📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)खेत में पौधा भोजन बनाता है, टिड्डा पौधे को खाता है, मेंढक टिड्डे को खाता है और मृत जीवों को जीवाणु तथा कवक मिट्टी में मिला देते हैं।
🧠 समझिए (Understand)हरे पौधे और शैवाल सूर्य की ऊर्जा से प्रकाश-संश्लेषण द्वारा अपना भोजन बनाते हैं, इसलिए वे उत्पादक (Producers) हैं।
जो जीव दूसरे जीवों से भोजन लेते हैं वे उपभोक्ता (Consumers) हैं। पौधे खाने वाले शाकाहारी प्राथमिक उपभोक्ता और उन्हें खाने वाले मांसाहारी आगे के उपभोक्ता होते हैं।
जीवाणु और कवक मृत पौधों, मृत जंतुओं तथा अपशिष्ट के जटिल कार्बनिक पदार्थों को सरल अकार्बनिक पदार्थों में बदलते हैं। इन्हें अपघटक (Decomposers) कहते हैं।
अपघटक पोषक तत्त्व मिट्टी और जल में लौटाते हैं, पर्यावरण की सफाई करते हैं और पदार्थों के चक्र को जारी रखते हैं। उनके बिना मृत पदार्थ जमा होता जाता और मिट्टी के पोषक तत्त्व घटते जाते।
उदाहरण 1 (Example 1) — गिरे हुए पत्तेनम मिट्टी पर गिरे पत्ते धीरे-धीरे भुरभुरे होकर मिट्टी में मिल जाते हैं।
कवक और जीवाणु पत्तियों का अपघटन करते हैं।
मुक्त खनिज लवण पौधों की जड़ों को फिर उपलब्ध हो जाते हैं।
अपघटक पदार्थों का पुनर्चक्रण करते हैं।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)अपघटक केवल गंदगी खाते हैं, इसलिए उनका कोई खास महत्व नहीं है। ❌
वे पोषक तत्त्वों को वापस पर्यावरण में पहुँचाकर नए जीवन को संभव बनाते हैं।
अपघटक पारितंत्र के पोषक पुनर्चक्रक हैं।