नीचे दिहल अंश के ध्यान से पढ़ीं आ अंश से संबंधित सवाल के सही विकल्प चुनें। “मध्ययुग में भोजपुरी जनपद के सासाराम नगर में एगो सामान्य घराना में पैदा भइल शेरशाह अपना प्रचंड भुजबल से मुगल-सम्राट हुमायूँ के एह भोजपुरी के जमीन प… बक्सर के पासे चउसा में… भारत से बाहर खदेड़ देलस आ अपना महज पाँच बरिस के शासन-काल में आज के ग्रैंड ट्रंक रोड के निर्माण करवलस, देश में डाक-व्यवस्था कायम करवलस, आ जमीन के पैमाइश के जवन सिद्धांत बनवलस ओकर मान्यता अकबर के समय से लेके आज ले बा।” शेरशाह से संबंधित नख़्शे
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) पराजय गद्यांश के अनुसार चौसा के पास हुमायूँ को पराजय मिली थी—यही शब्द रिक्त स्थान पर बैठता है।
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प्रश्न 52
ऊपर दिहल अंश के आधार पर वाक्य “भोजपुरी जनपद के सासाराम नगर में एगो सामान्य घराना में पैदा भइल शेरशाह…” से ई सूचित ना होखे कि
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) शेरशाह के शौर्य उस वाक्य से शेरशाह के जन्मस्थान और उनके परिवार की सामान्य स्थिति का पता चलता है, पर उनके शौर्य की कोई बात उसमें नहीं है।
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प्रश्न 53
एह संदर्भ में शेरशाह के शासन-काल के बारे में बतावल बा कि
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) ऊ सिर्फ पाँच साल के अवधि तक रहे गद्यांश में कहा गया है कि शेरशाह का शासन सिर्फ़ पाँच साल तक रहा—'सिर्फ़' शब्द इस अल्प अवधि पर बल देता है।
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प्रश्न 54
एह संदर्भ में ई कथन सही नइखे कि
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) तत्सम शब्द के प्रयोग नइखे भइल गद्यांश में 'प्रचंड', 'सम्राट', 'पराजय' जैसे तत्सम शब्द आए हैं, इसलिए 'तत्सम शब्द का प्रयोग नहीं हुआ' कथन सही नहीं है।
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प्रश्न 55
शेरशाह के कवन देन के लेखक आजतक कायम बतवले बा?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) जमीन के पैमाइश के सिद्धांत लेखक के अनुसार शेरशाह की जो देन आज तक कायम है, वह ज़मीन की पैमाइश का सिद्धांत है, जिस पर आगे की भू-राजस्व व्यवस्था खड़ी हुई।
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प्रश्न 56
नीचे दिहल अंश के ध्यान से पढ़ीं आ अंश से संबंधित सवाल के सही विकल्प चुनें। “साहित्य-निर्माण के चर्चा उठला पर एगो बात अउरी कहे के चाहतानी। स्वतंत्रता-प्राप्ति के बाद सरकारी सहायता पर निर्भर करके प्रवृत्ति बहुत बढ़ गइल। सरकार के पल्ला बिना पकड़े कवनो काम करे के कोई चाहत नइखे। ई लक्षण प्रगति के बाधक ह। सरकारी सहायता से, सरकारी आश्रय में, सरकारी संकेत पर जवन साहित्य के निर्माण होई ऊ कभी स्वस्थ, सबल आ प्रेरक ना हो सकेला। शासन-तंत्र के चक्की में पड़ला पर जानदार चीज बेजान हो जाला। शासन-तंत्र से बढ़ के प्रतिभा के रस सोखेवाला कवनो दोसर चीज ना ह।” एह संदर्भ के उपयुक्त शीर्षक का हो सकेला?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) सरकारी सहायता आ साहित्य पूरा गद्यांश सरकारी सहायता पर निर्भरता और उसके साहित्य पर असर की बात करता है, इसलिए उपयुक्त शीर्षक 'सरकारी सहायता और साहित्य' है।
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प्रश्न 57
“कोई चाहत नइखे” के मतलब भइल
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) कोई चाहत ही नइखे 'कोई चाहत नइखे' पर बल देने के लिए 'ही' जोड़ा जाता है—'कोई चाहत ही नइखे', यानी कोई चाहता ही नहीं।
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प्रश्न 58
“कहे के चाहतानी” ई वाक्य कवन काल में ह?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) वर्तमान काल 'कहे के चाहतानी' में 'चाहतानी' वर्तमान काल का रूप है—इस समय कहना चाहता हूँ।
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प्रश्न 59
एह संदर्भ के आधार पर कहल जा सकेला कि सरकारी सहायता पर निर्भर रहे के प्रवृत्ति
