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आज क्या सीखेंगे
हीरा, ग्रेफाइट और फुलरीन की संरचना से उनके गुणों का कारण जोड़ना।
📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)
हीरा सबसे कठोर ज्ञात पदार्थ है और ग्रेफाइट चिकना तथा फिसलनशील। दोनों में कार्बन के सिवा कुछ नहीं है।
फिर इतना अंतर क्यों? उत्तर इस बात में है कि कार्बन के परमाणु आपस में किस तरह जुड़े हैं।
🧠 समझिए (Understand)
एक ही तत्व के वे रूप जिनके भौतिक गुण अलग-अलग पर रासायनिक गुण समान हों, अपररूप (Allotropes) कहलाते हैं।
हीरे में कार्बन का प्रत्येक परमाणु चार अन्य कार्बन परमाणुओं से आबंधित होता है, जिससे दृढ़ त्रिआयामी संरचना बनती है। इसी दृढ़ता के कारण हीरा सबसे कठोर है।
ग्रेफाइट में प्रत्येक कार्बन परमाणु एक ही तल पर तीन अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है, जिससे षट्कोणीय व्यूह बनता है। इनमें से एक आबंध द्वि-आबंधी होता है, जिससे संयोजकता पूरी होती है।
ग्रेफाइट में षट्कोणीय तल एक-दूसरे के ऊपर व्यवस्थित होते हैं और आसानी से फिसल जाते हैं, इसलिए यह चिकना लगता है। अधातु होते हुए भी यह विद्युत का सुचालक है।
फुलरीन अपररूपों का एक अन्य वर्ग है। सबसे पहले C-60 पहचाना गया, जिसमें कार्बन परमाणु फुटबॉल के आकार में व्यवस्थित होते हैं।
शुद्ध कार्बन को बहुत अधिक दाब और ताप पर रखकर हीरा संश्लेषित किया जा सकता है। ये संश्लिष्ट हीरे आकार में छोटे होते हैं पर प्राकृतिक हीरों से अभेद्य होते हैं।
✍️ कैसे करें (How to solve)
पहले पूछिए कि एक कार्बन परमाणु कितने अन्य कार्बन से जुड़ा है।
चार से जुड़ा हो तो त्रिआयामी और कठोर; तीन से जुड़ा हो तो तल और फिसलनशील।
उसी से कठोरता, चिकनाहट और चालकता का कारण लिखिए।
उदाहरण 1 (Example 1) — ग्रेफाइट विद्युत का चालन क्यों करता है
अधातुएँ सामान्यतः कुचालक होती हैं, फिर ग्रेफाइट अपवाद क्यों है?
ग्रेफाइट में हर कार्बन केवल तीन अन्य कार्बन से जुड़ा है, इसलिए चौथा इलेक्ट्रॉन आबंधन में नहीं बँधा रहता।
यही मुक्त इलेक्ट्रॉन तल के भीतर चल सकते हैं और धारा प्रवाहित कर देते हैं।
ग्रेफाइट अधातु होकर भी विद्युत का सुचालक है।
उदाहरण 2 (Example 2) — हीरा कठोर क्यों है
काँच काटने और ड्रिल बनाने में हीरे का प्रयोग होता है।
हीरे में हर कार्बन परमाणु चार अन्य कार्बन परमाणुओं से प्रबल सहसंयोजी आबंध बनाता है।
इससे पूरे क्रिस्टल में एक दृढ़ त्रिआयामी जाल बन जाता है, जिसे तोड़ना बहुत कठिन है।
यही दृढ़ संरचना हीरे को अब तक का सबसे कठोर ज्ञात पदार्थ बनाती है।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)
हीरा और ग्रेफाइट अलग-अलग तत्व हैं। ❌
दोनों शुद्ध कार्बन हैं; अंतर केवल परमाणुओं के जुड़ने के तरीके का है।
इसीलिए इनके रासायनिक गुण समान और भौतिक गुण अलग हैं।
हीरा, ग्रेफाइट और फुलरीन कार्बन के अपररूप हैं।
खुद जाँचें — 3 छोटे सवाल
पहले विकल्प चुनें। फिर उत्तर और उसका कारण देखें। यह समझ की जाँच है।