सही विकल्प: (C) भंगुरता
भंगुरता (brittleness) अधातुओं का गुण है; धातुएँ पीटने पर टूटती नहीं, फैलती हैं।
पारा (Mercury) ही वह धातु है जो कमरे के ताप पर द्रव रहती है।
सोडियम और पोटैशियम इतने मुलायम हैं कि चाकू से कट जाते हैं।
ऊष्मा की सर्वोत्तम चालक चाँदी है; लेड और पारा तुलना में कुचालक हैं।
उत्तर: (i) पारा, (ii) सोडियम, (iii) चाँदी, (iv) लेड।
जिस गुण के कारण धातु को पीटकर पतली चादर में बदला जा सके, उसे आघातवर्ध्यता कहते हैं।
जिस गुण के कारण धातु को खींचकर पतले तार में बदला जा सके, उसे तन्यता कहते हैं।
उत्तर: आघातवर्ध्य वह धातु है जिसकी चादर बन सके (जैसे सोना, चाँदी) और तन्य वह है जिसका तार खिंच सके (जैसे सोना)। इन्हीं दो गुणों के कारण धातुओं को मनचाहा आकार दिया जा सकता है।
भौतिक गुण सामान्य प्रवृत्ति बताते हैं, पर हर तत्व उन पर खरा नहीं उतरता।
पारा धातु होकर भी द्रव है; आयोडीन अधातु होकर भी चमकीली है; ग्रेफाइट अधातु होकर भी विद्युत का चालन करता है। गैलियम और सीज़ियम हथेली पर पिघल जाते हैं।
उत्तर: क्योंकि अनेक अपवाद हैं, इसलिए भरोसेमंद वर्गीकरण रासायनिक गुणों से किया जाता है—मुख्यतः यह देखकर कि तत्व का ऑक्साइड अम्लीय है या क्षारकीय।