सही उत्तर: (C) सुन्दरसँयोग नाटक जीवन झा के जिस नाटक से मैथिली नाट्य-साहित्य की विकास-परंपरा बनी, वह 'सुन्दरसँयोग' है।
1 अंक · 2023 · सेट A
प्रश्न 59
विद्यापति गीतावलीमे कुल पाठ्यांश अछि
उत्तर देखें
सही उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोनो नहि विद्यापति गीतावली के पाठ्यांशों की संख्या दिए गए विकल्पों से भिन्न है, इसलिए उत्तर 'इनमें से कोई नहीं' है।
1 अंक · 2023 · सेट A
प्रश्न 60
विद्यापतिक समय मानल गेल अछि
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) 1350 सँ 1450 ई. धरि विद्यापति का समय 1350 से 1450 ई. तक माना जाता है।
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प्रश्न 61
डॉ. अमरनाथ झा द्वारा गोविन्ददासक पदक संकलन कए प्रकाशित भेल से अछि
उत्तर देखें
सही उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोनो नहि डॉ. अमरनाथ झा द्वारा संकलित गोविन्ददास के पदों का संग्रह दिए गए नामों से भिन्न है, इसलिए उत्तर 'इनमें से कोई नहीं' है।
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प्रश्न 62
“व्यर्थ अपनहि ऊपर कोहन करि जनु अभिरोष विधि विडम्बित बात ई, एहि में ककर दोष?” शीर्षक रचना अछि
उत्तर देखें
सही उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोनो नहि यह पंक्ति दिए गए तीनों शीर्षकों में से किसी की नहीं है, इसलिए उत्तर 'इनमें से कोई नहीं' है।
सही उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोनो नहि मैथिल स्त्री की पहचान पर यह टिप्पणी दिए गए तीनों लेखकों में से किसी की नहीं है, इसलिए उत्तर 'इनमें से कोई नहीं' है।
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प्रश्न 64
‘कन्यादान’ उपन्यास लिखल गेल अछि
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) 1933 ई. मे हरिमोहन झा का उपन्यास 'कन्यादान' 1933 ई. में लिखा गया।
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प्रश्न 65
“जे जन कएल जमाय बिकौआ। तनिक मान धन नाश। दुखवनहि आदर हो तनिका। सब खन चित्तमे त्रास” लिखने छथि
उत्तर देखें
सही उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोनो नहि जमाई को बेचने-खरीदने पर व्यंग्य करती ये पंक्तियाँ दिए गए तीनों कवियों में से किसी की नहीं हैं, इसलिए उत्तर 'इनमें से कोई नहीं' है।
सही उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोनो नहि 'प्राचीन मैथिली साहित्यक रूपरेखा' निबंध दिए गए तीनों में से किसी का नहीं है, इसलिए उत्तर 'इनमें से कोई नहीं' है।
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प्रश्न 67
म. म. हरप्रसाद शास्त्री सिद्ध साहित्यक अन्वेषण कएलनि
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) 1916 ई. मे महामहोपाध्याय हरप्रसाद शास्त्री ने सिद्ध साहित्य की खोज 1916 ई. में की।
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प्रश्न 68
साहित्य अकादमी द्वारा मैथिली साहित्यकेँ कहिया भाषाक रूपमे स्वीकृति भेटल
उत्तर देखें
सही उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोनो नहि साहित्य अकादमी ने मैथिली को भाषा के रूप में 1965 ई. में स्वीकार किया, जो दिए गए विकल्पों में नहीं—इसलिए उत्तर 'इनमें से कोई नहीं' है।
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प्रश्न 69
मैथिली संविधानमे कोन वर्ष आयल?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोनो नहि मैथिली संविधान की आठवीं अनुसूची में 2003 के 92वें संशोधन से आई, पर कुंजी के अनुसार दिए गए विकल्पों में उत्तर नहीं है।
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प्रश्न 70
प्रबोध साहित्य सम्मान कोन संस्था द्वारा देल जाइत अछि?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) स्वास्ति फाउंडेशन प्रबोध साहित्य सम्मान स्वास्ति फाउंडेशन देता है।
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प्रश्न 71
‘मैथिली पुनर्जागरण प्रकाश’ प्रकाशित होइत अछि
उत्तर देखें
सही उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोनो नहि 'मैथिली पुनर्जागरण प्रकाश' की प्रकाशन-अवधि दिए गए विकल्पों से भिन्न है, इसलिए उत्तर 'इनमें से कोई नहीं' है।
