OT त्रिज्या है और PT स्पर्श रेखा (Tangent) है। T पर समकोण होने से OP कर्ण है। चित्र मापानुसार नहीं है।
बाहरी बिंदु P और केंद्र O को जोड़ें, OP का मध्य बिंदु लें और OP को व्यास मानकर वृत्त बनाएँ। प्रतिच्छेद बिंदुओं को P से जोड़ने पर दोनों स्पर्श रेखाएँ मिलती हैं।
वृत्त का केंद्र O, बाहरी बिंदु P और स्पर्श बिंदु T लें। OT त्रिज्या है। स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या, स्पर्श रेखा के लंब होती है, इसलिए ∠OTP=90°।
OP=10 cm और OT=6 cm। समकोण त्रिभुज OTP में OP कर्ण है: PT²=OP²−OT²=10²−6²=64। इसलिए PT=8 cm।
एक ही बाहरी बिंदु से वृत्त पर खींची गई दोनों स्पर्श रेखाएँ बराबर होती हैं। इसलिए दूसरी स्पर्श रेखा की लंबाई भी यही होगी।
8 cm
OT त्रिज्या है और PT स्पर्श रेखा (Tangent) है। T पर समकोण होने से OP कर्ण है। चित्र मापानुसार नहीं है।
बाहरी बिंदु P और केंद्र O को जोड़ें, OP का मध्य बिंदु लें और OP को व्यास मानकर वृत्त बनाएँ। प्रतिच्छेद बिंदुओं को P से जोड़ने पर दोनों स्पर्श रेखाएँ मिलती हैं।
वृत्त का केंद्र O, बाहरी बिंदु P और स्पर्श बिंदु T लें। OT त्रिज्या है। स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या, स्पर्श रेखा के लंब होती है, इसलिए ∠OTP=90°।
OP=6 cm और OT=4 cm। समकोण त्रिभुज OTP में OP कर्ण है: PT²=OP²−OT²=6²−4²=20। इसलिए PT=2√5 cm।
एक ही बाहरी बिंदु से वृत्त पर खींची गई दोनों स्पर्श रेखाएँ बराबर होती हैं। इसलिए दूसरी स्पर्श रेखा की लंबाई भी यही होगी।
2√5 cm
OT त्रिज्या है और PT स्पर्श रेखा (Tangent) है। T पर समकोण होने से OP कर्ण है। चित्र मापानुसार नहीं है।
बाहरी बिंदु P और केंद्र O को जोड़ें, OP का मध्य बिंदु लें और OP को व्यास मानकर वृत्त बनाएँ। प्रतिच्छेद बिंदुओं को P से जोड़ने पर दोनों स्पर्श रेखाएँ मिलती हैं।
वृत्त का केंद्र O, बाहरी बिंदु P और स्पर्श बिंदु T लें। OT त्रिज्या है। स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या, स्पर्श रेखा के लंब होती है, इसलिए ∠OTP=90°।
OP=7 cm और OT=3 cm। समकोण त्रिभुज OTP में OP कर्ण है: PT²=OP²−OT²=7²−3²=40। इसलिए PT=2√10 cm।
एक ही बाहरी बिंदु से वृत्त पर खींची गई दोनों स्पर्श रेखाएँ बराबर होती हैं। इसलिए दूसरी स्पर्श रेखा की लंबाई भी यही होगी।
Q भी केंद्र O से 7 cm दूर है। इसलिए वही गणना QT²=7²−3²=40 लागू होगी। Q से खींची गई स्पर्श रेखाओं की लंबाई भी 2√10 cm होगी।
2√10 cm (दोनों बिंदुओं से समान)
बाहरी बिंदु P और केंद्र O को जोड़ें, OP का मध्य बिंदु लें और OP को व्यास मानकर वृत्त बनाएँ। प्रतिच्छेद बिंदुओं को P से जोड़ने पर दोनों स्पर्श रेखाएँ मिलती हैं।
केंद्र-बिंदु रेखा दोनों स्पर्श रेखाओं के बीच के कोण (60°) को समद्विभाजित करती है, इसलिए आधा कोण = 30°।
त्रिज्या/दूरी = sin30° = 1/2, इसलिए दूरी = त्रिज्या/sin30° = 5/(1/2) = 10 cm।
10 cm
बाहरी बिंदु P से स्पर्श लंबाई PT = √(OP²−r²), क्योंकि OT ⟂ PT।
A से B-केंद्रित वृत्त (त्रिज्या 3) पर स्पर्श रेखा² = 8²−3² = 55, यानी √55 cm।
B से A-केंद्रित वृत्त (त्रिज्या 4) पर स्पर्श रेखा² = 8²−4² = 48, यानी 4√3 cm।
A से (3cm वाले वृत्त पर) = √55 cm; B से (4cm वाले वृत्त पर) = 4√3 cm
B, D और C वृत्त पर हैं। BC व्यास है। AB, B पर त्रिज्या OB के लंब है, इसलिए AB ही स्पर्श रेखा है।
बाहरी बिंदु P से स्पर्श लंबाई PT = √(OP²−r²), क्योंकि OT ⟂ PT।
BD, AC पर लंब है और D, AC पर है। इसलिए ∠BDC=90°। वृत्त पर बने इस समकोण के सामने BC है, अतः BC वृत्त का व्यास (Diameter) है। केंद्र O, BC के मध्य-बिंदु पर होगा।
दिया है AB⊥BC। OB भी BC पर है, इसलिए AB⊥OB। वृत्त के बिंदु B पर त्रिज्या OB के लंब रेखा AB, वृत्त की स्पर्श रेखा है।
A से स्पर्श बिंदु B तक लंबाई AB=6 cm दी गई है। इसलिए माँगी गई स्पर्श रेखा की लंबाई 6 cm है।
6 cm