📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)लाखों यौगिकों को अलग-अलग नाम देना असंभव है, इसलिए एक नियम बनाया गया जिससे नाम से ही संरचना समझ आ जाए।
नाम तीन हिस्सों से बनता है: कितने कार्बन, कौन सा आबंध, और कौन सा समूह।
🧠 समझिए (Understand)पहले यौगिक में कार्बन परमाणुओं की संख्या गिनिए। उसी से मूल नाम मिलता है: 1 मेथ, 2 एथ, 3 प्रोप, 4 ब्यूट, 5 पेन्ट, 6 हेक्स।
प्रकार्यात्मक समूह के अनुसार अंत में प्रत्यय लगता है: −OH पर '-ऑल', −CHO पर '-अल', >C=O पर '-ओन', −COOH पर '-ओइक अम्ल'।
यदि प्रत्यय स्वर से शुरू हो, तो मूल नाम का अंतिम 'ए' हटा दिया जाता है—जैसे प्रोपेन + ऑल = प्रोपेनॉल।
हैलोजन जैसे समूह उपसर्ग के रूप में आगे लगते हैं, जैसे क्लोरो या ब्रोमो।
संतृप्त हो तो '-एन', द्वि-आबंध हो तो '-ईन' और त्रि-आबंध हो तो '-आइन' लगता है।
उदाहरण 1 (Example 1) — CH₃−CH₂−Br का नामइस यौगिक का व्यवस्थित नाम क्या होगा?
इसमें दो कार्बन हैं, इसलिए मूल नाम 'एथ' है और सभी आबंध एकल हैं, इसलिए 'एथेन'।
ब्रोमीन उपसर्ग के रूप में आगे लगेगा।
ब्रोमोएथेन।
उदाहरण 2 (Example 2) — HCHO का नामएक कार्बन और एक −CHO समूह वाले यौगिक का नाम बताइए।
एक कार्बन का मूल नाम 'मेथ' है।
−CHO समूह होने से प्रत्यय '-अल' लगेगा।
मेथेनल।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)प्रोपेन + ऑल = प्रोपेनऑल। ❌
प्रत्यय स्वर से शुरू हो रहा है, इसलिए मूल नाम का अंतिम 'ए' हटाना पड़ता है।
प्रोपेन + ऑल = प्रोपेनॉल।