु की त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लंब होती है। इसलिए ∠OAP = ∠OBP = 90°।
OA = OB, क्योंकि दोनों एक वृत्त की त्रिज्याएँ हैं। OP दोनों का साझा कर्ण है। कर्ण और एक भुजा बराबर होने से RHS द्वारा ΔOAP ≅ ΔOBP।
सर्वांगसम त्रिभुजों की संगत भुजाएँ बराबर हैं। इसलिए PA = PB।
पहले विकल्प चुनें। फिर उत्तर और उसका कारण देखें। यह समझ की जाँच है।