📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)अमीबा बीच से बँटकर दो अमीबा बन जाता है। मलेरिया का परजीवी एक साथ अनेक संतति बना देता है।
और स्पाइरोगाइरा का तंतु टूटकर हर टुकड़ा नया पौधा बन जाता है। तीनों अलग-अलग विधियाँ हैं।
🧠 समझिए (Understand)एककोशिक जीवों में कोशिका विभाजन अथवा विखंडन (Fission) द्वारा नए जीवों की उत्पत्ति होती है।
द्विखंडन (Binary fission) में कोशिका विभाजित होकर दो बराबर भागों में बँट जाती है, जैसे अनेक जीवाणु तथा प्रोटोजोआ में।
अमीबा जैसे जीवों में कोशिका विभाजन किसी भी तल से हो सकता है, जबकि लेश्मानिया में कशाभिका वाले सिरे के सापेक्ष एक निश्चित तल से ही होता है।
बहुखंडन (Multiple fission) में एक ही कोशिका एक साथ अनेक संतति कोशिकाओं में विभाजित हो जाती है, जैसे मलेरिया परजीवी प्लैज्मोडियम में।
खंडन (Fragmentation) में सरल संरचना वाले बहुकोशिक जीव का शरीर टूटकर छोटे-छोटे टुकड़ों में बँट जाता है और हर टुकड़ा बढ़कर नया जीव बन जाता है, जैसे स्पाइरोगाइरा में।
खंडन उन्हीं जीवों में संभव है जिनका शरीर सरल हो। जटिल संरचना वाले जीवों में विभिन्न अंग अलग-अलग काम करते हैं, इसलिए उनका कोई टुकड़ा अकेले पूरा जीव नहीं बन सकता।
उदाहरण 1 (Example 1) — द्विखंडन और बहुखंडन में अंतरदोनों विखंडन ही हैं, फिर फर्क कहाँ है?
द्विखंडन में एक कोशिका विभाजित होकर केवल दो संतति कोशिकाएँ बनाती है, जैसे अमीबा में।
बहुखंडन में एक ही कोशिका एक साथ अनेक संतति कोशिकाओं में बँट जाती है, जैसे प्लैज्मोडियम में।
अंतर केवल बनने वाली संतति की संख्या का है—दो बनाम अनेक।
उदाहरण 2 (Example 2) — जटिल जीव खंडन से क्यों नहीं बढ़तेस्पाइरोगाइरा टुकड़ों से बढ़ जाता है, पर मनुष्य नहीं। क्यों?
स्पाइरोगाइरा की संरचना सरल है—उसका हर टुकड़ा वही सब कुछ कर सकता है जो पूरा जीव करता था।
जटिल जीवों में शरीर अलग-अलग अंगों और ऊतकों में बँटा होता है और हर अंग का काम अलग है।
किसी एक अंग का टुकड़ा अकेले पूरा जीव नहीं बन सकता, इसलिए जटिल जीवों में खंडन संभव नहीं।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)खंडन और विखंडन एक ही बात है। ❌
विखंडन एककोशिक जीवों में होता है और कोशिका ही बँटती है; खंडन बहुकोशिक सरल जीवों में होता है और शरीर टूटता है।
विखंडन—एककोशिक; खंडन—बहुकोशिक सरल जीव।