📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)दिल्ली में कुतुब मीनार के पास खड़ा लोहे का स्तंभ 1600 साल से जंग नहीं पकड़ा—8 मीटर ऊँचा और 6 टन भारी। भारतीय लोहारों ने ऐसी विधि विकसित कर ली थी जो लोहे को जंग से बचाती है।
आज हम वही काम पेंट, तेल, जस्ते की परत और मिश्रातु बनाकर करते हैं।
🧠 समझिए (Understand)लोहे पर जंग लगना पेंटिंग, तेल लगाना, ग्रीस लगाना, गैल्वनीकरण, क्रोम चढ़ाना, ऐनोडीकरण या मिश्रातु बनाकर रोका जा सकता है।
गैल्वनीकरण (Galvanisation) में लोहे या इस्पात पर जस्ते की पतली परत चढ़ाई जाती है। इसकी खूबी यह है कि जस्ते की परत टूट जाने पर भी वस्तु जंग से बची रहती है, क्योंकि जस्ता लोहे से अधिक क्रियाशील है और पहले स्वयं अभिक्रिया करता है।
ऐनोडीकरण (Anodising) में ऐलुमिनियम पर ऑक्साइड की मोटी परत बनाई जाती है। साफ ऐलुमिनियम की वस्तु को ऐनोड बनाकर तनु सल्फ्यूरिक अम्ल में विद्युत अपघटन किया जाता है; ऐनोड पर निकली ऑक्सीजन मोटी सुरक्षात्मक परत बना देती है।
मिश्रातु (Alloy) दो या अधिक धातुओं का, या किसी धातु और अधातु का समांगी मिश्रण है। इसे पहले मुख्य धातु को पिघलाकर, फिर उसमें दूसरे तत्व निश्चित अनुपात में घोलकर और ठंडा करके बनाया जाता है।
यदि किसी मिश्रातु में एक धातु पारा हो, तो उसे अमलगम (Amalgam) कहते हैं।
मिश्रातु की विद्युत चालकता और गलनांक शुद्ध धातु से कम होते हैं। पीतल (ताँबा और जस्ता) तथा काँसा (ताँबा और टिन) विद्युत के अच्छे चालक नहीं हैं, जबकि ताँबा परिपथ बनाने में काम आता है। सोल्डर (लेड और टिन) का गलनांक कम होता है, इसलिए वह तार जोड़ने में काम आता है।
शुद्ध लोहा बहुत मुलायम होता है और गर्म होने पर आसानी से खिंच जाता है। लगभग 0.05% कार्बन मिलाने पर वह कठोर और मज़बूत हो जाता है। निकल और क्रोमियम मिलाने पर स्टेनलेस स्टील बनता है, जो कठोर है और जंग नहीं पकड़ता।
उदाहरण 1 (Example 1) — गैल्वनीकृत वस्तु परत टूटने पर भी क्यों बची रहती हैजस्ता चढ़ी चादर पर खरोंच लग गई और नीचे का लोहा दिख रहा है।
जस्ता सक्रियता श्रेणी में लोहे से ऊपर है, यानी अधिक क्रियाशील है।
इसलिए हवा और नमी से पहले जस्ता अभिक्रिया करता है और लोहा सुरक्षित रह जाता है।
परत टूटने पर भी गैल्वनीकरण लोहे की रक्षा करता रहता है।
उदाहरण 2 (Example 2) — खाने के डिब्बों पर टिन, जस्ता नहींखाद्य पदार्थ के डिब्बों पर टिन की परत चढ़ाई जाती है।
जस्ता टिन से अधिक क्रियाशील है।
अधिक क्रियाशील जस्ता खाद्य पदार्थ के अम्लों से अभिक्रिया कर सकता है, जिससे भोजन दूषित हो जाएगा।
इसीलिए डिब्बों पर कम क्रियाशील टिन चढ़ाया जाता है।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)मिश्रातु एक यौगिक है। ❌
मिश्रातु समांगी मिश्रण है, यौगिक नहीं—इसके घटक निश्चित अनुपात में घुले रहते हैं पर रासायनिक बंधन नहीं बनाते।
मिश्रातु दो या अधिक धातुओं, या धातु और अधातु का समांगी मिश्रण है।