📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)एथनॉल को क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट के साथ गर्म कीजिए—बैंगनी रंग गायब होता जाता है और एथेनॉइक अम्ल बन जाता है।
यहाँ कुछ जला नहीं, फिर भी इसे ऑक्सीकरण कहा जाता है। क्यों?
🧠 समझिए (Understand)ऐल्कोहॉल को उपयुक्त ऑक्सीकारक के साथ गर्म करने पर वह कार्बोक्सिलिक अम्ल में बदल जाता है। इस परिवर्तन में ऑक्सीजन जुड़ती है, इसलिए यह ऑक्सीकरण अभिक्रिया है।
इसके लिए क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट (KMnO₄) या अम्लीकृत पोटैशियम डाइक्रोमेट (K₂Cr₂O₇) का प्रयोग होता है।
जो पदार्थ दूसरे पदार्थ को ऑक्सीजन देकर उसका ऑक्सीकरण कराते हैं, उन्हें ऑक्सीकारक (Oxidising agents) कहते हैं।
क्षारीय KMnO₄ मिलाने पर उसका बैंगनी रंग धीरे-धीरे गायब होता जाता है, क्योंकि वह ऑक्सीजन देकर स्वयं अपचयित हो जाता है। जब सारा ऐल्कोहॉल अम्ल में बदल जाता है तो रंग बना रहने लगता है।
उदाहरण 1 (Example 1) — एथनॉल से एथेनॉइक अम्लइस परिवर्तन को ऑक्सीकरण क्यों कहते हैं?
एथनॉल C₂H₅OH में दो कार्बन, छह हाइड्रोजन और एक ऑक्सीजन है; एथेनॉइक अम्ल CH₃COOH में दो ऑक्सीजन हैं।
यानी अभिक्रिया में ऐल्कोहॉल में ऑक्सीजन जुड़ी है, और ऑक्सीजन का जुड़ना ही ऑक्सीकरण है।
इसीलिए इसे ऑक्सीकरण अभिक्रिया कहते हैं।
उदाहरण 2 (Example 2) — ऑक्सीकारक क्या हैक्षारीय KMnO₄ यहाँ क्या कर रहा है?
वह एथनॉल को ऑक्सीजन देता है, जिससे एथनॉल का ऑक्सीकरण होता है।
ऑक्सीजन देकर स्वयं अपचयित हो जाने के कारण उसका बैंगनी रंग गायब होता जाता है।
दूसरे पदार्थ का ऑक्सीकरण कराने वाला पदार्थ ऑक्सीकारक कहलाता है।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)ऑक्सीकरण केवल जलने को कहते हैं। ❌
ऑक्सीजन जुड़ना या हाइड्रोजन हटना—दोनों ऑक्सीकरण हैं, चाहे लौ दिखे या न दिखे।
दहन ऑक्सीकरण का एक रूप है, पूरा ऑक्सीकरण नहीं।