सही विकल्प: (A) घास, फूल और चमड़ा
घास, फूल और चमड़ा प्राकृतिक जैव पदार्थ हैं जिन्हें अपघटक तोड़ सकते हैं।
सही विकल्प (A) है।
सही विकल्प: (B) घास, बकरी और मनुष्य
बकरी घास खाती है और मनुष्य बकरी से भोजन प्राप्त कर सकता है।
सही विकल्प (B) है।
सही विकल्प: (D) सभी
तीनों व्यवहार संसाधन, बिजली या ईंधन की खपत घटाते हैं।
सही विकल्प (D) सभी है।
यह जैव प्रक्रमों से आसानी से नहीं टूटता, इसलिए भूमि और जल में लंबे समय तक जमा रहता है।
प्लास्टिक नालियाँ रोकता है, मिट्टी में जल का प्रवेश घटा सकता है और पशुओं द्वारा निगले जाने पर उन्हें हानि पहुँचाता है।
DDT और भारी धातुओं जैसे पदार्थ आहार शृंखला में प्रवेश करके जैव आवर्धन करते हैं।
इसे जलाने पर विषैली गैसें निकल सकती हैं और गलत पुनर्चक्रण भी श्रमिकों तथा पर्यावरण को हानि पहुँचा सकता है।
निष्कर्ष: उपयोग घटाना, अलग संग्रह, पुनः उपयोग और सुरक्षित पुनर्चक्रण जरूरी है।
जैव निम्नीकरणीय होने का अर्थ केवल यह है कि सूक्ष्मजीव उसे तोड़ सकते हैं; इसका अर्थ यह नहीं कि किसी भी मात्रा में वह हानिरहित है।
बहुत अधिक कचरा खुले में जमा होने पर दुर्गंध, मक्खियाँ और रोगाणु बढ़ सकते हैं।
जल में अधिक कार्बनिक कचरा जाने पर अपघटक घुली ऑक्सीजन का उपयोग करते हैं, जिससे मछलियों और दूसरे जलीय जीवों को हानि हो सकती है।
ऑक्सीजन की कमी में सड़ने से मीथेन भी बन सकती है।
उत्तर: प्रभाव फिर भी होगा; उसे अलग करके नियंत्रित कम्पोस्ट या बायोगैस में बदलना चाहिए।
ओजोन परत सूर्य की हानिकारक UV किरणों का बड़ा भाग सोखती है।
इसके क्षय से अधिक UV पृथ्वी तक पहुँचती है और त्वचा कैंसर, मोतियाबिंद तथा पौधों और सूक्ष्म जलीय जीवों की क्षति का जोखिम बढ़ता है।
CFC ओजोन क्षय के प्रमुख कारणों में है।
1987 में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के अंतर्गत देशों ने CFC उत्पादन को 1986 के स्तर पर रोकने और आगे घटाने के लिए समझौता किया।
आज CFC रहित प्रशीतक और सुरक्षित विकल्प अपनाना इसी दिशा का व्यावहारिक कदम है।
Reduce—अनावश्यक सामान, पैकिंग और एकबार उपयोग वाले प्लास्टिक से बचें।
Reuse—कपड़े का थैला, टिकाऊ बोतल, डिब्बा और मरम्मत की गई वस्तुएँ बार-बार उपयोग करें।
Segregate—गीला, सूखा और बैटरी/ई-कचरा घर पर अलग रखें।
Recycle—साफ कागज, काँच, धातु और उपयुक्त प्लास्टिक अधिकृत पुनर्चक्रण व्यवस्था को दें।
गीले कचरे से कम्पोस्ट बनाएं और किसी भी कचरे को खुले में न जलाएँ या जल स्रोत में न डालें।