📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)एथेनॉइक अम्ल का 5 से 8 प्रतिशत विलयन सिरका (Vinegar) कहलाता है, जो अचार बनाने में काम आता है।
शुद्ध एथेनॉइक अम्ल ठंड में बर्फ जैसा जम जाता है, इसलिए इसे ग्लेशियल ऐसीटिक अम्ल भी कहते हैं।
🧠 समझिए (Understand)एथेनॉइक अम्ल का सूत्र CH₃COOH है और इसका प्रकार्यात्मक समूह −COOH यानी कार्बोक्सिल है।
एथनॉल के साथ अम्ल उत्प्रेरक की उपस्थिति में गर्म करने पर यह मीठी गंध वाला एस्टर बनाता है। इसे एस्टरीकरण (Esterification) कहते हैं।
एस्टर को सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ गर्म करने पर वह वापस ऐल्कोहॉल और अम्ल के लवण में बदल जाता है। इस अभिक्रिया को साबुनीकरण (Saponification) कहते हैं, क्योंकि इसी से साबुन बनता है।
एथेनॉइक अम्ल सोडियम हाइड्रॉक्साइड से अभिक्रिया करके सोडियम एथेनोएट और जल देता है।
कार्बोनेट तथा हाइड्रोजनकार्बोनेट से अभिक्रिया करके यह लवण, कार्बन डाइऑक्साइड और जल देता है। निकली CO₂ चूने के पानी को दूधिया कर देती है।
खनिज अम्लों की तुलना में यह दुर्बल अम्ल है, इसलिए जल में कम आयनित होता है।
उदाहरण 1 (Example 1) — एस्टरीकरणएथेनॉइक अम्ल और एथनॉल को सांद्र H₂SO₄ के साथ गर्म किया गया।
दोनों मिलकर एथिल एथेनोएट बनाते हैं, जिसकी गंध मीठी होती है।
एस्टर मुख्यतः इत्र बनाने और सुगंध देने में काम आते हैं।
CH₃COOH + C₂H₅OH → CH₃COOC₂H₅ + H₂O
उदाहरण 2 (Example 2) — ऐल्कोहॉल और कार्बोक्सिलिक अम्ल में अंतरप्रयोग से दोनों को कैसे अलग पहचानें?
दोनों की थोड़ी मात्रा अलग-अलग परखनलियों में लेकर उनमें सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट डालिए।
जिसमें बुदबुदाहट हो और निकली गैस चूने के पानी को दूधिया कर दे, वही कार्बोक्सिलिक अम्ल है।
ऐल्कोहॉल में कोई बुदबुदाहट नहीं होगी; यही निर्णायक जाँच है।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)एथेनॉइक अम्ल प्रबल अम्ल है। ❌
खनिज अम्लों की तुलना में यह दुर्बल अम्ल है और जल में कम आयनित होता है।
एथेनॉइक अम्ल एक दुर्बल अम्ल है।