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अभ्यास — अध्याय 12 की प्रश्नावली (भाग 3) (Chapter Exercise (Part 3))

3 लघु · 3 दीर्घ

लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer — 2 अंक प्रत्येक)

  1. दो विद्युत लैम्प जिनमें से एक का अनुमतांक 100 W; 220 V तथा दूसरे का 60 W; 220 V है, विद्युत मेंस के साथ पार्श्वक्रम में संयोजित हैं। यदि विद्युत आपूर्ति की वोल्टता 220 V है तो विद्युत मेंस से कितनी धारा ली जाती है?
    उत्तर देखें (See answer)

    पार्श्वक्रम में दोनों लैम्पों को पूरा 220 V मिलता है, इसलिए दोनों अपनी अनुमतांक शक्ति ही लेंगे।

    कुल शक्ति P = 100 + 60 = 160 W।

    धारा I = P/V = 160 ÷ 220 ≈ 0.73 A।

    उत्तर: विद्युत मेंस से लगभग 0.73 ऐम्पियर धारा ली जाती है।

  2. किसमें अधिक विद्युत ऊर्जा उपभुक्त होती है—250 W का टी०वी० सेट जो एक घंटे तक चलाया जाता है अथवा 120 W का विद्युत हीटर जो 10 मिनट के लिए चलाया जाता है?
    उत्तर देखें (See answer)

    ऊर्जा = शक्ति × समय, और दोनों को एक ही मात्रक में लाना होगा।

    टी०वी० के लिए W = 250 × 3600 = 9,00,000 J।

    हीटर के लिए W = 120 × 600 = 72,000 J।

    उत्तर: टी०वी० सेट में कहीं अधिक ऊर्जा उपभुक्त होती है—9 × 10⁵ J बनाम 7.2 × 10⁴ J।

  3. 8 Ω प्रतिरोध का कोई विद्युत हीटर विद्युत मेंस से 2 घंटे तक 15 A विद्युत धारा लेता है। हीटर में उत्पन्न ऊष्मा की दर परिकलित कीजिए।
    उत्तर देखें (See answer)

    ऊष्मा की दर ही शक्ति है, इसलिए यहाँ समय की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

    P = I²R = 15² × 8 = 225 × 8।

    P = 1800 W।

    उत्तर: हीटर में ऊष्मा उत्पन्न होने की दर 1800 जूल प्रति सेकंड, यानी 1800 वाट है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer — 5 अंक प्रत्येक)

  1. किसी विद्युत भट्टी की तप्त प्लेट दो प्रतिरोधक कुंडलियों A तथा B की बनी हैं जिनमें प्रत्येक का प्रतिरोध 24 Ω है तथा इन्हें पृथक-पृथक, श्रेणीक्रम में अथवा पार्श्वक्रम में संयोजित करके उपयोग किया जा सकता है। यदि यह भट्टी 220 V विद्युत स्रोत से संयोजित की जाती है तो तीनों प्रकरणों में प्रवाहित विद्युत धाराएँ क्या हैं?
    उत्तर देखें (See answer)

    पृथक कुंडली के प्रकरण में R = 24 Ω, इसलिए I = 220 ÷ 24 ≈ 9.2 A।

    श्रेणीक्रम में Rꜱ = 24 + 24 = 48 Ω, इसलिए I = 220 ÷ 48 ≈ 4.6 A।

    पार्श्वक्रम में Rₚ = 24/2 = 12 Ω, इसलिए I = 220 ÷ 12 ≈ 18.3 A।

    उत्तर: तीनों प्रकरणों में धाराएँ क्रमशः लगभग 9.2 A, 4.6 A तथा 18.3 A होंगी—यानी पार्श्वक्रम में सबसे अधिक ऊष्मा मिलेगी।

  2. निम्नलिखित परिपथों में प्रत्येक में 2 Ω प्रतिरोधक द्वारा उपभुक्त शक्तियों की तुलना कीजिए—(i) 6 V की बैटरी से संयोजित 1 Ω तथा 2 Ω श्रेणीक्रम संयोजन, (ii) 4 V बैटरी से संयोजित 12 Ω तथा 2 Ω का पार्श्वक्रम संयोजन।
    उत्तर देखें (See answer)

    (i) श्रेणीक्रम में Rꜱ = 1 + 2 = 3 Ω, इसलिए धारा I = 6 ÷ 3 = 2 A।

    श्रेणीक्रम में 2 Ω से भी यही 2 A बहेगी, इसलिए P = I²R = 2² × 2 = 8 W।

    (ii) पार्श्वक्रम में हर शाखा पर पूरा 4 V विभवांतर रहता है।

    इसलिए 2 Ω प्रतिरोधक की शक्ति P = V²/R = 4² ÷ 2 = 8 W।

    उत्तर: दोनों प्रकरणों में 2 Ω प्रतिरोधक द्वारा उपभुक्त शक्ति समान, यानी 8 वाट है।

  3. निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए—(a) विद्युत लैम्पों के तंतुओं के निर्माण में प्रायः एकमात्र टंगस्टन का ही उपयोग क्यों किया जाता है? (b) विद्युत तापन युक्तियों के चालक शुद्ध धातुओं के स्थान पर मिश्रातुओं के क्यों बनाए जाते हैं? (c) घरेलू विद्युत परिपथों में श्रेणीक्रम संयोजन का उपयोग क्यों नहीं किया जाता है? (d) किसी तार का प्रतिरोध उसकी अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल में परिवर्तन के साथ किस प्रकार परिवर्तित होता है? (e) विद्युत संचरण के लिए प्रायः कॉपर तथा ऐलुमिनियम के तारों का उपयोग क्यों किया जाता है?
    उत्तर देखें (See answer)

    (a) टंगस्टन का गलनांक बहुत ऊँचा, लगभग 3380 °C है और उसकी प्रतिरोधकता भी अधिक है, इसलिए वह बिना पिघले श्वेत-तप्त होकर प्रकाश देता है।

    (b) मिश्रातुओं की प्रतिरोधकता शुद्ध धातुओं से अधिक होती है, उनका गलनांक ऊँचा होता है और वे उच्च ताप पर शीघ्र ऑक्सीकृत नहीं होतीं।

    (c) श्रेणीक्रम में हर युक्ति को पूरा विभवांतर नहीं मिलता, सबको एक ही धारा लेनी पड़ती है, और एक युक्ति खराब होते ही पूरा परिपथ टूट जाता है।

    (d) R = ρl/A के अनुसार प्रतिरोध अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के प्रतिलोमानुपाती होता है—क्षेत्रफल दोगुना होने पर प्रतिरोध आधा रह जाता है।

    (e) कॉपर तथा ऐलुमिनियम की प्रतिरोधकता बहुत कम है, इसलिए संचरण में ऊर्जा की हानि कम होती है; साथ ही ये सिल्वर की तुलना में सस्ते और आसानी से उपलब्ध हैं।

    उत्तर: पाँचों का आधार एक ही है—प्रतिरोधकता, गलनांक और परिपथ की व्यवस्था देखकर पदार्थ और संयोजन चुना जाता है।

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