सही विकल्प: (B) कार्बन डाइऑक्साइड
चूने के पानी का दूधिया होना CO₂ की पहचान है।
तीनों में लाल लिटमस डालें। जिसमें यह नीला हो जाए, वही क्षारीय विलयन है। बाकी दो में कोई बदलाव नहीं होगा।
क्षारीय विलयन में नीला हुआ यही पत्र अब नीले लिटमस की तरह काम करेगा।
इस नीले पत्र को दोनों में डालें। जिसमें यह लाल हो जाए वह अम्ल है; जिसमें नीला ही रहे वह आसुत जल है।
उत्तर: पहले लाल लिटमस से क्षारक पहचानिए, फिर उसी से बने नीले लिटमस से अम्ल और आसुत जल अलग कीजिए।
दही और खट्टे पदार्थों में अम्ल होता है।
यह अम्ल पीतल और ताँबे की धातु से अभिक्रिया कर लेता है।
उत्तर: अभिक्रिया से बने विषैले यौगिक भोजन में मिल जाते हैं और भोजन खाने योग्य नहीं रहता, इसलिए इन बर्तनों में खट्टे पदार्थ नहीं रखते।
धातु अम्ल में से हाइड्रोजन को विस्थापित करती है, इसलिए हाइड्रोजन गैस निकलती है।
Zn(s) + H₂SO₄(aq) → ZnSO₄(aq) + H₂(g)
निकली गैस के पास जलती हुई तीली ले जाइए।
उत्तर: हाइड्रोजन गैस निकलती है। जलती तीली के पास यह 'पॉप' की आवाज़ के साथ जलती है—यही इसकी पहचान है।
धातु ऑक्साइड अम्ल से लवण और जल देता है, इसलिए कॉपर क्लोराइड और जल बनेंगे।
CuO में O एक है, इसलिए HCl के आगे 2 लगाइए।
उत्तर: CuO + 2HCl → CuCl₂ + H₂O। बनने वाले कॉपर क्लोराइड के कारण विलयन नीला-हरा हो जाता है।
जो गैस जलती मोमबत्ती बुझा दे, वह कार्बन डाइऑक्साइड है।
CO₂ तभी निकलती है जब अम्ल किसी कार्बोनेट से मिले, और लवण कैल्सियम क्लोराइड बना है। इसलिए A कैल्सियम कार्बोनेट (CaCO₃) है।
CaCO₃ + HCl → CaCl₂ + H₂O + CO₂ में Cl बराबर करने के लिए HCl के आगे 2 लगाइए।
उत्तर: CaCO₃(s) + 2HCl(aq) → CaCl₂(aq) + H₂O(l) + CO₂(g)