📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)हम जो अधिकांश ईंधन जलाते हैं—लकड़ी, कोयला, मिट्टी का तेल, रसोई गैस—सब कार्बन या उसके यौगिक हैं।
रसोई में बर्तन की तली काली पड़ जाए तो यह भी दहन के बारे में कुछ बता रही होती है।
🧠 समझिए (Understand)कार्बन अपने सभी अपररूपों में ऑक्सीजन में जलकर ऊष्मा और प्रकाश के साथ कार्बन डाइऑक्साइड देता है।
अधिकांश कार्बन यौगिक भी दहन पर प्रचुर मात्रा में ऊष्मा और प्रकाश मुक्त करते हैं।
संतृप्त हाइड्रोकार्बन सामान्यतः स्वच्छ नीली लौ के साथ जलते हैं, बशर्ते ऑक्सीजन पर्याप्त हो।
असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में कार्बन का प्रतिशत अधिक होता है, इसलिए वे पीली कज्जली लौ (Sooty flame) के साथ जलते हैं।
ऑक्सीजन सीमित हो तो संतृप्त हाइड्रोकार्बन भी कज्जली लौ देने लगते हैं। इसीलिए गैस-चूल्हे के छिद्र बंद हो जाने पर बर्तन की तली काली पड़ती है।
उदाहरण 1 (Example 1) — एथनॉल का दहनCH₃CH₂OH + O₂ → CO₂ + H₂O को संतुलित कीजिए।
बाईं ओर दो कार्बन और छह हाइड्रोजन हैं, इसलिए दाईं ओर 2CO₂ और 3H₂O लिखिए।
अब दाईं ओर ऑक्सीजन के 4 + 3 = 7 परमाणु हैं; बाईं ओर एथनॉल का एक ऑक्सीजन है, इसलिए 3O₂ और चाहिए।
CH₃CH₂OH + 3O₂ → 2CO₂ + 3H₂O + ऊष्मा एवं प्रकाश
उदाहरण 2 (Example 2) — बर्तन की तली काली क्योंखाना बनाते समय बर्तन की तली बाहर से काली हो रही है।
काली परत बिना जले कार्बन की है, जो अपूर्ण दहन से बनती है।
इसका अर्थ है कि ईंधन को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल रही और वह पूरी तरह नहीं जल रहा।
गैस-चूल्हे के वायु छिद्र साफ करने पर लौ फिर नीली और स्वच्छ हो जाती है।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)कज्जली लौ का अर्थ है कि ईंधन बहुत अच्छा है। ❌
कज्जली लौ अपूर्ण दहन का संकेत है—ईंधन का कुछ कार्बन बिना जले रह जाता है।
स्वच्छ नीली लौ पूर्ण दहन का संकेत है।