📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)लोहे की साफ कील को नीले कॉपर सल्फेट विलयन में रखें। कुछ समय बाद कील पर भूरी कॉपर की परत और विलयन में हल्का हरा रंग दिखता है।
🧠 समझिए (Understand)अधिक क्रियाशील तत्व किसी यौगिक से कम क्रियाशील तत्व को हटाए तो विस्थापन (Displacement) अभिक्रिया है।
दो यौगिक अपने आयन की जोड़ी बदलें तो द्विविस्थापन (Double displacement) अभिक्रिया है।
यदि अघुलनशील ठोस बने तो उसे अवक्षेप (Precipitate) कहते हैं और अभिक्रिया अवक्षेपण अभिक्रिया भी है।
उदाहरण 1 (Example 1) — लोहा और कॉपर सल्फेटFe, कॉपर से अधिक क्रियाशील है।
Fe, CuSO₄ से Cu को हटाकर FeSO₄ बनाता है।
नीला विलयन हल्का हरा होता है और कॉपर की भूरी परत जमती है।
Fe(s) + CuSO₄(aq) → FeSO₄(aq) + Cu(s)
उदाहरण 2 (Example 2) — सोडियम सल्फेट और बेरियम क्लोराइडदो रंगहीन विलयन मिलाने पर सफेद अघुलनशील ठोस बनता है।
Ba²⁺, SO₄²⁻ के साथ BaSO₄ बनाता है; Na⁺, Cl⁻ के साथ NaCl बनाता है।
BaSO₄ पानी में नहीं घुलता, इसलिए यही सफेद अवक्षेप है।
Na₂SO₄(aq) + BaCl₂(aq) → BaSO₄(s)↓ + 2NaCl(aq)
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)Fe + CuSO₄ को द्विविस्थापन कहना। ❌
यहाँ Fe अकेला तत्व है और Cu को हटाता है; दो यौगिक आयन नहीं बदल रहे।
Fe + CuSO₄ एक विस्थापन अभिक्रिया है।