पहला सीधी शृंखला वाला n-पेन्टेन है, जिसमें पाँचों कार्बन एक कतार में होते हैं।
दूसरा आइसोपेन्टेन है, जिसमें चार कार्बन की शृंखला पर एक मेथिल समूह शाखा के रूप में लगा होता है।
तीसरा नियोपेन्टेन है, जिसमें बीच के कार्बन पर चार मेथिल समूह लगे होते हैं।
उत्तर: पेन्टेन के तीन संरचनात्मक समावयव संभव हैं।
पहला शृंखलन (Catenation) है—कार्बन अपने ही परमाणुओं से जुड़कर लंबी, शाखित या वलय वाली शृंखलाएँ बना लेता है, और कार्बन-कार्बन आबंध प्रबल होने से ये शृंखलाएँ स्थायी रहती हैं।
दूसरा चतुःसंयोजकता है—कार्बन की संयोजकता चार होने से वह एक साथ चार परमाणुओं से आबंध बना सकता है।
उत्तर: शृंखलन और चतुःसंयोजकता—इन्हीं दो गुणों के कारण कार्बन के लाखों यौगिक बनते हैं।
साइक्लोपेन्टेन में पाँच कार्बन परमाणु एक वलय के रूप में जुड़े होते हैं।
वलय बनने पर सीधी शृंखला की तुलना में दो हाइड्रोजन कम हो जाते हैं, इसलिए C₅H₁₂ के स्थान पर C₅H₁₀ मिलता है।
उत्तर: सूत्र C₅H₁₀ है। संरचना में पाँच कार्बन का वलय होता है जिसमें हर कार्बन अपने दो पड़ोसी कार्बन और दो हाइड्रोजन के साथ एक-एक इलेक्ट्रॉन युग्म साझा करता है।
एथेनॉइक अम्ल में दो कार्बन हैं और सिरे पर −COOH समूह है: CH₃−COOH।
ब्रोमोपेन्टेन में पाँच कार्बन की शृंखला पर एक ब्रोमीन लगी है, जैसे CH₃−CH₂−CH₂−CH₂−CH₂Br।
ब्यूटेनोन में चार कार्बन हैं और कीटोन समूह >C=O शृंखला के भीतर वाले कार्बन पर है: CH₃−CO−CH₂−CH₃।
हेक्सेनैल में छह कार्बन हैं और सिरे पर ऐल्डिहाइड समूह −CHO है: CH₃−CH₂−CH₂−CH₂−CH₂−CHO।
उत्तर: हाँ, ब्रोमोपेन्टेन के संरचनात्मक समावयव संभव हैं, क्योंकि ब्रोमीन पाँच कार्बन वाली शृंखला के अलग-अलग कार्बन पर लग सकती है।
पहले में दो कार्बन हैं और सभी आबंध एकल हैं, इसलिए मूल नाम एथेन; ब्रोमीन उपसर्ग के रूप में आगे लगेगी।
दूसरे में एक कार्बन है, इसलिए मूल नाम मेथ; −CHO समूह के लिए प्रत्यय '-अल' लगेगा।
तीसरे में छह कार्बन की शृंखला के अंत में त्रि-आबंध है, इसलिए '-आइन' प्रत्यय लगेगा।
उत्तर: (i) ब्रोमोएथेन, (ii) मेथेनल, (iii) हेक्साइन।