📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)यूरेनियम के एक परमाणु के नाभिक को तोड़िए—उतनी ही मात्रा के कोयले को जलाने से लाखों गुना अधिक ऊर्जा मिलती है।
पर उसी प्रक्रिया से निकलने वाला कचरा हजारों वर्षों तक खतरनाक बना रहता है।
🧠 समझिए (Understand)नाभिकीय विखंडन (Nuclear fission) में यूरेनियम जैसे भारी परमाणु का नाभिक कम द्रव्यमान वाले नाभिकों में टूट जाता है और इस प्रक्रिया में बहुत अधिक ऊर्जा मुक्त होती है।
यूरेनियम के एक परमाणु के विखंडन से उतनी ऊर्जा मिलती है जो कार्बन के एक परमाणु के दहन से मिलने वाली ऊर्जा की तुलना में एक करोड़ गुना अधिक होती है।
नाभिकीय रिएक्टर में इसी ऊर्जा से जल को भाप में बदला जाता है, जो टरबाइन घुमाकर विद्युत उत्पन्न करती है।
भारत में तारापुर, राणा प्रताप सागर, कलपक्कम, नरोरा तथा काकरापार जैसे अनेक स्थानों पर नाभिकीय विद्युत संयंत्र काम कर रहे हैं।
नाभिकीय ऊर्जा का महत्व यह है कि थोड़े से ईंधन से बहुत अधिक ऊर्जा मिल जाती है और इससे वायु प्रदूषण भी नहीं होता।
पर इसके खतरे भी बड़े हैं—रिएक्टर से निकले व्यययित ईंधन के सुरक्षित निपटान की समस्या, रिसाव का भय, और नाभिकीय विकिरण से होने वाली गंभीर हानि।
यूरेनियम जैसे नाभिकीय ईंधन सीमित मात्रा में ही उपलब्ध हैं, इसलिए यह स्रोत भी अनवीकरणीय है।
उदाहरण 1 (Example 1) — नाभिकीय ऊर्जा का महत्वनाभिकीय ऊर्जा का क्या महत्व है?
बहुत थोड़ी मात्रा के नाभिकीय ईंधन से बहुत अधिक ऊर्जा मिल जाती है—यूरेनियम का एक परमाणु कार्बन के एक परमाणु से करोड़ों गुना अधिक ऊर्जा देता है।
इससे जीवाश्मी ईंधन जैसा वायु प्रदूषण नहीं होता।
एक बार संयंत्र लग जाने पर वह लंबे समय तक लगातार विद्युत देता रहता है।
इसी कारण बढ़ती ऊर्जा माँग के सामने नाभिकीय ऊर्जा एक महत्वपूर्ण विकल्प मानी जाती है, यद्यपि उसके जोखिम भी गंभीर हैं।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)नाभिकीय ऊर्जा नवीकरणीय स्रोत है। ❌
यूरेनियम सीमित मात्रा में ही उपलब्ध है, इसलिए यह अनवीकरणीय है।
नाभिकीय ऊर्जा अनवीकरणीय स्रोत है।