📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)जब मेन्डेलीफ ने काम शुरू किया तब तक केवल 63 तत्व ज्ञात थे।
उन्होंने हर तत्व का एक कार्ड बनाया और उन्हें बार-बार जमाकर देखा कि कौन सी व्यवस्था सबसे अधिक अर्थ देती है।
🧠 समझिए (Understand)तत्वों के वर्गीकरण का मुख्य श्रेय रूसी रसायनज्ञ डमित्री इवानोविच मेन्डेलीफ को जाता है।
उन्होंने तत्वों को उनके परमाणु द्रव्यमान तथा रासायनिक गुणधर्मों में समानता के आधार पर व्यवस्थित किया।
उनका आवर्त नियम कहता है कि तत्वों के गुणधर्म उनके परमाणु द्रव्यमान के आवर्त फलन होते हैं।
उन्होंने हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन के साथ बने यौगिकों के सूत्रों को वर्गीकरण का मुख्य आधार बनाया, क्योंकि ये दोनों अधिकांश तत्वों से यौगिक बनाते हैं।
मेन्डेलीफ ने सारणी में कुछ स्थान जानबूझकर खाली छोड़ दिए और कहा कि वहाँ बाद में नए तत्व आएँगे।
उदाहरण 1 (Example 1) — खाली स्थान और भविष्यवाणीमेन्डेलीफ ने सारणी में खाली स्थान क्यों छोड़े?
कुछ स्थानों पर उपलब्ध तत्वों के गुण मेल नहीं खा रहे थे, इसलिए उन्होंने वहाँ कोई तत्व रखा ही नहीं।
उन्होंने कहा कि वहाँ बाद में नए तत्व खोजे जाएँगे और उन्हें एका-बोरॉन, एका-ऐलुमिनियम तथा एका-सिलिकॉन नाम दिए।
बाद में ये तीनों तत्व स्कैंडियम, गैलियम और जर्मेनियम के रूप में खोजे गए और उनके गुण भविष्यवाणी से मेल खाए।
यही मेन्डेलीफ की सारणी की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
उदाहरण 2 (Example 2) — ऑक्साइड के सूत्र का अनुमानमेन्डेलीफ की सारणी से किसी तत्व के ऑक्साइड का सूत्र कैसे पता चलता है?
सारणी में हर समूह के लिए ऑक्साइड का एक सामान्य सूत्र दिया गया है, जो उस समूह की संयोजकता बताता है।
उसी सामान्य सूत्र में तत्व का प्रतीक रख देने से उसके ऑक्साइड का सूत्र मिल जाता है।
इसी तरह पोटैशियम का K₂O और कार्बन का CO₂ निकलता है।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)मेन्डेलीफ ने तत्वों को परमाणु संख्या के क्रम में रखा। ❌
उस समय परमाणु संख्या ज्ञात ही नहीं थी; उन्होंने परमाणु द्रव्यमान को आधार बनाया।
मेन्डेलीफ का आधार परमाणु द्रव्यमान और रासायनिक गुणों की समानता था।