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अभ्यास — प्रश्नावली 12.4 (Exercise 12.4)

2 वस्तुनिष्ठ · 4 लघु · 2 दीर्घ

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective — 1 अंक प्रत्येक)

  1. प्रतिरोध का मान बढ़ाने के लिए प्रतिरोधकों को किस क्रम में जोड़ा जाना चाहिए?बोर्ड परीक्षा में पूछा गया — 2023, 2026
    (A) श्रेणीक्रम में
    (B) समानांतर क्रम में
    (C) श्रेणीक्रम और समानांतर क्रम दोनों में
    (D) इनमें से कोई नहीं
    उत्तर देखें (See answer)
  2. यदि कई प्रतिरोध समानांतर क्रम में जुड़े हों, तो उनका समतुल्य प्रतिरोध कैसा होगा?बोर्ड परीक्षा में पूछा गया — 2023
    (A) प्रत्येक प्रतिरोध से अधिक
    (B) प्रत्येक प्रतिरोध से कम
    (C) प्रत्येक प्रतिरोध के बराबर
    (D) इनमें से कोई नहीं
    उत्तर देखें (See answer)

लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer — 2 अंक प्रत्येक)

  1. जब (a) 1 Ω तथा 10⁶ Ω, (b) 1 Ω, 10³ Ω तथा 10⁶ Ω के प्रतिरोध पार्श्वक्रम में संयोजित किए जाते हैं तो इनके तुल्य प्रतिरोध के संबंध में आप क्या निर्णय करेंगे?
    उत्तर देखें (See answer)

    पार्श्वक्रम में 1/Rₚ = 1/R₁ + 1/R₂ + … होता है और बड़े प्रतिरोधों का व्युत्क्रम बहुत छोटा होता है।

    (a) में 1/Rₚ = 1/1 + 1/10⁶ ≈ 1, इसलिए Rₚ लगभग 1 Ω।

    (b) में 1/Rₚ = 1/1 + 1/10³ + 1/10⁶ ≈ 1, इसलिए यहाँ भी Rₚ लगभग 1 Ω।

    उत्तर: दोनों प्रकरणों में तुल्य प्रतिरोध लगभग 1 Ω रहेगा—यानी पार्श्वक्रम का कुल प्रतिरोध सबसे छोटे प्रतिरोध से भी कम, पर उसी के लगभग बराबर आता है।

  2. श्रेणीक्रम में संयोजित करने के स्थान पर वैद्युत युक्तियों को पार्श्वक्रम में संयोजित करने के क्या लाभ हैं?
    उत्तर देखें (See answer)

    पार्श्वक्रम में हर युक्ति को पूरा विभवांतर मिलता है, जबकि श्रेणीक्रम में वह बँट जाता है।

    हर युक्ति को अपनी आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग धारा मिल जाती है, क्योंकि हर शाखा का प्रतिरोध अलग हो सकता है।

    किसी एक युक्ति के खराब हो जाने पर शेष युक्तियाँ काम करती रहती हैं, क्योंकि उनका रास्ता अलग है।

    उत्तर: इन्हीं कारणों से घरेलू परिपथों में पार्श्वक्रम संयोजन का उपयोग किया जाता है।

  3. 4 Ω, 8 Ω, 12 Ω तथा 24 Ω प्रतिरोध की चार कुंडलियों को किस प्रकार संयोजित करें कि संयोजन से (a) अधिकतम (b) निम्नतम प्रतिरोध प्राप्त हो सके?
    उत्तर देखें (See answer)

    श्रेणीक्रम में प्रतिरोध जुड़ते जाते हैं, इसलिए वही अधिकतम प्रतिरोध देता है—Rꜱ = 4 + 8 + 12 + 24 = 48 Ω।

    पार्श्वक्रम में कुल प्रतिरोध सबसे छोटे से भी कम हो जाता है, इसलिए वही निम्नतम देगा।

    1/Rₚ = 1/4 + 1/8 + 1/12 + 1/24; समान हर 24 लेने पर (6 + 3 + 2 + 1)/24 = 12/24।

    इससे Rₚ = 2 Ω।

    उत्तर: (a) चारों को श्रेणीक्रम में जोड़ने पर अधिकतम 48 Ω, (b) चारों को पार्श्वक्रम में जोड़ने पर निम्नतम 2 Ω प्राप्त होगा।

  4. प्रतिरोधों का संयोजन क्या है? यह कितने प्रकार से होता है?बोर्ड परीक्षा में पूछा गया — 2026उत्तर देखें (See answer)

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer — 5 अंक प्रत्येक)

  1. 100 Ω का एक विद्युत लैम्प, 50 Ω का एक विद्युत टोस्टर तथा 500 Ω का एक जल फिल्टर 220 V के विद्युत स्रोत से पार्श्वक्रम में संयोजित हैं। उस विद्युत इस्तरी का प्रतिरोध क्या है जिसे यदि समान स्रोत के साथ संयोजित कर दें तो वह उतनी ही विद्युत धारा लेती है जितनी तीनों युक्तियाँ लेती हैं? यह भी ज्ञात कीजिए कि इस विद्युत इस्तरी से कितनी विद्युत धारा प्रवाहित होती है?
    उत्तर देखें (See answer)

    तीनों युक्तियाँ पार्श्वक्रम में हैं, इसलिए 1/Rₚ = 1/100 + 1/50 + 1/500।

    समान हर 500 लेने पर 1/Rₚ = (5 + 10 + 1)/500 = 16/500।

    इससे Rₚ = 500/16 = 31.25 Ω।

    इस्तरी को उतनी ही धारा लेनी है, इसलिए उसका प्रतिरोध भी 31.25 Ω होना चाहिए।

    धारा I = V/R = 220 ÷ 31.25 = 7.04 A।

    उत्तर: विद्युत इस्तरी का प्रतिरोध 31.25 Ω होगा और उससे लगभग 7.04 A धारा प्रवाहित होगी।

  2. 2 Ω, 3 Ω तथा 6 Ω के तीन प्रतिरोधकों को किस प्रकार संयोजित करेंगे कि संयोजन का कुल प्रतिरोध (a) 4 Ω, (b) 1 Ω हो?
    उत्तर देखें (See answer)

    (a) के लिए 3 Ω तथा 6 Ω को पार्श्वक्रम में जोड़िए—1/R = 1/3 + 1/6 = 3/6, इसलिए R = 2 Ω।

    अब इस 2 Ω के साथ शेष 2 Ω के प्रतिरोधक को श्रेणीक्रम में जोड़ दीजिए, जिससे कुल 2 + 2 = 4 Ω मिल जाएगा।

    (b) के लिए तीनों को पार्श्वक्रम में जोड़िए—1/R = 1/2 + 1/3 + 1/6।

    समान हर 6 लेने पर 1/R = (3 + 2 + 1)/6 = 6/6 = 1, इसलिए R = 1 Ω।

    उत्तर: (a) 3 Ω और 6 Ω पार्श्वक्रम में, उसके बाद 2 Ω श्रेणीक्रम में; (b) तीनों पार्श्वक्रम में।

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