आज क्या सीखेंगेध्रुव, वक्रता केंद्र, वक्रता त्रिज्या, मुख्य फोकस और फोकस दूरी समझना।
📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)स्टील की चम्मच का भीतरी भाग अवतल दर्पण है और बाहरी भाग उत्तल।
दोनों किसी बड़े गोले का टुकड़ा हैं—और उसी गोले से इस अध्याय के सारे पद निकलते हैं।
🧠 समझिए (Understand)गोलीय दर्पण (Spherical mirror) किसी खोखले गोले का एक भाग होता है, जिसका एक पृष्ठ परावर्तक होता है।
यदि भीतर की ओर धँसा पृष्ठ परावर्तक हो तो वह अवतल दर्पण (Concave mirror) कहलाता है, और यदि बाहर उभरा पृष्ठ परावर्तक हो तो उत्तल दर्पण (Convex mirror)।
दर्पण के परावर्तक पृष्ठ के मध्य बिंदु को ध्रुव (Pole, P) कहते हैं।
दर्पण जिस गोले का भाग है उसके केंद्र को वक्रता केंद्र (Centre of curvature, C) और उसकी त्रिज्या को वक्रता त्रिज्या (Radius of curvature, R) कहते हैं।
ध्रुव और वक्रता केंद्र से गुजरने वाली सीधी रेखा मुख्य अक्ष (Principal axis) कहलाती है।
अवतल दर्पण के मुख्य फोकस (Principal focus, F) की परिभाषा यह है—मुख्य अक्ष के समांतर आने वाली किरणें दर्पण से परावर्तन के बाद मुख्य अक्ष के जिस बिंदु पर मिलती हैं, वही उसका मुख्य फोकस है।
उत्तल दर्पण में ऐसी किरणें परावर्तन के बाद फैल जाती हैं और दर्पण के पीछे एक बिंदु से आती हुई प्रतीत होती हैं; वही उसका मुख्य फोकस है।
ध्रुव से मुख्य फोकस तक की दूरी फोकस दूरी (Focal length, f) कहलाती है और यह सदा वक्रता त्रिज्या की आधी होती है, यानी f = R/2।
उदाहरण 1 (Example 1) — फोकस दूरी निकालनाएक गोलीय दर्पण की वक्रता त्रिज्या 20 cm है। इसकी फोकस दूरी क्या होगी?
किसी भी गोलीय दर्पण की फोकस दूरी उसकी वक्रता त्रिज्या की आधी होती है, यानी f = R/2।
यहाँ R = 20 cm दिया है, इसलिए f = 20/2 = 10 cm।
दर्पण की फोकस दूरी 10 cm है।
उदाहरण 2 (Example 2) — उत्तल दर्पण की फोकस दूरीउस उत्तल दर्पण की फोकस दूरी ज्ञात कीजिए जिसकी वक्रता-त्रिज्या 32 cm है।
यहाँ भी वही संबंध लगेगा—f = R/2।
R = 32 cm रखने पर f = 32/2 = 16 cm।
उत्तल दर्पण की फोकस दूरी 16 cm है।