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) स्वतंत्रता-प्राप्ति के पहिले कम रहे गद्यांश कहता है कि स्वतंत्रता के बाद सरकारी सहायता पर निर्भरता बहुत बढ़ गई, अर्थात् स्वतंत्रता से पहले वह कम थी।
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प्रश्न 60
ऊ साहित्य कभी स्वस्थ, सबल आ प्रेरक ना हो सके जवन
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से ज्यादा गद्यांश के अनुसार सरकारी आश्रय में और सरकारी संकेत पर रचा गया साहित्य स्वस्थ, सबल और प्रेरक नहीं हो सकता—एक से अधिक विकल्प यही कहते हैं।
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प्रश्न 61
‘भोजपुरी कथा साहित्य’ पुस्तक के लेखक के हँ?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कवनो ना 'भोजपुरी कथा साहित्य' के लेखक दिए गए तीनों में से कोई नहीं हैं, इसलिए उत्तर 'इनमें से कोई नहीं' है।
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प्रश्न 62
भोजपुरी के पहिला उपन्यास कौन-सा ह?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) बिंदिया भोजपुरी का पहला उपन्यास 'बिंदिया' माना जाता है।
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प्रश्न 63
भोजपुरी साहित्य के आदिकाल के समय ह
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) 750–1400 ई. भोजपुरी साहित्य का आदिकाल 750 से 1400 ई. तक माना जाता है, जिसमें सिद्ध और नाथ साहित्य आता है।
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प्रश्न 64
इनमें से मुक्त छंद में लिखे वाला रचनाकार कौन ह?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से ज्यादा मुक्त छंद में लिखने वाले रचनाकारों में एक से अधिक नाम आते हैं, इसलिए उत्तर 'एक से अधिक' है।
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प्रश्न 65
‘कैलाश दर्शन’ यात्रा साहित्य इनमें से किसके द्वारा रचित है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) रसिक बिहारी ओझा 'कैलाश दर्शन' यात्रा-साहित्य की रचना रसिक बिहारी ओझा ने की।
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प्रश्न 66
नीचे दिहल अंश के ध्यान से पढ़ीं आ अंश से संबंधित सवाल के सही विकल्प चुनें। “संस्कृति के सामान्य अर्थ—मानव जीवन के दैनिक आचरण, जीवन-यापन आ गतिविधि आदि ह। दरअसल संस्कृति के निर्माण एगो लमहर परंपरा के बाद होला। संस्कृति ऊ विचार आ आचरण के नियम आ मूल्य हवे जे अपना अतीत से हासिल कइल गइल। एही से कहल जाला कि हमनी के अतीत से आपन धरोहर के रूप में प्राप्त कइल जाला। यानी संस्कृति एगो विशिष्ट जीवन-शैली के नाम ह। ई एगो सामाजिक धरोहर ह, जीवन-परंपरा से निकलल बा। अक्सर सभ्यता आ संस्कृति के एके मानल जाला बाकिर एह में अंतर होला। सभ्यता में मानव जीवन के भौतिक पहलू के प्रमुखता बा, मने कि सभ्यता के अनुमान भौतिक सुख-सुविधा से लगावल जा सकेला। एकरा खातिर विपरीत संस्कृति के आत्मा मानल जा सकेला। एह से ई दुनू के अलग-अलग ना देखल जा सके। असल में दुनू एक-दूसरा के पूरक ह, इनकर विकास भी एके साथे होला। अंतर बस एतने बा कि सभ्यता समय के साथ बदलत रहेला, लेकिन संस्कृति शाश्वत रहेला।” संस्कृति के आशय ह
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से ज्यादा गद्यांश संस्कृति को दैनिक आचरण, जीवन-शैली और क्रियाकलाप—तीनों से जोड़ता है, इसलिए एक से अधिक विकल्प सही हैं।
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प्रश्न 67
संस्कृति को विरासत के स्वरूप कहल जाला, काहे कि
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) एकर निर्माण लम्बी परंपरा के बाद होला संस्कृति को विरासत कहा जाता है क्योंकि उसका निर्माण एक लंबी परंपरा के बाद होता है और वह पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आती है।
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प्रश्न 68
मनुष्य के भौतिक पक्ष प्रधान होला
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) सभ्यता में सभ्यता में मनुष्य का भौतिक पक्ष प्रधान होता है—साधन, यंत्र और रहन-सहन; संस्कृति में उसका आंतरिक पक्ष।
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प्रश्न 69
निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द ‘शाश्वत’ के पर्याय नइखे?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कवनो ना 'नित्य', 'निरंतर' और 'सदैव'—तीनों ही 'शाश्वत' के पर्याय के रूप में चलते हैं, इसलिए उत्तर 'इनमें से कोई नहीं' है।
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प्रश्न 70
गद्यांश के उचित शीर्षक होई
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) सभ्यता और संस्कृति गद्यांश सभ्यता और संस्कृति के भेद पर चलता है, इसलिए उपयुक्त शीर्षक 'सभ्यता और संस्कृति' है।
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प्रश्न 71
नीचे दिहल अंश के ध्यान से पढ़ीं आ अंश से संबंधित सवाल के सही विकल्प चुनें। “हम ई नइखी कहत कि हिनुई ना पढ़ावल जाई। जे बेसी पढ़े चाहता, जे महटर, ओकील, डाकदर, इंजियर चाहे बड़का अमला फइला बने के होखे ओकरा हिनुई पढ़े के चाहीं। बड़का बिदा खातिर हिनुई पढ़ल जरूरी बा। बाकी सभ लोग त ई कुलि दरजा खातिर तइयार नानु कइल जाला, जेकरा ओतना समरथ होई से ओतना पढ़ी, लेकिन देसवा के समुच्चा लोग घर अउर गाँव के एक-एक बैकत ओतना ना पढ़ सकेला… लोग समझत बा कि ई एगो जिमीदारी हवे।” ‘हिनुई’ शब्द के का अर्थ ह?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) हिन्दी गद्यांश में बड़ी विद्या के लिए जिस भाषा की बात है, वह हिन्दी है—रिक्त स्थान पर वही बैठता है।
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प्रश्न 72
जे डॉक्टर, इंजीनियर, वकील आदि बने चाहत बा, ओह लोग के कवन भाषा के ज्ञान होखे के चाहीं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) हिन्दी गद्यांश के अनुसार डॉक्टर, इंजीनियर, वकील बनने वालों को भी हिन्दी का ज्ञान होना चाहिए, क्योंकि उच्च शिक्षा उसी में सुलभ हो।
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प्रश्न 73
हिन्दी पढ़ना काहे आवश्यक ह?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) उच्च शिक्षा के लिए गद्यांश में हिन्दी पढ़ना उच्च शिक्षा के लिए आवश्यक बताया गया है।
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प्रश्न 74
‘समरथा’ शब्द के मानक हिन्दी रूप ह
उत्तर देखें
सही उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कवनो ना 'समरथा' का मानक हिन्दी रूप 'सामर्थ्य' है, जो दिए गए किसी विकल्प में नहीं है।
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प्रश्न 75
देवरिया किस राज्य के अभिन्न अंग ह?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) उत्तर प्रदेश देवरिया उत्तर प्रदेश का जिला है, जो भोजपुरी भाषा-क्षेत्र का भाग भी है।
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प्रश्न 76
‘भोजपुरी भाषा और साहित्य’ किताब के रचयिता के ह?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) उदय नारायण तिवारी 'भोजपुरी भाषा और साहित्य' के रचयिता डॉ. उदय नारायण तिवारी हैं।
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प्रश्न 77
भोजपुरी बोली आ साहित्य खातिर ‘भोजपुरी’ शब्द के सबसे पहिले कवन मशहूर भाषाविद् प्रयोग कइले?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) जॉन बीम्स भोजपुरी बोली और साहित्य के लिए 'भोजपुरी' शब्द का सबसे पहले प्रयोग भाषाविद् जॉन बीम्स ने किया।
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प्रश्न 78
‘बिहार पीजेंट लाइफ’ किताब के लेखक के ह?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) जी. ए. ग्रीयर्सन 'बिहार पीजेंट लाइफ' के लेखक जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन हैं, जिसमें उन्होंने बिहार के ग्रामीण जीवन और शब्दावली का विवरण दिया।
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प्रश्न 79
भोजपुरी साहित्य के इतिहास के तहत संत साहित्य के का काल बा?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) 1400 ई. से 1800 ई. तक भोजपुरी साहित्य के इतिहास में संत साहित्य का काल 1400 ई. से 1800 ई. तक माना जाता है।
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प्रश्न 80
‘पंचमकार’ साधना-विधि कवन सम्प्रदाय के विशेषता ह?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) सिद्ध सम्प्रदाय 'पंचमकार' साधना-विधि सिद्ध संप्रदाय की विशेषता है।
