📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)खाने के सोडे पर नींबू का रस डालते ही झाग के साथ बुलबुले उठते हैं। यही बुदबुदाहट (Effervescence) रसोई में भी दिखती है और प्रयोगशाला में भी।
यदि यह गैस चूने के पानी में से गुज़ारी जाए तो वह दूधिया हो जाता है—यही इसकी पहचान है।
🧠 समझिए (Understand)सभी धातु कार्बोनेट और धातु हाइड्रोजनकार्बोनेट अम्ल से अभिक्रिया करके संगत लवण, कार्बन डाइऑक्साइड और जल देते हैं।
निकली CO₂ चूने के पानी में सफेद अवक्षेप कैल्सियम कार्बोनेट बनाती है, इसलिए वह दूधिया दिखता है।
अधिक मात्रा में CO₂ गुज़ारने पर यह सफेद अवक्षेप घुलनशील कैल्सियम हाइड्रोजनकार्बोनेट बनकर फिर से घुल जाता है और दूधियापन मिट जाता है।
चूना पत्थर, खड़िया और संगमरमर—तीनों कैल्सियम कार्बोनेट के ही रूप हैं।
उदाहरण 1 (Example 1) — सोडियम कार्बोनेट और तनु HClपरखनली A में Na₂CO₃ लेकर उस पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डाला गया।
लवण सोडियम क्लोराइड बनेगा, साथ में कार्बन डाइऑक्साइड और जल।
Na और Cl बराबर करने के लिए HCl तथा NaCl दोनों के आगे 2 लगेगा।
Na₂CO₃(s) + 2HCl(aq) → 2NaCl(aq) + H₂O(l) + CO₂(g)
उदाहरण 2 (Example 2) — चूने के पानी से गैस की जाँचऊपर निकली गैस को चूने के पानी में से गुज़ारा गया।
Ca(OH)₂(aq) + CO₂(g) → CaCO₃(s) + H₂O(l); सफेद अवक्षेप के कारण पानी दूधिया हो जाता है।
CaCO₃(s) + H₂O(l) + CO₂(g) → Ca(HCO₃)₂(aq); यह जल में घुलनशील है, इसलिए दूधियापन खत्म हो जाता है।
थोड़ी CO₂ पर दूधिया, अधिक CO₂ पर फिर साफ।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)चूने का पानी दूधिया होकर हमेशा वैसा ही रहता है। ❌
अधिक CO₂ गुज़ारने पर अवक्षेप घुलकर Ca(HCO₃)₂ बन जाता है और पानी फिर साफ दिखने लगता है।
थोड़ी CO₂ → दूधिया; अधिक CO₂ → फिर साफ।