भूमिका (Background)स्विच दबाते ही बल्ब जल उठता है, पंखा घूमने लगता है और हीटर गर्म हो जाता है। भीतर जो चल रहा है वह एक ही चीज़ है—इलेक्ट्रॉनों की धारा। इस अध्याय में हम पहले विद्युत धारा और विभवांतर समझेंगे, फिर ओम का नियम और प्रतिरोध, उसके बाद श्रेणीक्रम तथा पार्श्वक्रम संयोजन, और अंत में विद्युत धारा का तापीय प्रभाव तथा विद्युत शक्ति। पूरा अध्याय कुछ ही सूत्रों पर टिका है, इसलिए हर सूत्र के साथ उसका उपयोग भी दिया गया है। हर तकनीकी शब्द के साथ जरूरी अंग्रेज़ी शब्द भी कोष्ठक में दिया गया है।