शंकु का आयतन और वक्रपृष्ठ — नियम समझकर हल और उसकी जाँच करना।
एक शंकु के आधार की त्रिज्या 7 सेमी एवं इसकी ऊँचाई 24 सेमी है।
इसका आयतन ज्ञात कीजिए।
समान आधार और ऊँचाई के शंकु का आयतन बेलन का एक-तिहाई होता है। सतह के लिए तिर्यक लंबाई चाहिए।
नियम का सांकेतिक चित्र; मापानुसार नहीं। अक्षर इसी चित्र के हैं—सवाल की संगत भुजाएँ पहचानें।
शंकु का आयतन=(1/3)πr²h, तिर्यक ऊँचाई l=√(r²+h²) और वक्र पृष्ठ=πrl।
आयतन = (1/3)πr²h = (1/3) × 22/7 × 7² × 24
1232 घन सेमी
l² = r² + h² रखें; आयतन में h और वक्र क्षेत्रफल में l लें।
एक शंकु के आधार की त्रिज्या 21 सेमी एवं इसकी ऊँचाई 28 सेमी है।
इसके वक्रपृष्ठ का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
समान आधार और ऊँचाई के शंकु का आयतन बेलन का एक-तिहाई होता है। सतह के लिए तिर्यक लंबाई चाहिए।
नियम का सांकेतिक चित्र; मापानुसार नहीं। अक्षर इसी चित्र के हैं—सवाल की संगत भुजाएँ पहचानें।
शंकु का आयतन=(1/3)πr²h, तिर्यक ऊँचाई l=√(r²+h²) और वक्र पृष्ठ=πrl।
तिर्यक ऊँचाई l = √(21² + 28²) = √1225 = 35 सेमी
वक्रपृष्ठ = πrl = 22/7 × 21 × 35
2310 वर्ग सेमी
l² = r² + h² रखें; आयतन में h और वक्र क्षेत्रफल में l लें।
पहले विकल्प चुनें। फिर उत्तर और उसका कारण देखें। यह समझ की जाँच है।