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प्रश्न 81
सिद्ध सम्प्रदाय के लोग जीवन रहस्यात्मक भाषा के प्रयोग करेलें, ओकरा के विद्वान लोग कवन नाम देले बा?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) संध्या भाषा सिद्धों की रहस्यात्मक भाषा को विद्वानों ने 'संध्या भाषा' कहा है, क्योंकि उसमें अर्थ कुछ स्पष्ट और कुछ धुँधला रहता है।
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प्रश्न 82
भोजपुरी के पहिला कवि केकरा के मानल जाला?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) सरहपा भोजपुरी का पहला कवि सरहपा माना जाता है, जो सिद्धों में सबसे पहले आते हैं।
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प्रश्न 83
“इस गाथा काव्य का पूर्वी पाठांतर केवल भ्रमण करने वाले गायकों के कंठों में ही आज वर्तमान है और प्रायः बिहार की बोली में पाया जाता है।” ‘आल्हा’ के संदर्भ में प्रस्तुत कथन कवन विद्वान के ह?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) जी. ए. ग्रीयर्सन 'आल्हा' के पूर्वी पाठांतर के बारे में यह कथन जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन का है।
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प्रश्न 84
“तोरा हीरा हराइल बा कीचरे में। केहू ढूँढ़े पूरब केहू ढूँढ़े पश्चिम, केहू ढूँढ़े पानी पत्थरे में।” प्रस्तुत कविता-पंक्ति कवन संत कवि के ह?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) कबीरदास “तोरा हीरा हेराइल बा कीचरे में”—ये पंक्तियाँ कबीरदास की हैं, जिनमें भीतर के हीरे को बाहर खोजने की व्यर्थता कही गई है।
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प्रश्न 85
श्यामसुन्दर दास के सम्पादित ‘कबीर ग्रंथावली’ कवन संस्था से प्रकाशित भइल?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) नागरी प्रचारिणी सभा, काशी श्यामसुंदर दास द्वारा संपादित 'कबीर ग्रंथावली' नागरी प्रचारिणी सभा, काशी से प्रकाशित हुई।
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प्रश्न 86
“बनिया समुझि के लाद लदनिया। ई सब मीत काम ना अहइँ संग न जइहें करधनिया।” प्रस्तुत कविता-पंक्ति कवन कवि के ह?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) पलटूदास “बनिया समुझि के लाद लदनिया”—ये पंक्तियाँ पलटूदास की हैं, जो निर्गुण संत परंपरा के कवि थे।
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प्रश्न 87
‘कजरी गीत’ कवन लोकगीत के तहत आवेला?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) ऋतु गीत 'कजरी' सावन-भादो में गाया जाने वाला गीत है, इसलिए वह ऋतु गीत के अंतर्गत आता है।
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प्रश्न 88
“आवह सब मिलिके रोवहु भारत भाई। हा! हा! भारत दुर्दशा न देखी जाई॥” भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के ई काव्य-पंक्ति कवन रचना से उद्धृत बा?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) भारत दुर्दशा “आवहु सब मिलिके रोवहु भारत भाई”—ये पंक्तियाँ भारतेंदु हरिश्चंद्र की 'भारत दुर्दशा' से हैं, जिसमें देश की दशा पर विलाप है।
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प्रश्न 89
इनमें से कवन कवि ‘भोजपुरी के शेक्सपियर’ के नाम से जानल जाला?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) भिखारी ठाकुर भिखारी ठाकुर को 'भोजपुरी का शेक्सपियर' कहा जाता है; 'बिदेसिया' उनकी सबसे प्रसिद्ध कृति है।
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प्रश्न 90
अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन के पहिला अधिवेशन के अध्यक्ष के रहलन?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) उदयनारायण तिवारी अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन के पहले अधिवेशन की अध्यक्षता डॉ. उदयनारायण तिवारी ने की।
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प्रश्न 91
