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प्रतिरोध किन कारकों पर निर्भर करता है

आज क्या सीखेंगे

लंबाई, मोटाई और पदार्थ का प्रतिरोध पर प्रभाव समझाना।

📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)
एक ही पदार्थ के दो तार लीजिए—एक पतला और एक मोटा। मोटे तार में धारा आसानी से बहती है।
और लंबा तार लीजिए तो धारा घट जाती है। कारण दोनों बार एक ही है—रास्ता।
🧠 समझिए (Understand)
किसी चालक का प्रतिरोध उसकी लंबाई l पर सीधे निर्भर करता है—तार जितना लंबा होगा, प्रतिरोध उतना ही अधिक।
प्रतिरोध उसकी अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल A पर प्रतिलोमतः निर्भर करता है—तार जितना मोटा होगा, प्रतिरोध उतना ही कम।
प्रतिरोध उस पदार्थ की प्रकृति पर भी निर्भर करता है जिससे वह बना है।
इन्हें मिलाकर लिखा जाता है R = ρ l/A, जहाँ ρ उस पदार्थ की वैद्युत प्रतिरोधकता (Resistivity) है और उसका मात्रक ओम मीटर (Ω m) है।
धातुओं तथा मिश्रातुओं की प्रतिरोधकता बहुत कम, लगभग 10⁻⁸ से 10⁻⁶ Ω m होती है, इसलिए वे अच्छे चालक हैं; रबर तथा काँच की प्रतिरोधकता बहुत अधिक होने से वे विद्युतरोधी हैं।
सिल्वर सर्वश्रेष्ठ चालक है, उसके बाद कॉपर आता है। कॉपर तथा ऐलुमिनियम का उपयोग विद्युत संचरण के तारों में इसलिए किया जाता है, क्योंकि उनकी प्रतिरोधकता कम है और वे सिल्वर से सस्ते भी हैं।
मिश्रातुओं, जैसे नाइक्रोम, की प्रतिरोधकता शुद्ध धातुओं से अधिक होती है और वे उच्च ताप पर शीघ्र ऑक्सीकृत नहीं होतीं; इसीलिए विद्युत इस्तरी, टोस्टर तथा हीटर के तापन अवयव मिश्रातुओं के बनाए जाते हैं।
सूत्र (Formula)
R = ρ l / A
✍️ कैसे करें (How to solve)
  1. पहले देखिए कौन-सा कारक बदला है—लंबाई, मोटाई या पदार्थ।
  2. लंबाई बदले तो प्रतिरोध उसी अनुपात में बदलेगा।
  3. मोटाई बदले तो प्रतिरोध उलटे अनुपात में बदलेगा।
उदाहरण 1 (Example 1) — पतला तार या मोटा
समान पदार्थ के दो तारों में यदि एक पतला तथा दूसरा मोटा हो तो इनमें से किसमें विद्युत धारा आसानी से प्रवाहित होगी?
प्रतिरोध अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल पर प्रतिलोमतः निर्भर करता है, यानी R = ρl/A।
मोटे तार का क्षेत्रफल A अधिक है, इसलिए उसका प्रतिरोध कम होगा।
समान विद्युत स्रोत से जोड़ने पर I = V/R के अनुसार कम प्रतिरोध में अधिक धारा बहेगी।
मोटे तार में विद्युत धारा अधिक आसानी से प्रवाहित होगी।
उदाहरण 2 (Example 2) — लंबाई आधी, मोटाई दोगुनी
किसी तार का प्रतिरोध 4 Ω है। उसी पदार्थ के ऐसे तार का प्रतिरोध क्या होगा जिसकी लंबाई आधी तथा मोटाई दोगुनी हो?
पहले तार के लिए R₁ = ρl/A = 4 Ω।
दूसरे तार की लंबाई l/2 और क्षेत्रफल 2A है, इसलिए R₂ = ρ(l/2)/(2A) = (1/4) × ρl/A।
यानी R₂ = R₁/4 = 4/4।
नए तार का प्रतिरोध 1 Ω होगा।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)
मोटा तार अधिक प्रतिरोध देता है। ❌
मोटाई बढ़ने पर अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल बढ़ता है और प्रतिरोध घट जाता है।
मोटे तार का प्रतिरोध कम होता है।

खुद जाँचें — 3 छोटे सवाल

पहले विकल्प चुनें। फिर उत्तर और उसका कारण देखें। यह समझ की जाँच है।

सवाल 1

किसी तार का प्रतिरोध उसकी अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल बढ़ने पर—

सवाल 2

सर्वश्रेष्ठ विद्युत चालक कौन-सा है?

सवाल 3

वैद्युत प्रतिरोधकता का मात्रक क्या है?
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