📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल वाली परखनलियों में अलग-अलग धातुएँ डालकर थर्मामीटर लगाया गया। मैग्नीशियम में बुलबुले सबसे तेज़ी से बने और तापमान सबसे अधिक चढ़ा।
ताँबे वाली परखनली में न बुलबुले दिखे, न तापमान बदला—मानो कुछ हुआ ही न हो।
🧠 समझिए (Understand)धातु तनु अम्ल से अभिक्रिया करके लवण और हाइड्रोजन गैस देती है।
सभी धातुएँ एक जैसी तेज़ी नहीं दिखातीं। क्रियाशीलता इस क्रम में घटती है: Mg > Al > Zn > Fe।
ताँबा तनु HCl से अभिक्रिया नहीं करता, क्योंकि वह सक्रियता श्रेणी में हाइड्रोजन से नीचे है।
नाइट्रिक अम्ल के साथ सामान्यतः हाइड्रोजन नहीं निकलती, क्योंकि HNO₃ प्रबल ऑक्सीकारक है। वह बनी H₂ को ऑक्सीकृत करके जल बना देता है और स्वयं अपचयित होकर नाइट्रोजन के ऑक्साइड (N₂O, NO, NO₂) देता है।
मैग्नीशियम और मैंगनीज़ इसके अपवाद हैं—ये अत्यंत तनु HNO₃ से H₂ गैस देते हैं।
उदाहरण 1 (Example 1) — मैग्नीशियम, ऐलुमिनियम, जिंक और लोहाचारों को अलग-अलग तनु HCl में डाला गया।
Mg + 2HCl → MgCl₂ + H₂ तथा Zn + 2HCl → ZnCl₂ + H₂
2Al + 6HCl → 2AlCl₃ + 3H₂ तथा Fe + 2HCl → FeCl₂ + H₂
बुलबुलों की गति और तापमान से क्रियाशीलता का क्रम Mg > Al > Zn > Fe निकलता है।
चारों लवण और हाइड्रोजन देते हैं, पर अलग-अलग तेज़ी से।
उदाहरण 2 (Example 2) — ताँबा और तनु HClताँबे के टुकड़े पर तनु HCl डाला गया और बीस मिनट तक देखा गया।
न बुलबुले बने, न तापमान बदला।
ताँबा सक्रियता श्रेणी में हाइड्रोजन से नीचे है, इसलिए वह अम्ल से हाइड्रोजन विस्थापित नहीं कर सकता।
ताँबा तनु HCl से कोई अभिक्रिया नहीं करता।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)धातु और तनु नाइट्रिक अम्ल से भी हाइड्रोजन निकलती है। ❌
HNO₃ प्रबल ऑक्सीकारक है और बनी H₂ को जल में बदल देता है।
केवल Mg और Mn अत्यंत तनु HNO₃ से H₂ देते हैं।
तनु HCl या H₂SO₄ से H₂ मिलती है; HNO₃ से सामान्यतः नहीं।