📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)खेत में चूहा केवल अनाज नहीं खाता और साँप केवल चूहा नहीं खाता। अनेक आहार शृंखलाएँ एक-दूसरे से जुड़कर अधिक वास्तविक जाल बनाती हैं।
🧠 समझिए (Understand)जब अनेक आहार शृंखलाएँ अलग-अलग बिंदुओं पर जुड़ती हैं, तो आहार जाल (Food web) बनता है। इससे एक जीव को भोजन के वैकल्पिक स्रोत मिल सकते हैं और पारितंत्र अपेक्षाकृत स्थिर रहता है।
सामान्यतः निचले पोषी स्तरों पर जीवों की संख्या अधिक होती है, क्योंकि वहीं ऊर्जा अधिक उपलब्ध होती है।
कुछ अजैव निम्नीकरणीय रसायन, जैसे DDT और भारी धातुएँ, शरीर में जमा होते रहते हैं और आसानी से बाहर नहीं निकलते।
आहार शृंखला में ऊपर जाते हुए ऐसे रसायनों की सांद्रता लगातार बढ़ने को जैव आवर्धन (Biological magnification) कहते हैं। मनुष्य कई आहार शृंखलाओं के शीर्ष पर है, इसलिए उस पर प्रभाव गंभीर हो सकता है।
उदाहरण 1 (Example 1) — कीटनाशक से मनुष्य तकDDT जल में पहुँचा, सूक्ष्म जलीय जीवों ने उसे लिया और मछलियों ने उन जीवों को खाया।
हर मछली अनेक छोटे जीव खाती है, इसलिए उसके शरीर में DDT अधिक जमा होता है।
मनुष्य अनेक मछलियाँ खाता है, इसलिए उसके शरीर में सांद्रता और बढ़ सकती है।
शीर्ष उपभोक्ता जैव आवर्धन से सबसे अधिक प्रभावित हो सकता है।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)जैव आवर्धन का अर्थ जीवों का आकार बढ़ना है। ❌
यह शरीर के आकार नहीं, हानिकारक रसायन की सांद्रता बढ़ने की बात है।
ऊँचे पोषी स्तर पर स्थायी रसायन की सांद्रता बढ़ना जैव आवर्धन है।