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प्रश्न 72
साहित्य अकादमी पुरस्कार, 2022 ई. प्राप्त भेल छथि
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) अजित आज़ाद मैथिली के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार, 2022 अजित आज़ाद को मिला।
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प्रश्न 73
‘शोधार्थी’ शोध पत्रिका प्रकाशित भेल अछि
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुरसँ 'शोधार्थी' शोध पत्रिका तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय से प्रकाशित हुई।
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प्रश्न 74
‘साते भवतु सुप्रीता देवी शिखरवासिनी’ अछि
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) मैथिल नेनाक पहिलपाठ 'साते भवतु सुप्रीता देवी शिखरवासिनी' मैथिल बालक का पहला पाठ माना जाता है।
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प्रश्न 75
गंगा बहथि जनिक दक्षिण दिसि पूर्व कोशीकी धारा। पश्चिम बहथि गण्डकी उत्तर हिमवत बल-विस्तारा। —अनुवाद कयने छथि
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) कवीश्वर चन्दा झा मिथिला की चौहद्दी बताने वाली इन पंक्तियों का अनुवाद कवीश्वर चन्दा झा ने किया।
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प्रश्न 76
डॉ. मायानन्द मिश्र मैथिली साहित्यक इतिहासक आदिकाल मानैत छथि
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) 1300 ई. सँ 1600 ई. धरि डॉ. मायानन्द मिश्र मैथिली साहित्य के आदिकाल को 1300 से 1600 ई. तक मानते हैं।
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प्रश्न 77
उद्गमक विचारसँ ‘आँखि’ कोन शब्द थिक?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) तद्भव 'आँखि' संस्कृत 'अक्षि' से बिगड़कर बना है, इसलिए वह तद्भव शब्द है।
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प्रश्न 78
मिथिलांचल आइ उद्योगविहीन भए बाढ़ि-चपेट सहित राष्ट्रीय स्तर पर यातनामय जीवन बितेबा लेल विवश भेल अछि। आर्थिक दुरवस्थासँ जर्जर कृषक वर्ग अनेक संभावनासँ रहितहुँ दयनीय अवस्थामे पड़ल छथि। एहि गद्यांशमे ककर चित्रण कएल गेल अछि?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) मिथिलाक किसानक दुर्दशा गद्यांश में उद्योगविहीन मिथिलांचल के बाढ़-पीड़ित और आर्थिक दुर्दशा से जर्जर किसान का चित्रण है।
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प्रश्न 79
‘बौद्धगान ओ दोहा’क अनुसन्धान कएलनि
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक 'बौद्धगान ओ दोहा' के अनुसंधान में हरप्रसाद शास्त्री के साथ अन्य विद्वानों का भी योग रहा, इसलिए उत्तर 'एक से अधिक' है।
सही उत्तर: (A) साहित्यके परिवर्तित स्वरूपकेँ गद्यांश के अनुसार साहित्यकार अपनी रचना में साहित्य के बदलते स्वरूप को अंकित करता है।
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प्रश्न 81
ब्रजकिशोर वर्मा ‘मणिपद्म’ द्वारा रचित अछि
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) नैका बनिजारा ब्रजकिशोर वर्मा 'मणिपद्म' की रचना 'नैका बनिजारा' है।
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प्रश्न 82
सर्वांगीण अभ्युदयक हेतु उचित थिक जे हमर लोकनिक अपन पूर्व-संचित ज्ञानक भंडार दिस ध्यान दी। जे किछु करी, आन देशसँ जे सामग्री लाबी तकर उपयोग करी अपन राष्ट्र-निर्माणमे अवश्य, परन्तु आधार रहय अपन प्राचीन संस्कृतिक। अभ्युदय हेतु मूल शिक्षाक आमूल परिवर्तन आवश्यक अछि। एहि गद्यांशमे पूर्वजक संचित ज्ञानक सन्दर्भमे की दिशा-निर्देश अछि?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) अभ्युदय हेतु शिक्षामे परिवर्तन गद्यांश का मूल भाव यही है कि अभ्युदय के लिए शिक्षा में परिवर्तन चाहिए, जिसका आधार अपनी प्राचीन संस्कृति हो।
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प्रश्न 83
