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वायु में जलना और उभयधर्मी ऑक्साइड

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आज क्या सीखेंगे

धातु ऑक्साइड की प्रकृति पहचानना और उभयधर्मी ऑक्साइड को अलग कर पाना।

📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)
मैग्नीशियम रिबन चकाचौंध करती सफेद लौ के साथ जलता है, ताँबा जलता नहीं पर गर्म करने पर उस पर काली परत चढ़ जाती है, और सोना-चाँदी ऊँचे ताप पर भी ऑक्सीजन से अभिक्रिया नहीं करते।
यानी हर धातु ऑक्सीजन के साथ एक जैसा व्यवहार नहीं करती—और यही अंतर आगे सक्रियता श्रेणी बनाने में काम आएगा।
🧠 समझिए (Understand)
लगभग सभी धातुएँ ऑक्सीजन से मिलकर धातु ऑक्साइड बनाती हैं।
अधिकांश धातु ऑक्साइड क्षारकीय प्रकृति के होते हैं।
कुछ धातु ऑक्साइड, जैसे ऐलुमिनियम ऑक्साइड और जिंक ऑक्साइड, अम्ल और क्षारक दोनों से अभिक्रिया करके लवण और जल देते हैं। ऐसे ऑक्साइड उभयधर्मी ऑक्साइड (Amphoteric oxides) कहलाते हैं।
अधिकांश धातु ऑक्साइड जल में अघुलनशील हैं, पर सोडियम ऑक्साइड और पोटैशियम ऑक्साइड जल में घुलकर क्षार बनाते हैं।
क्रियाशीलता अलग-अलग है: पोटैशियम और सोडियम इतने क्रियाशील हैं कि खुले में रखने पर आग पकड़ लेते हैं, इसलिए उन्हें मिट्टी के तेल में डुबोकर रखा जाता है। मैग्नीशियम, ऐलुमिनियम, जिंक और लेड पर साधारण ताप पर ऑक्साइड की पतली सुरक्षात्मक परत बन जाती है, जो आगे ऑक्सीकरण रोक देती है।
लोहा गर्म करने पर जलता नहीं, पर लोहे का बुरादा लौ में छिड़कने पर तेज़ी से जलता है। ताँबा जलता नहीं, केवल काली CuO की परत चढ़ती है। चाँदी और सोना ऑक्सीजन से अभिक्रिया करते ही नहीं।
सूत्र (Formula)
धातु + ऑक्सीजन → धातु ऑक्साइड
✍️ कैसे करें (How to solve)
  1. धातु और ऑक्सीजन से ऑक्साइड का सूत्र लिखिए।
  2. संयोजकता देखकर समीकरण संतुलित कीजिए।
  3. पूछिए कि यह ऑक्साइड अम्ल से अभिक्रिया करता है, क्षारक से, या दोनों से।
  4. दोनों से करे तो वह उभयधर्मी है।
उदाहरण 1 (Example 1) — ताँबे और ऐलुमिनियम का ऑक्सीकरण
ताँबे को हवा में गर्म किया गया और ऐलुमिनियम को ऑक्सीजन में जलाया गया।
2Cu + O₂ → 2CuO; बनने वाला कॉपर(II) ऑक्साइड काले रंग का है।
4Al + 3O₂ → 2Al₂O₃; दोनों ओर Al = 4 और O = 6 हैं।
2Cu + O₂ → 2CuO तथा 4Al + 3O₂ → 2Al₂O₃
उदाहरण 2 (Example 2) — ऐलुमिनियम ऑक्साइड उभयधर्मी क्यों है
Al₂O₃ को अलग-अलग बार अम्ल और क्षारक के साथ रखा गया।
Al₂O₃ + 6HCl → 2AlCl₃ + 3H₂O; यानी यह क्षारक की तरह व्यवहार कर रहा है।
Al₂O₃ + 2NaOH → 2NaAlO₂ + H₂O; यहाँ बना लवण सोडियम ऐलुमिनेट है, यानी यह अम्ल की तरह व्यवहार कर रहा है।
दोनों से लवण और जल बने, इसलिए यह उभयधर्मी ऑक्साइड है।
Al₂O₃ और ZnO उभयधर्मी ऑक्साइड के दो मानक उदाहरण हैं।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)
सभी धातु ऑक्साइड केवल क्षारकीय होते हैं। ❌
ऐलुमिनियम ऑक्साइड और जिंक ऑक्साइड दोनों तरह का व्यवहार दिखाते हैं।
अधिकांश धातु ऑक्साइड क्षारकीय हैं, पर Al₂O₃ और ZnO उभयधर्मी हैं।

खुद जाँचें — 3 छोटे सवाल

पहले विकल्प चुनें। फिर उत्तर और उसका कारण देखें। यह समझ की जाँच है।

सवाल 1

निम्न में उभयधर्मी ऑक्साइड कौन-सा है?

सवाल 2

सोडियम को मिट्टी के तेल में क्यों रखा जाता है?

सवाल 3

ताँबे को हवा में गर्म करने पर उस पर किस रंग की परत चढ़ती है?
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