मध्यम रूप से विषम बंटन के लिए 3×माध्यिका = बहुलक + 2×माध्य।
यहाँ f बारंबारता (Frequency), यानी उस वर्ग की गिनती है; x उस वर्ग का मध्य-बिंदु है। Σ का अर्थ सभी मानों को जोड़ना है। इसलिए Σfx, सभी f×x का योग और N सभी बारंबारताओं का योग है। माध्य (Mean)=Σfx/N।
हर वर्ग का मध्य = (निचली सीमा + ऊपरी सीमा)/2। क्रम से x: 1, 3, 5, 7, 9, 11, 13।
उसी क्रम में f × x: 1, 6, 5, 35, 54, 22, 39। कुल N=20; Σfx=162।
माध्य = Σfx/N = 162/20 = 8.1000 (लगभग)।
माध्य = 8.1 — चूँकि xᵢ और fᵢ छोटे हैं, प्रत्यक्ष विधि उपयुक्त है।
मध्यम रूप से विषम बंटन के लिए 3×माध्यिका = बहुलक + 2×माध्य।
यहाँ f बारंबारता (Frequency), यानी उस वर्ग की गिनती है; x उस वर्ग का मध्य-बिंदु है। Σ का अर्थ सभी मानों को जोड़ना है। इसलिए Σfx, सभी f×x का योग और N सभी बारंबारताओं का योग है। माध्य (Mean)=Σfx/N।
हर वर्ग का मध्य = (निचली सीमा + ऊपरी सीमा)/2। क्रम से x: 110, 130, 150, 170, 190।
उसी क्रम में f × x: 1320, 1820, 1200, 1020, 1900। कुल N=50; Σfx=7260।
माध्य = Σfx/N = 7260/50 = 145.2000 (लगभग)।
माध्य = 726/5 = ₹145.20।
मध्यम रूप से विषम बंटन के लिए 3×माध्यिका = बहुलक + 2×माध्य।
यहाँ f बारंबारता (Frequency), यानी उस वर्ग की गिनती है; x उस वर्ग का मध्य-बिंदु है। Σ का अर्थ सभी मानों को जोड़ना है। इसलिए Σfx, सभी f×x का योग और N सभी बारंबारताओं का योग है। माध्य (Mean)=Σfx/N।
11–13 का मध्य 12 है। इसी तरह क्रम से x: 12,14,16,18,20,22,24।
कुल बारंबारता N = 7+6+9+13+f+5+4 = 44+f। Σfx = 7×12+6×14+9×16+13×18+20f+5×22+4×24 = 752+20f।
18=(752+20f)/(44+f)। गुणा करने पर 792+18f=752+20f। इसलिए 40=2f और f=20।
N=64 और Σfx=1152। 1152/64=18, दिया माध्य मिल गया।
लुप्त बारंबारता f=20।
मध्यम रूप से विषम बंटन के लिए 3×माध्यिका = बहुलक + 2×माध्य।
यहाँ f बारंबारता (Frequency), यानी उस वर्ग की गिनती है; x उस वर्ग का मध्य-बिंदु है। Σ का अर्थ सभी मानों को जोड़ना है। इसलिए Σfx, सभी f×x का योग और N सभी बारंबारताओं का योग है। माध्य (Mean)=Σfx/N।
हर वर्ग का मध्य = (निचली सीमा + ऊपरी सीमा)/2। क्रम से x: 66.5, 69.5, 72.5, 75.5, 78.5, 81.5, 84.5।
उसी क्रम में f × x: 133, 278, 217.5, 604, 549.5, 326, 169। कुल N=30; Σfx=2277।
माध्य = Σfx/N = 2277/30 = 75.9000 (लगभग)।
माध्य = 759/10 = 75.9।
मध्यम रूप से विषम बंटन के लिए 3×माध्यिका = बहुलक + 2×माध्य।
यहाँ f बारंबारता (Frequency), यानी उस वर्ग की गिनती है; x उस वर्ग का मध्य-बिंदु है। Σ का अर्थ सभी मानों को जोड़ना है। इसलिए Σfx, सभी f×x का योग और N सभी बारंबारताओं का योग है। माध्य (Mean)=Σfx/N।
हर वर्ग का मध्य = (निचली सीमा + ऊपरी सीमा)/2। क्रम से x: 0.02, 0.06, 0.1, 0.14, 0.18, 0.22।
उसी क्रम में f × x: 0.08, 0.54, 0.9, 0.28, 0.72, 0.44। कुल N=30; Σfx=2.96।
माध्य = Σfx/N = 2.96/30 = 0.0987 (लगभग)।
माध्य = 37/375 ≈ 0.099 ppm।
मध्यम रूप से विषम बंटन के लिए 3×माध्यिका = बहुलक + 2×माध्य।
यहाँ f बारंबारता (Frequency), यानी उस वर्ग की गिनती है; x उस वर्ग का मध्य-बिंदु है। Σ का अर्थ सभी मानों को जोड़ना है। इसलिए Σfx, सभी f×x का योग और N सभी बारंबारताओं का योग है। माध्य (Mean)=Σfx/N।
हर वर्ग का मध्य = (निचली सीमा + ऊपरी सीमा)/2। क्रम से x: 50, 60, 70, 80, 90।
उसी क्रम में f × x: 150, 600, 770, 640, 270। कुल N=35; Σfx=2430।
माध्य = Σfx/N = 2430/35 = 69.4286 (लगभग)।
माध्य = 486/7 ≈ 69.43%।