प्रकृति अपन पुरान उखड़ल रूपक परित्याग कए क्रमशः कतहु गुलाबी त कतहु सूर्यपंखी वस्त्र पहिरि नवीन आगन्तुक राजाक अभिनन्दन करबाक हेतु नाना प्रकारक आयोजनमे लागल गेल अछि। एहि गद्यांशमे प्रकृति ककर स्वागतक आयोजन कए रहल अछि?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) वसन्त ऋतुक स्वागतक आयोजन गुलाबी और सूर्यपंखी वस्त्र पहनकर प्रकृति वसंत ऋतु के स्वागत का आयोजन कर रही है।
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प्रश्न 84
डॉ. जयकान्त मिश्र मैथिली साहित्यक आधुनिक काल मानैत छथि
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) 1860 ई. सँ अद्यावधि डॉ. जयकान्त मिश्र मैथिली साहित्य का आधुनिक काल 1860 ई. से अब तक मानते हैं।
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प्रश्न 85
मनुष्यक शरीर पाबि यदि ज्ञान, विज्ञान, ललितकला इत्यादिसँ अपन विकास तथा सामाजिक उन्नति नहि कए सकलहुँ तँ ओ शरीर निष्फल थिक। यदि एहि शरीर पाबि माताक ममता, स्त्रीक प्रेम, कुटुम्ब-परिवारक स्नेह, सामाजिक सौहार्द नहि प्राप्त कए सकलहुँ तँ मनुष्य भए कए की कयलहुँ? एहि गद्यांशमे जीवनक सफलताक हेतु की कहल गेल अछि?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) मानव जीवनक सफलताक मार्ग गद्यांश मानव जीवन की सफलता का मार्ग बताता है—ज्ञान, कला और स्नेह के बिना शरीर निष्फल है।
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प्रश्न 86
गाम-घरे बहुत गोटे जकरा अक्षर-ज्ञान नहि रहैक, अनकरासँ पढ़बा कऽ पोथी सुनलक। एहन साहित्यिक कृति विरल होइत अछि, जे साक्षरताक सामान्य प्राथमिक शर्त आ सीमाकेँ टपि जनमानस धरि अव्याहत रूपेँ पहुँचैत अछि आ साहित्यक विस्तार देबाक सामर्थ्य रखैत अछि। एहि गद्यांशक आलोकमे विद्यापतिक पदक पश्चात् कोन रचना एहि सौभाग्य भेेलेलक?
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सही उत्तर: (C) कन्यादान निरक्षर जनमानस तक पहुँचने वाली ऐसी विरल कृति हरिमोहन झा का 'कन्यादान' है।
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प्रश्न 87
‘विविधा’ कोन विधाक रचना अछि?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) निबन्ध संग्रह 'विविधा' निबंध-संग्रह है।
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प्रश्न 88
प्रत्येक युगक श्रेष्ठ साहित्य अपना युगक प्रगतिशील विचार-समूह द्वारा कोनो ने कोनो रूपेँ अवश्य प्रभावित होइत अछि आ ओहि साहित्ये युगक प्रतिध्वनि रहैत अछि, एवं मानव मनकेँ गम्भीर रूपेँ प्रभावित कए जीवनक विभिन्न दिशामे प्रगतिशील बनबैत अछि। एहि पंक्तिमे श्रेष्ठ साहित्यक मूल्यांकन कोन रूपेँ कयल गेल अछि?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) साहित्यमें प्रगतिशील विचारक अभिव्यक्ति गद्यांश का भाव यही है कि साहित्य में अपने युग के प्रगतिशील विचारों की अभिव्यक्ति होती है।
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प्रश्न 89
…हम अधिकांश कविता कोनो क्षण-विशेषक अभिव्यक्तिक चित्र अछि। हम अपना कविता लेल ई आवश्यक नहि मानैत छी जे जे छन्द, लय, गीतात्मक प्रसार विधि यति प्रणालीकेँ मान्यता देल जाए। कविताक लेल एके वस्तु आवश्यक अछि ‘शब्द’। —उपर्युक्त कथन कोन साहित्यकारक थिक?
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सही उत्तर: (B) राजकमल चौधरी छंद और लय को आवश्यक न मानकर केवल 'शब्द' को कविता की शर्त कहने वाले साहित्यकार राजकमल चौधरी हैं।
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प्रश्न 90
मैथिली साहित्य भने अनवरत रचल जाइत हो मुदा ‘मैथिल समाज’ आ मैथिलीभाषी समाजक अवधारणा एखन धरि मैथिल समुदायमे कहाँ पनपि सकल अछि? मिथिलांचलमे वास-निवास करनिहार समस्त जाति-उपजाति समूह मैथिल थिक। सभक मातृभाषा मैथिली थिक। एहि गद्यांशमे समष्टिगत अवबोध नहि होएबाक की कारण अछि?
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सही उत्तर: (A) अशिक्षा गद्यांश के अनुसार मैथिल समाज की अवधारणा न पनपने का कारण अशिक्षा है।
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प्रश्न 91
मैथिली भाषामे रचित कोन पोथी सर्वप्रथम साहित्य अकादमीसँ पुरस्कृत भेल?
