GS: हिन्दी / English · भाषा के प्रश्न मूल भाषा में रहेंगे।
120 प्रश्न · 120 अंक · 2 घंटे
प्रत्येक गलत उत्तर पर 1/4 अंक की कटौती। हर प्रश्न में केवल एक विकल्प चुनें।
उत्तर जाँचने के लिए विकल्प पर टैप करें या “उत्तर देखें” खोलें।
सही उत्तर: (A) हाथी
'नाग' शब्द से यहाँ हाथी अभिप्रेत है, जो शक्ति और धैर्य का प्रतीक है।
सही उत्तर: (C) गृहत्याग
महाभिनिष्क्रमण का अर्थ है बुद्ध का गृहत्याग।
सही उत्तर: (A) सारनाथ
प्रथम धम्मचक्कप्पवत्तन के कारण सारनाथ प्रसिद्ध है, जहाँ बुद्ध ने पहला उपदेश दिया।
सही उत्तर: (C) अजातशत्रु
प्रथम धम्म संगीति मगधराज अजातशत्रु के आश्रय में हुई।
सही उत्तर: (A) वसल सुत्त
“न जच्चा वसलो होति न जच्चा होति ब्राह्मणो”—जन्म से कोई नीच या ब्राह्मण नहीं होता—यह उपदेश वसल सुत्त का है।
सही उत्तर: (C) मूर्ख
'बाल वग्ग' में 'बाल' का अर्थ मूर्ख है, आयु में छोटा नहीं।
सही उत्तर: (B) मन का महत्व
'धम्मपद' के 'यमक वग्ग' की विषयवस्तु मन का महत्त्व है—“मनोपुब्बङ्गमा धम्मा” से वह आरंभ होता है।
सही उत्तर: (B) ज्ञानी प्राणी
बोधिसत्त्व का अर्थ है बोधि अर्थात् ज्ञान की ओर बढ़ा हुआ प्राणी—ज्ञानी प्राणी।
सही उत्तर: (A) त्रिपिटक
प्रथम धम्म संगीति में जिस साहित्य का संज्ञान हुआ, वही त्रिपिटक कहा जाता है।
सही उत्तर: (B) कुशीनारा
बुद्ध का महापरिनिब्बाण कुशीनारा में हुआ।
सही उत्तर: (B) अनुपिटक साहित्य
'मिलिन्दपञ्ह' त्रिपिटक से बाहर का ग्रंथ है, इसलिए उसकी गणना अनुपिटक साहित्य में होती है।
सही उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं
द्वितीय बौद्ध संगीति कालाशोक के शासनकाल में वैशाली में हुई, जो दिए गए विकल्पों में नहीं—इसलिए उत्तर 'इनमें से कोई नहीं' है।
सही उत्तर: (B) 15
'खुद्दकनिकाय' में पंद्रह ग्रंथ संगृहीत हैं।
सही उत्तर: (C) 500 (पाँच सौ)
प्रथम बौद्ध संगीति में पाँच सौ अर्हतों ने भाग लिया।
सही उत्तर: (C) दुक्खनिरोध
तृतीय आर्य सत्य 'दुक्खनिरोध' है—दुख का निरोध संभव है।
सही उत्तर: (C) 45 वर्ष
बोधि प्राप्ति के बाद बुद्ध पैंतालीस वर्ष तक धम्म का उपदेश देते रहे।
सही उत्तर: (A) आकिञ्चञ्ञायतन
अरूपध्यान की तृतीय अवस्था आकिञ्चञ्ञायतन है।
सही उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं
आर्य अष्टांगिक मार्ग का चौथा अंग सम्मा-कम्मन्त (सम्यक् कर्म) है, जो दिए गए विकल्पों में नहीं—इसलिए उत्तर 'इनमें से कोई नहीं' है।
सही उत्तर: (B) विभावनी
'अभिधम्मत्थसङ्गहो' की टीका का नाम 'विभावनी' है।
सही उत्तर: (B) पोराण
प्रथम संगीति के संज्ञान को पोराण भिक्षु ने स्वीकार नहीं किया।
सही उत्तर: (B) यमक वग्ग
“मनोपुब्बङ्गमा धम्मा मनोसेट्ठा मनोमया”—यह गाथा 'धम्मपद' के यमक वग्ग की पहली गाथा है।
सही उत्तर: (C) महापरिनिब्बान सुत्त
बुद्ध के अंतिम दिनों का विवरण 'महापरिनिब्बान सुत्त' में मिलता है।
सही उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं
तृतीय बौद्ध संगीति के संरक्षक सम्राट अशोक थे, जो दिए गए विकल्पों में नहीं—इसलिए उत्तर 'इनमें से कोई नहीं' है।
सही उत्तर: (C) परमत्थमञ्जूसा
'विशुद्धिमग्ग' की टीका 'परमत्थमञ्जूसा' है।
सही उत्तर: (A) अनुरुद्ध
'अभिधम्मत्थसङ्गहो' के रचनाकार अनुरुद्ध हैं।
सही उत्तर: (C) पटिच्चसमुप्पादो
“इमस्मिं सति इदं होति”—इस होने पर वह होता है—यह प्रतीत्यसमुत्पाद (पटिच्चसमुप्पाद) का सूत्र है।
सही उत्तर: (A) चतुब्बिधो
अभिधम्म में परमत्थधम्म चार प्रकार का कहा गया है—चित्त, चेतसिक, रूप और निब्बान।
सही उत्तर: (C) निब्बानस्स
जैसे महासागर का एक ही रस लवण है, वैसे ही बुद्धवचन का एक ही रस विमुक्ति है—इस पद में निब्बान का महत्त्व प्रकट हुआ है।
सही उत्तर: (A) निब्बानं
'निरूपधि' का अर्थ है उपधि से मुक्त—यानी निब्बान को प्राप्त, जिसे कोई शोक नहीं होता।
सही उत्तर: (B) चक्खुविञ्ञाणं
चक्षु और रूप के संयोग से चक्खुविञ्ञाण (चक्षु-विज्ञान) उत्पन्न होता है।
सही उत्तर: (C) बुद्ध
पालि साहित्य में बुद्ध के उपदेशों का संकलन है।
सही उत्तर: (A) प्रथम संगीति
धर्म और विनय का संज्ञान प्रथम संगीति में हुआ।
सही उत्तर: (C) पाँच
'सुत्तपिटक' पाँच निकायों में बाँटा गया है—दीघ, मज्झिम, संयुत्त, अंगुत्तर और खुद्दक।
सही उत्तर: (C) चौंतीस
'दीघनिकाय' में चौंतीस सुत्त संगृहीत हैं।
सही उत्तर: (A) मूलपरियायसुत्त
'मज्झिमनिकाय' का पहला सुत्त 'मूलपरियायसुत्त' है।
सही उत्तर: (B) अप्पमाद वग्ग
'धम्मपद' का दूसरा वग्ग 'अप्पमाद वग्ग' है।
सही उत्तर: (A) यमक वग्ग
“न हि वेरेन वेरानि”—वैर से वैर नहीं शांत होता—यह गाथा यमक वग्ग की है।
सही उत्तर: (B) अनुपिटक
'मिलिन्दपञ्हो' अनुपिटक साहित्य में अंतर्निहित है।
सही उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं
महाभिनिष्क्रमण के समय सिद्धार्थ की आयु उनतीस वर्ष थी, जो दिए गए विकल्पों में नहीं—इसलिए उत्तर 'इनमें से कोई नहीं' है।
सही उत्तर: (B) तृतीय
चार आर्य सत्यों में 'दुक्खनिरोध' तीसरे स्थान पर है।
सही उत्तर: (A) बीस
'धम्मपद' के 'यमक वग्ग' में बीस गाथाएँ हैं।
सही उत्तर: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं
सुजाता ने वृक्ष से पुत्र-प्राप्ति की प्रार्थना की थी, जो दिए गए विकल्पों में नहीं—इसलिए उत्तर 'इनमें से कोई नहीं' है।
सही उत्तर: (A) वैशाख-पूर्णिमा
सुजाता ने वैशाख-पूर्णिमा के दिन महासत्त्व को खीर अर्पित की।
सही उत्तर: (C) पूर्णा
सुजाता की दासी का नाम पूर्णा था।
सही उत्तर: (C) अलंकार
सूचना देने पर सुजाता ने प्रसन्न होकर अपनी दासी को अलंकार दिए।
सही उत्तर: (A) स्वर्ण
सुजाता ने बोधिसत्त्व को खीर स्वर्ण की थाली में दी थी।
सही उत्तर: (C) नेरञ्जरा
बोधिसत्त्व ने खीर-भरी थाली नेरञ्जरा नदी के तट पर रखी।
सही उत्तर: (C) उनचास
बोधिसत्त्व ने उस खीर को उनचास पिंडों में बाँटा।
सही उत्तर: (C) पूर्वाभिमुख
ज्ञान-प्राप्ति के लिए बोधिसत्त्व पूर्व की ओर मुँह करके आसन पर बैठे।
सही उत्तर: (C) चौदह
बोधिसत्त्व के उस आसन की लंबाई चौदह हाथ बताई गई है।