विभवांतर बनाए रखने के लिए ऊर्जा का कोई स्रोत चाहिए।
सेल के भीतर होने वाली रासायनिक अभिक्रिया उसके दोनों टर्मिनलों के बीच विभवांतर उत्पन्न करती रहती है।
उत्तर: सेल अथवा बैटरी ऐसी युक्ति है, जो चालक के सिरों पर विभवांतर बनाए रखती है।
विभवांतर की परिभाषा है V = W/Q, यानी एकांक आवेश को एक बिंदु से दूसरे तक ले जाने में किया गया कार्य।
1 V का अर्थ है कि एक कूलॉम आवेश को एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक ले जाने में एक जूल कार्य करना पड़ता है।
उत्तर: 1 वोल्ट = 1 जूल प्रति कूलॉम।
विभवांतर का अर्थ ही प्रति कूलॉम आवेश को दी गई ऊर्जा है।
W = V × Q से, यहाँ V = 6 V और Q = 1 C।
W = 6 × 1 = 6 J।
उत्तर: हर एक कूलॉम आवेश को 6 जूल ऊर्जा दी जाती है।