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अभ्यास — अध्याय 4 की प्रश्नावली (भाग 2) (Chapter Exercise (Part 2))

4 लघु · 1 दीर्घ

लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer — 2 अंक प्रत्येक)

  1. यदि आप लिटमस पत्र (लाल एवं नीला) से साबुन की जाँच करें तो आपका प्रेक्षण क्या होगा?
    उत्तर देखें (See answer)

    साबुन प्रबल क्षार और दुर्बल अम्ल से बना लवण है, इसलिए उसका जलीय विलयन क्षारीय होता है।

    क्षारीय विलयन लाल लिटमस को नीला कर देता है और नीले लिटमस पर कोई प्रभाव नहीं डालता।

    उत्तर: लाल लिटमस नीला हो जाएगा और नीला लिटमस नीला ही रहेगा, जिससे पता चलता है कि साबुन क्षारीय प्रकृति का है।

  2. हाइड्रोजनीकरण क्या है? इसका औद्योगिक अनुप्रयोग क्या है?
    उत्तर देखें (See answer)

    असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में निकैल या पैलेडियम जैसे उत्प्रेरक की उपस्थिति में हाइड्रोजन जोड़कर उसे संतृप्त बनाना हाइड्रोजनीकरण कहलाता है।

    इसमें द्वि या त्रि-आबंध टूटकर एकल आबंध बन जाता है।

    उत्तर: इसका मुख्य औद्योगिक अनुप्रयोग वनस्पति तेलों से वनस्पति घी बनाना है—निकैल उत्प्रेरक की उपस्थिति में असंतृप्त द्रव तेल संतृप्त होकर ठोस वसा में बदल जाता है।

  3. दिए गए हाइड्रोकार्बन C₂H₆, C₃H₈, C₃H₆, C₂H₂ एवं CH₄ में किसमें संकलन अभिक्रिया होती है?
    उत्तर देखें (See answer)

    संकलन अभिक्रिया केवल असंतृप्त यौगिक देते हैं, यानी जिनमें द्वि या त्रि-आबंध हो।

    C₂H₆, C₃H₈ और CH₄ संतृप्त हैं, क्योंकि वे CₙH₂ₙ₊₂ के रूप में हैं।

    C₃H₆ में द्वि-आबंध है और C₂H₂ में त्रि-आबंध।

    उत्तर: C₃H₆ और C₂H₂ में संकलन अभिक्रिया होती है।

  4. मक्खन एवं खाना बनाने वाले तेल के बीच रासायनिक अंतर समझने के लिए एक परीक्षण बताइए।
    उत्तर देखें (See answer)

    मक्खन में संतृप्त वसा होती है और खाना बनाने वाले तेल में असंतृप्त वसा।

    असंतृप्त यौगिक ब्रोमीन जल का रंग उड़ा देते हैं, क्योंकि ब्रोमीन द्वि-आबंध पर जुड़ जाती है।

    दोनों में अलग-अलग ब्रोमीन जल की कुछ बूँदें डालकर हिलाइए।

    उत्तर: जिसमें ब्रोमीन जल का भूरा रंग उड़ जाए वह असंतृप्त है, यानी खाना बनाने वाला तेल; मक्खन में रंग बना रहेगा।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer — 5 अंक प्रत्येक)

  1. साबुन की सफ़ाई प्रक्रिया की क्रियाविधि समझाइए।
    उत्तर देखें (See answer)

    अधिकांश मैल तैलीय होता है और तेल जल में अघुलनशील है, इसलिए अकेला जल उसे नहीं हटा पाता।

    साबुन के अणु का एक सिरा जलरागी होता है और दूसरा जलविरागी; जलविरागी सिरा तेल में घुसता है और जलरागी सिरा बाहर जल की ओर रहता है।

    इस तरह तेल की बूँद चारों ओर से साबुन के अणुओं से घिर जाती है और मिसेल बन जाता है।

    कपड़े को रगड़ने से मिला यांत्रिक बल इस घिरी हुई बूँद को रेशों से अलग कर देता है और वह जल में निलंबित होकर बह जाती है।

    उत्तर: साबुन तेल का पायस बनाकर उसे जल में निलंबित कर देता है; मिसेल बनना और रगड़ना—दोनों मिलकर कपड़ा साफ़ करते हैं।

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