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पार्श्वक्रम में संयोजित प्रतिरोधक

आज क्या सीखेंगे

पार्श्वक्रम का तुल्य प्रतिरोध निकालना और उसके लाभ बताना।

📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)
घर में पंखा बंद कर दीजिए—बल्ब फिर भी जलता रहता है।
इसका कारण यह है कि घरेलू परिपथ में सारी युक्तियाँ पार्श्वक्रम में जुड़ी होती हैं।
🧠 समझिए (Understand)
पार्श्वक्रम संयोजन में सभी प्रतिरोधकों के एक सिरे आपस में और दूसरे सिरे आपस में जुड़े होते हैं, इसलिए धारा के लिए अनेक रास्ते होते हैं।
इसमें प्रत्येक प्रतिरोधक के सिरों के बीच विभवांतर समान रहता है और वह बैटरी के विभवांतर के बराबर होता है।
कुल धारा सभी शाखाओं की धाराओं के योग के बराबर होती है, यानी I = I₁ + I₂ + I₃।
इससे तुल्य प्रतिरोध मिलता है—1/Rₚ = 1/R₁ + 1/R₂ + 1/R₃ + …
पार्श्वक्रम का तुल्य प्रतिरोध सबसे छोटे व्यष्टिगत प्रतिरोध से भी कम होता है।
घरेलू परिपथों में पार्श्वक्रम संयोजन के तीन लाभ हैं—हर युक्ति को पूरा 220 V विभवांतर मिलता है, हर युक्ति को अपनी आवश्यकता के अनुसार अलग धारा मिल जाती है, और किसी एक युक्ति के खराब होने पर शेष युक्तियाँ काम करती रहती हैं।
सूत्र (Formula)
1/Rₚ = 1/R₁ + 1/R₂ + 1/R₃ + …; विभवांतर समान
✍️ कैसे करें (How to solve)
  1. पहले हर प्रतिरोध का व्युत्क्रम लिखिए।
  2. सबको जोड़िए—यह 1/Rₚ है।
  3. अंत में उसका व्युत्क्रम लेकर Rₚ निकालिए।
उदाहरण 1 (Example 1) — कितने प्रतिरोधक पार्श्वक्रम में
176 Ω प्रतिरोध के कितने प्रतिरोधकों को पार्श्वक्रम में संयोजित करें कि 220 V के विद्युत स्रोत से संयोजन से 5 A विद्युत धारा प्रवाहित हो?
आवश्यक तुल्य प्रतिरोध Rₚ = V/I = 220 ÷ 5 = 44 Ω।
n बराबर प्रतिरोधकों को पार्श्वक्रम में जोड़ने पर Rₚ = R/n होता है।
इसलिए 44 = 176/n, यानी n = 176 ÷ 44 = 4।
176 Ω के चार प्रतिरोधकों को पार्श्वक्रम में संयोजित करना होगा।
उदाहरण 2 (Example 2) — कितने बल्ब जोड़े जा सकते हैं
220 V की विद्युत लाइन पर उपयोग किए जाने वाले बहुत से बल्बों का अनुमतांक 10 W है। यदि अनुमत अधिकतम धारा 5 A है तो कितने बल्ब पार्श्वक्रम में जोड़े जा सकते हैं?
एक बल्ब की धारा I = P/V = 10 ÷ 220 = 1/22 A।
पार्श्वक्रम में कुल धारा सभी बल्बों की धाराओं का योग होती है।
इसलिए n × (1/22) = 5, यानी n = 5 × 22 = 110।
अधिकतम 110 बल्ब पार्श्वक्रम में जोड़े जा सकते हैं।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)
पार्श्वक्रम में प्रतिरोध जोड़ देने से कुल प्रतिरोध बढ़ जाता है। ❌
पार्श्वक्रम में हर नया रास्ता धारा के लिए जगह बनाता है, इसलिए कुल प्रतिरोध घटता है।
पार्श्वक्रम में कुल प्रतिरोध सबसे छोटे प्रतिरोध से भी कम होता है।

खुद जाँचें — 3 छोटे सवाल

पहले विकल्प चुनें। फिर उत्तर और उसका कारण देखें। यह समझ की जाँच है।

सवाल 1

पार्श्वक्रम संयोजन में क्या समान रहता है?

सवाल 2

6 Ω के तीन प्रतिरोधकों को पार्श्वक्रम में जोड़ने पर तुल्य प्रतिरोध कितना होगा?

सवाल 3

घरेलू विद्युत परिपथों में कौन-सा संयोजन काम में लाया जाता है?
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