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पर्यावरण पर प्रभाव तथा नवीकरणीय और अनवीकरणीय स्रोत

आज क्या सीखेंगे

स्रोत चुनने के कारक समझाना और दोनों वर्गों में अंतर करना।

📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)
कोई भी ऊर्जा स्रोत पूरी तरह निर्दोष नहीं है—सौर सेल चलते समय प्रदूषण नहीं करता, पर उसे बनाते समय करता है।
इसलिए सवाल यह नहीं कि कौन-सा स्रोत साफ है, बल्कि यह कि कौन-सा स्रोत किससे अधिक साफ है।
🧠 समझिए (Understand)
किसी भी प्रकार की ऊर्जा का दोहन पर्यावरण में किसी न किसी रूप में विक्षोभ उत्पन्न करता है।
ऊर्जा स्रोत का चयन चार बातों पर निर्भर करता है—उससे ऊर्जा प्राप्त करने में सरलता, मितव्ययता, उपलब्ध प्रौद्योगिकी की दक्षता, तथा उसके उपयोग से पर्यावरण को होने वाली क्षति।
कोई भी स्रोत पूर्णतः प्रदूषण मुक्त नहीं कहा जा सकता—सौर सेल का प्रचालन प्रदूषण मुक्त है, पर उसके संयोजन में पर्यावरणीय क्षति हो चुकी होती है।
जिन स्रोतों का पुनर्जनन हो सकता है उन्हें नवीकरणीय स्रोत कहते हैं, जैसे सौर, पवन, जल तथा जैवमात्रा।
जो स्रोत किसी न किसी दिन समाप्त हो जाएँगे उन्हें अनवीकरणीय अथवा समाप्य स्रोत कहते हैं, जैसे कोयला, पेट्रोलियम तथा नाभिकीय ईंधन।
नवीकरणीय और अक्षय पूरी तरह एक बात नहीं हैं—जैवमात्रा नवीकरणीय है, पर उसका प्रबंधन ठीक न हो तो वह भी समाप्त हो सकती है; सौर ऊर्जा व्यावहारिक रूप से अक्षय है।
हमारे अधिकांश ऊर्जा स्रोत अंततः सूर्य से प्राप्त ऊर्जा से ही व्युत्पन्न होते हैं—पवन, जल चक्र तथा जैवमात्रा सभी सूर्य के कारण हैं; अपवाद हैं नाभिकीय, भूतापीय तथा ज्वारीय ऊर्जा।
सूत्र (Formula)
नवीकरणीय — पुनर्जनन संभव; अनवीकरणीय — समाप्य
✍️ कैसे करें (How to solve)
  1. पहले पूछिए कि क्या यह स्रोत फिर से बन जाएगा।
  2. हाँ हो तो नवीकरणीय, नहीं तो अनवीकरणीय लिखिए।
  3. फिर उसका तर्क एक वाक्य में जोड़िए।
उदाहरण 1 (Example 1) — कोई स्रोत प्रदूषण मुक्त हो सकता है?
क्या कोई ऊर्जा स्रोत प्रदूषण मुक्त हो सकता है? क्यों अथवा क्यों नहीं?
किसी भी ऊर्जा स्रोत का दोहन पर्यावरण में किसी न किसी रूप में विक्षोभ अवश्य उत्पन्न करता है।
सौर सेल जैसी युक्तियों का प्रचालन प्रदूषण मुक्त जरूर है, पर उन्हें बनाने में सिलिकॉन का शुद्धिकरण और अन्य प्रक्रियाएँ पर्यावरण को क्षति पहुँचाती हैं।
इसी तरह जल विद्युत कोई उत्सर्जन नहीं करती, पर बाँध बनाने से पारितंत्र नष्ट होते हैं और लोग विस्थापित होते हैं।
इसलिए कोई भी स्रोत पूर्णतः प्रदूषण मुक्त नहीं है; सही कथन यह है कि कौन-सा स्रोत किस दूसरे स्रोत की अपेक्षा अधिक स्वच्छ है।
उदाहरण 2 (Example 2) — नवीकरणीय और समाप्य स्रोत
ऊर्जा स्रोतों का वर्गीकरण नवीकरणीय-अनवीकरणीय तथा समाप्य-अक्षय वर्गों में किस आधार पर करेंगे? क्या दोनों विकल्प समान हैं?
नवीकरणीय वे हैं जिनका पुनर्जनन हो सकता है, जैसे सौर, पवन, जल तथा जैवमात्रा; अनवीकरणीय वे हैं जो दोबारा नहीं बनते, जैसे कोयला और पेट्रोलियम।
समाप्य वे हैं जो किसी न किसी दिन खत्म हो जाएँगे; अक्षय वे हैं जिनके खत्म होने की चिंता व्यावहारिक रूप से नहीं है, जैसे सौर ऊर्जा।
दोनों वर्गीकरण लगभग एक जैसे हैं, पर पूरी तरह समान नहीं—जैवमात्रा नवीकरणीय है, फिर भी कुप्रबंधन से समाप्त हो सकती है।
इसलिए (a) और (b) के विकल्प अधिकतर मिलते-जुलते हैं, पर उन्हें एक ही बात मान लेना ठीक नहीं।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)
नवीकरणीय स्रोत कभी समाप्त नहीं हो सकते। ❌
जैवमात्रा नवीकरणीय है, पर वृक्ष काटकर प्रतिस्थापित न किए जाएँ तो वह भी समाप्त हो जाएगी।
नवीकरणीय स्रोत भी उचित प्रबंधन माँगते हैं।

खुद जाँचें — 3 छोटे सवाल

पहले विकल्प चुनें। फिर उत्तर और उसका कारण देखें। यह समझ की जाँच है।

सवाल 1

निम्न में से कौन-सा ऊर्जा स्रोत अंततः सौर ऊर्जा से व्युत्पन्न नहीं है?

सवाल 2

निम्न में से कौन नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है?

सवाल 3

ऊर्जा स्रोत के चयन में कौन-सा कारक शामिल नहीं है?
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