📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)काले कॉपर ऑक्साइड पर धीरे-धीरे तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डालते हुए हिलाइए। काला चूर्ण घुलता जाता है और विलयन नीला-हरा हो जाता है।
यह रंग कॉपर क्लोराइड के बनने का संकेत है—ठीक वैसे ही जैसे क्षारक अम्ल से मिलकर लवण बनाता है।
🧠 समझिए (Understand)धातु ऑक्साइड अम्ल से अभिक्रिया करके लवण और जल देते हैं, यानी वे क्षारक की तरह व्यवहार करते हैं। इसलिए इन्हें क्षारकीय ऑक्साइड (Basic oxides) कहते हैं।
अधातु ऑक्साइड क्षारक से अभिक्रिया करके लवण और जल देते हैं, इसलिए वे अम्लीय ऑक्साइड (Acidic oxides) कहलाते हैं।
CO₂ का चूने के पानी से मिलना इसी का उदाहरण है: एक अधातु ऑक्साइड एक क्षारक से मिलकर लवण और जल बना रहा है।
उदाहरण 1 (Example 1) — कॉपर ऑक्साइड और हाइड्रोक्लोरिक अम्लकाले कॉपर ऑक्साइड में तनु HCl मिलाने पर विलयन नीला-हरा हो गया।
कॉपर क्लोराइड और जल बनते हैं; नीला-हरा रंग कॉपर क्लोराइड का है।
CuO में O एक है, इसलिए HCl के आगे 2 लगाने पर दोनों ओर H और Cl बराबर हो जाते हैं।
CuO + 2HCl → CuCl₂ + H₂O
धातु ऑक्साइड ने क्षारक की तरह व्यवहार किया, इसलिए यह क्षारकीय ऑक्साइड है।
उदाहरण 2 (Example 2) — कार्बन डाइऑक्साइड और चूने का पानीCO₂ को कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड विलयन में से गुज़ारा गया।
CO₂ अधातु का ऑक्साइड है और Ca(OH)₂ एक क्षारक है।
Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃ + H₂O; यानी लवण और जल बने।
अधातु ऑक्साइड ने अम्ल की तरह व्यवहार किया, इसलिए यह अम्लीय ऑक्साइड है।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)हर ऑक्साइड अम्लीय होता है। ❌
ऑक्साइड की प्रकृति इस बात पर निर्भर है कि वह धातु का है या अधातु का।
धातु ऑक्साइड क्षारकीय; अधातु ऑक्साइड अम्लीय।