📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)मेथेन CH₄, एथेन C₂H₆, प्रोपेन C₃H₈, ब्यूटेन C₄H₁₀—हर बार एक CH₂ जुड़ता जाता है।
यह संयोग नहीं है। यही नियमित बढ़त पूरी श्रेणी को एक परिवार बना देती है।
🧠 समझिए (Understand)समान प्रकार्यात्मक समूह वाले यौगिकों की वह श्रेणी जिसमें क्रमागत सदस्यों का अंतर −CH₂− का हो, समजातीय श्रेणी (Homologous series) कहलाती है।
क्रमागत सदस्यों के आणविक द्रव्यमान में 14 u का अंतर होता है, क्योंकि CH₂ का द्रव्यमान 14 है।
श्रेणी के सभी सदस्यों के रासायनिक गुण समान होते हैं, क्योंकि प्रकार्यात्मक समूह वही रहता है।
भौतिक गुण, जैसे गलनांक और क्वथनांक, आणविक द्रव्यमान बढ़ने के साथ क्रमशः बदलते जाते हैं।
ऐल्केन, ऐल्कीन, ऐल्काइन, ऐल्कोहॉल और कार्बोक्सिलिक अम्ल—सभी अपनी-अपनी समजातीय श्रेणियाँ बनाते हैं।
उदाहरण 1 (Example 1) — ऐल्केन श्रेणी के सदस्यमेथेन के बाद के तीन सदस्य लिखिए।
मेथेन CH₄ में एक CH₂ जोड़ने पर एथेन C₂H₆ मिलता है।
फिर प्रोपेन C₃H₈ और उसके बाद ब्यूटेन C₄H₁₀।
हर बार सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₊₂ ही लागू रहता है।
CH₄, C₂H₆, C₃H₈, C₄H₁₀ — एक ही समजातीय श्रेणी के सदस्य।
उदाहरण 2 (Example 2) — ऐल्कोहॉल श्रेणीमेथेनॉल के बाद कौन आता है?
मेथेनॉल CH₃OH में एक CH₂ जोड़ने पर एथनॉल C₂H₅OH मिलता है।
प्रकार्यात्मक समूह −OH दोनों में वही है, इसलिए रासायनिक गुण भी समान रहते हैं।
CH₃OH और C₂H₅OH एक ही समजातीय श्रेणी के क्रमागत सदस्य हैं।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)समजातीय श्रेणी के सदस्यों के भौतिक गुण भी समान होते हैं। ❌
रासायनिक गुण समान रहते हैं, पर गलनांक-क्वथनांक जैसे भौतिक गुण द्रव्यमान बढ़ने के साथ बदलते जाते हैं।
रासायनिक गुण समान; भौतिक गुण क्रमशः बदलते हैं।