मूलों की प्रकृति पहचानना — नियम समझकर हल और उसकी जाँच करना।
द्विघाती सूत्र में √D आता है। D धनात्मक, शून्य या ऋणात्मक होने से वास्तविक मूलों की संख्या बदलती है।
विविक्तकर (Discriminant) D = b² − 4ac। D > 0 पर दो भिन्न वास्तविक मूल, D = 0 पर दो बराबर वास्तविक मूल और D < 0 पर कोई वास्तविक मूल नहीं होता।
a = 1, b = -3, c = -10
D = (-3)² − 4 × 1 × (−10) = 9 + 40 = 49
D > 0, इसलिए दो भिन्न वास्तविक मूल
दो भिन्न वास्तविक मूल (D = 49)
D < 0 का अर्थ कोई वास्तविक मूल नहीं है। a ≠ 0 होना भी जरूरी है।
द्विघाती सूत्र में √D आता है। D धनात्मक, शून्य या ऋणात्मक होने से वास्तविक मूलों की संख्या बदलती है।
विविक्तकर (Discriminant) D = b² − 4ac। D > 0 पर दो भिन्न वास्तविक मूल, D = 0 पर दो बराबर वास्तविक मूल और D < 0 पर कोई वास्तविक मूल नहीं होता।
a = 1, b = 1, c = 1
D = 1 − 4 = −3
D < 0, इसलिए कोई वास्तविक मूल नहीं
कोई वास्तविक मूल नहीं (D = −3)
D < 0 का अर्थ कोई वास्तविक मूल नहीं है। a ≠ 0 होना भी जरूरी है।
पहले विकल्प चुनें। फिर उत्तर और उसका कारण देखें। यह समझ की जाँच है।