📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)पिछले अध्याय में हमने देखा कि सोडियम इलेक्ट्रॉन देकर और क्लोरीन लेकर आयन बना लेते हैं। पर कार्बन न दे पाता है, न ले पाता है।
कारण साफ है: कार्बन के बाहरी कोश में चार इलेक्ट्रॉन हैं, इसलिए उसे या तो चार लेने होंगे या चार देने होंगे—और दोनों ही बहुत कठिन हैं।
🧠 समझिए (Understand)कार्बन की परमाणु संख्या 6 है और उसके बाहरी कोश में चार इलेक्ट्रॉन होते हैं।
चार इलेक्ट्रॉन लेकर C⁴⁻ बनाना कठिन है, क्योंकि छह प्रोटॉन वाले नाभिक के लिए दस इलेक्ट्रॉन सँभालना मुश्किल होगा। चार इलेक्ट्रॉन खोकर C⁴⁺ बनाने के लिए बहुत अधिक ऊर्जा चाहिए।
इसलिए कार्बन अपने संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी कर लेता है। दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉन के एक युग्म की साझेदारी से बना आबंध सहसंयोजी आबंध (Covalent bond) कहलाता है।
साझा किए गए इलेक्ट्रॉन दोनों परमाणुओं के बाहरी कोश के माने जाते हैं, इसलिए दोनों को उत्कृष्ट गैस विन्यास मिल जाता है।
एक साझा युग्म से एकल आबंध, दो युग्मों से द्वि-आबंध और तीन युग्मों से त्रि-आबंध बनता है।
सहसंयोजी यौगिकों के अणु के भीतर आबंध प्रबल होता है, पर अणुओं के बीच का बल दुर्बल। इसीलिए इनके गलनांक और क्वथनांक कम होते हैं और ये सामान्यतः विद्युत के कुचालक होते हैं—इनमें आयन बनते ही नहीं।
उदाहरण 1 (Example 1) — ऑक्सीजन के अणु में द्वि-आबंधऑक्सीजन की परमाणु संख्या 8 है। उसका अणु O₂ कैसे बनता है?
ऑक्सीजन के बाहरी कोश में छह इलेक्ट्रॉन हैं, इसलिए अष्टक पूरा करने के लिए दो और चाहिए।
हर परमाणु दो इलेक्ट्रॉन देता है, जिससे दो साझा युग्म बनते हैं।
दो साझा युग्म यानी दोनों परमाणुओं के बीच द्वि-आबंध।
उदाहरण 2 (Example 2) — मेथेन का बननामेथेन (CH₄) कार्बन का सबसे सरल यौगिक है और बायोगैस तथा CNG का मुख्य घटक।
कार्बन के पास चार संयोजकता इलेक्ट्रॉन हैं और हाइड्रोजन की संयोजकता एक है।
इसलिए कार्बन चार हाइड्रोजन परमाणुओं के साथ एक-एक इलेक्ट्रॉन की साझेदारी करता है।
चार एकल सहसंयोजी आबंध, और सभी पाँच परमाणुओं को उत्कृष्ट गैस विन्यास।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)सहसंयोजी यौगिक भी विद्युत का चालन करते हैं। ❌
चालन के लिए मुक्त आयन चाहिए; साझेदारी में कोई आवेशित कण बनता ही नहीं।
सहसंयोजी यौगिक सामान्यतः विद्युत के कुचालक होते हैं।