परिणाम गिनकर 0 से 1 के बीच उत्तर दें।
एक निष्पक्ष सिक्के को 40 बार उछालने पर 23 बार चित आया। प्रायोगिक और सैद्धांतिक प्रायिकता लिखें।
क्या सिक्का अवश्य दोषपूर्ण है?
सैद्धांतिक प्रायिकता तभी अनुकूल/कुल परिणाम से निकाली जाती है जब सभी परिणाम समान-संभावित हों। प्रयोगात्मक प्रायिकता वास्तविक आवृत्ति/कुल परीक्षण है।
प्रायोगिक प्रायिकता = मिली घटनाएँ/कुल प्रयास = 23/40 = 0.575।
निष्पक्ष सिक्के के चित और पट समान रूप से संभव हैं। इसलिए चित की सैद्धांतिक प्रायिकता 1/2 = 0.5 है।
छोटे प्रयोग में अनुपात बिल्कुल 1/2 होना जरूरी नहीं। केवल इस अंतर से सिक्का दोषपूर्ण सिद्ध नहीं होता।
दो निष्पक्ष पासे फेंके गए।
क्या योग 2 से 12 तक के 11 मान समान रूप से संभव हैं?
सैद्धांतिक प्रायिकता तभी अनुकूल/कुल परिणाम से निकाली जाती है जब सभी परिणाम समान-संभावित हों। प्रयोगात्मक प्रायिकता वास्तविक आवृत्ति/कुल परीक्षण है।
पहले पासे के 6 और दूसरे के 6 परिणाम से 6 × 6 = 36 क्रमित युग्म बनते हैं। यही समान रूप से संभव परिणाम हैं।
योग 2 केवल (1,1) से मिलता है। योग 7 छह युग्मों (1,6), (2,5), (3,4), (4,3), (5,2), (6,1) से मिलता है।
योग समान रूप से संभव नहीं हैं। P(योग 2) = 1/36 और P(योग 7) = 6/36 = 1/6; केवल योगों की संख्या 11 से भाग देना गलत है।
पहले विकल्प चुनें। फिर उत्तर और उसका कारण देखें। यह समझ की जाँच है।