📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)जस्ते के दानों पर तनु सल्फ्यूरिक अम्ल डालते ही सतह पर बुलबुले उठने लगते हैं। ये बुलबुले किसी गैस के हैं, पर किस गैस के?
साबुन के घोल से गुज़ारकर इस गैस के बुलबुले बनाइए और उनके पास जलती मोमबत्ती ले जाइए—वे 'पॉप' की आवाज़ के साथ जल उठते हैं।
🧠 समझिए (Understand)धातु अम्ल में से हाइड्रोजन को विस्थापित कर देती है, इसलिए हाइड्रोजन गैस निकलती है।
धातु अम्ल के बचे हुए भाग से जुड़कर एक यौगिक बनाती है जिसे लवण (Salt) कहते हैं।
जलती तीली के पास 'पॉप' की आवाज़ हाइड्रोजन गैस की पहचान है।
कुछ धातुएँ क्षारक से भी अभिक्रिया करके हाइड्रोजन देती हैं, पर ऐसा सभी धातुओं के साथ संभव नहीं है।
उदाहरण 1 (Example 1) — जस्ता और तनु सल्फ्यूरिक अम्लपरखनली में तनु H₂SO₄ लेकर उसमें जस्ते के कुछ दाने डाले गए।
अभिकारक जस्ता और सल्फ्यूरिक अम्ल हैं। उत्पाद जिंक सल्फेट और हाइड्रोजन हैं।
Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂; दोनों ओर Zn, S, O और H की गिनती पहले से ही बराबर है।
Zn(s) + H₂SO₄(aq) → ZnSO₄(aq) + H₂(g)
उदाहरण 2 (Example 2) — जस्ता और सोडियम हाइड्रॉक्साइडपरखनली में जस्ते के दानों पर NaOH विलयन डालकर गर्म किया गया।
यहाँ भी बुलबुले उठते हैं और हाइड्रोजन गैस बनती है।
बनने वाला लवण सोडियम जिंकेट (Sodium zincate) है।
2NaOH + Zn → Na₂ZnO₂ + H₂
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)अम्ल और धातु की अभिक्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड निकलती है। ❌
CO₂ तब निकलती है जब अम्ल कार्बोनेट या हाइड्रोजनकार्बोनेट से मिलता है, धातु से नहीं।
धातु के साथ हमेशा हाइड्रोजन निकलती है, जिसकी पहचान 'पॉप' की आवाज़ है।
अम्ल + धातु → लवण + H₂