नीचे दिहल अंश के ध्यान से पढ़ीं आ अंश से संबंधित सवाल के सही विकल्प चुनें। “भोजपुरी भाषा में उच्च कोटि के साहित्य-रचने करे खातिर ना, ओकरा सामान्य रूप से पढ़न-पाठन करे खातिर आ ओकरा के कलम के भाषा बनावे खातिर भी ओकरा मानक वर्तनी के निर्धारण आवश्यक बा। अगर लेखक लोग शब्दन के अपना-अपना ढंग से, आ कभौं-कभौं बिना ढंगो के, लिखत रही त भाषा के क्षेत्र में भारी अराजकता होई। मानक वर्तनी के अभाव में ई होत रही कि ‘लोढ़ा’ लिख दिहाई आ ‘पत्थर’ पढ़ लिहाई। भाषा के विकास खातिर अइसन स्थिति बहुते अवांछनीय बा।” उपयुक्त अंश के उचित शीर्षक का होई?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) मानक भोजपुरी वर्तनी के आवश्यकता पूरा गद्यांश इस बात पर है कि भोजपुरी को कलम की भाषा बनाने के लिए मानक वर्तनी चाहिए, इसलिए उपयुक्त शीर्षक 'मानक भोजपुरी वर्तनी की आवश्यकता' है।
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प्रश्न 92
“‘लोढ़ा’ लिख दिहाई आ ‘पत्थर’ पढ़ लिहाई” के का मतलब होला?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) जे पढ़ल-लिखलाके बादो बेकार हो जाला “'लोढ़ा' लिख दीजिए और 'पत्थर' पढ़ लीजिए”—इसका अर्थ है कि पढ़-लिखकर भी व्यक्ति बेकार हो जाए, यानी शिक्षा का कोई लाभ न हो।
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प्रश्न 93
‘अराजकता’ के मतलब बताईं।
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) हलचल 'अराजकता' का अर्थ है व्यवस्था का न रहना—जिससे चारों ओर हलचल और अफरातफरी मच जाती है।
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प्रश्न 94
निम्नलिखित में से कवन ‘अवांछनीय’ के पर्यायवाची ना ह?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) आवश्यक 'अप्रिय' और 'प्रतिकूल'—दोनों 'अवांछनीय' के पर्याय हैं, पर 'आवश्यक' तो उसका उलटा भाव देता है, इसलिए वही पर्यायवाची नहीं है।
1 अंक · 2023 · सेट A
प्रश्न 95
अंश में उद्धृत ‘उच्च कोटि के साहित्य’ से का मतलब बा?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कवनो ना गद्यांश में 'उच्च कोटि के साहित्य' का अर्थ किसी वर्ग विशेष की स्वीकृति नहीं, बल्कि कलात्मक श्रेष्ठता है—इसलिए दिया गया कोई विकल्प सही नहीं है।
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प्रश्न 96
नीचे दिहल अंश के ध्यान से पढ़ीं आ अंश से संबंधित सवाल के सही विकल्प चुनें। “गरीब भइला ले बढ़ि के दूसर कवनो भारी पाप नइखे। गरीब मेहनत क के दुनिया के गेहूँ-बासमती खियावत बा, रेशम आ साल-दुसाला ओढ़ाके रेल, मोटर, उड़नजाहाज पर चढ़ावत बा। ओकरा के भरपेट अनाज आ लेवा-गुदरा तक दुर्लभ भइल बा। मालदार लोग नेवार के पलंगड़ी पर अपने त सुतते बाड़न, उनकर कुकुर तक दूध-बदाम नइखे पूछत।” ऊपर दिहल अंश में केकर दुर्दशा के वर्णन बा?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) किसान आ मजदूर के गद्यांश में अनाज उगाने, कपड़ा बुनने और सवारी चलाने वाले—यानी किसान और मजदूर—की बात है, जिनके श्रम पर दुनिया चलती है।
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प्रश्न 97
‘गेहूँ-बासमती’ कवन समास ह?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) द्वंद्व समास 'गेहूँ-बासमती' में दोनों शब्द समान महत्व के हैं और बीच में 'और' छिपा है, इसलिए यह द्वंद्व समास है।
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प्रश्न 98
‘चढ़ाव’ शब्द में प्रत्यय बा
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) आव 'चढ़ाव' में मूल 'चढ़' के साथ 'आव' प्रत्यय लगा है, जो भाववाचक संज्ञा बनाता है।
1 अंक · 2023 · सेट A
प्रश्न 99
“उनकर कुकुर तक दूध-बदाम नइखे पूछत” के का मतलब होला?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) अमीर के जानवर भी ठाठ-बाट के जीवन जियेलें “उनके कुत्ते तक दूध-बादाम नहीं पूछते”—इसका अर्थ है कि अमीर के जानवर भी ठाठ-बाट का जीवन जीते हैं।
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प्रश्न 100
ऊपर दिहल अंश के मुख्य मन्तव्य का ह?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) गरीबी बहुत कष्टदायक होला गद्यांश का मुख्य मंतव्य यही है कि गरीबी बहुत कष्टदायक होती है—गरीब सबका पेट भरता है, पर स्वयं अभावों में रहता है।