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सही उत्तर: (B) मिथिला वैभव मैथिली में सबसे पहले साहित्य अकादमी पुरस्कार 'मिथिला वैभव' को मिला।
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प्रश्न 92
व्यक्तित्व निर्माणमे सांस्कृतिक पर्यावरणक बड़ महत्व अछि। सांस्कृतिक अर्थ थिक रहन-सहन, आचार-विचार, समाजमे प्रचलित विधि-विधान आदि। प्रत्येक समाज वा जातिक अपन संस्कृति होइत अछि आ ताहिमे उत्पन्न प्रत्येक व्यक्ति अपन सांस्कृतिक परम्पराकेँ प्राप्त करैत अछि। एहि गद्यांशमे वर्णन कयल गेल अछि
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) सांस्कृतिक पर्यावरणक प्रभाव गद्यांश का विषय व्यक्तित्व-निर्माण पर सांस्कृतिक पर्यावरण का प्रभाव है।
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प्रश्न 93
सर्वप्रथम मैथिलीक मौलिक नाटक लिखनिहार छथि
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सही उत्तर: (A) जीवन झा मैथिली का पहला मौलिक नाटक जीवन झा ने लिखा।
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प्रश्न 94
मैथिली भाषाक प्रथम पत्रिका थिक
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सही उत्तर: (B) मैथिली हितसाधन मैथिली की पहली पत्रिका 'मैथिली हितसाधन' थी।
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प्रश्न 95
‘अम्बचरित’ महाकाव्यक रचनाकार छथि
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सही उत्तर: (C) महाकवि सीताराम झा 'अम्बचरित' महाकाव्य महाकवि सीताराम झा की रचना है।
1 अंक · 2023 · सेट A
प्रश्न 96
सुद्देश्यकेँ अपनाओने सुख होइत अछि, अन्यथा दुःख भोगए पड़ैत अछि, जकर फलस्वरूप पश्चात्ताप आ विफलतासँ विभिन्न जीवन भार भए जाइत अछि। एहि लेल स्वस्थ विचार प्रारम्भमे आवश्यक होइत अछि। असम्भव उद्देश्य दिस दौड़ब आ देखाबै करब सर्वथा-सर्वदा त्याज्य थिक। एहि गद्यांशमे सार्थक जीवन हेतु की कहल गेल अछि?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) मानवकेँ अपन उद्देश्यक प्रति सावधान रहब आवश्यक गद्यांश का भाव यही है कि मनुष्य को अपने उद्देश्य के प्रति सावधान रहना चाहिए—असंभव लक्ष्य के पीछे दौड़ना दुख देता है।
1 अंक · 2023 · सेट A
प्रश्न 97
साहित्य जखन अपन पुरानका आवरण त्यागि क’ नवका आवरण स्वीकार करैत अछि तँ ओहिमे भिन्न प्रकारक विचित्रता सन्निहित रहैत अछि। ओहि कालमे एक युगक आदर्श, प्रेरणा, जीवन-दर्शन तथा शिल्प-विधानक भीतर यदि परिवर्तन होइत अछि तँ प्रेरणासँ ल’ क’ शिल्प-विधान धरि नवयुग तीव्रतासँ संघर्ष करैत उठैत अछि। एहि गद्यांशमे लेखक साहित्यक कोन परिस्थितिक चित्रण करबाक प्रयास कयने छथि?
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सही उत्तर: (B) साहित्यिक क्षेत्रमे परिवर्तन स्वर गद्यांश में साहित्य के क्षेत्र में आने वाले परिवर्तन के स्वर की बात है।
1 अंक · 2023 · सेट A
प्रश्न 98
अपन संगी-साथीक ज्ञानक कार्य करैत देखि प्रत्येक छात्र आ छात्राक हृदयमे कार्यक प्रति प्रेम उत्पन्न होइत अछि आओर सहपाठीसभ बढ़ल-चढ़ल रहबाक लेल प्रतिस्पर्धात्मक भावना जगैत अछि। एहिसँ कार्यशील, सत्यवादी, स्वावलम्बी तथा उत्तरदायित्वपूर्ण नागरिकक निर्माण होइत अछि। एहि गद्यांशक आलोकमे छात्रकेँ की करबाक चाही?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) छात्रमे प्रतिस्पर्धात्मक भावनाक जागृति होएब आवश्यक गद्यांश के अनुसार सहपाठियों को देखकर छात्रों में प्रतिस्पर्धा की भावना जगती है, जो आवश्यक है।
1 अंक · 2023 · सेट A
प्रश्न 99
“...शस्त्रविद्या शास्त्रविद्याक पूरक बनि व्यक्ति, समाज आ देशक हेतु कल्याणकारी सिद्ध होइत अछि। देशप्रेम, देशसेवा, आत्मबलिदान आ चरित्र निर्माणक सुअवसर छात्रकेँ जीवनमे विकासक महान अवसर प्रदान करैत अछि।” एहि गद्यांशमे कोन विद्याक महत्व पर प्रकाश देल गेल अछि?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) शस्त्र एवं शास्त्र दुनू शिक्षा देशक लेल आवश्यक गद्यांश का आशय यही है कि देश के लिए शस्त्र और शास्त्र—दोनों की शिक्षा आवश्यक है।