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Correct answer: (A) কামরূপী
शब्द के बीच का 'ओ' ध्वनि 'उ' के रूप में उच्चारित होना कामरूपी उपभाषा की विशेषता है।
Correct answer: (B) ঝাড়খণ্ডী
“आइज राइतके भारि जाड़ाइबे”—यह झारखंडी उपभाषा का नमूना है, जिसमें क्रिया-रूप और उच्चारण मानक बांग्ला से भिन्न हैं।
Correct answer: (C) ‘হুতোম প্যাঁচার নকশা’ গ্রন্থে
बांग्ला चलित गद्य का पहला सधा हुआ नमूना कालीप्रसन्न सिंह के 'हुतोम प्याँचार नक्शा' में मिलता है।
Correct answer: (B) রবীন্দ্রনাথ ঠাকুর
साधु भाषा और चलित भाषा को 'बांग्ला वाक्याधिप की दो रानियाँ' कहने वाली यह उक्ति रवींद्रनाथ ठाकुर की है।
Correct answer: (A) ১৫৫৫ খ্রিস্টাব্দের
बांग्ला गद्य का प्राचीनतम उपलब्ध नमूना 1555 ई. का माना जाता है।
Correct answer: (C) অষ্টাদশ শতকের শেষার্ধে
पोथियों की बांग्ला लिपि अठारहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में स्थायी रूप ले सकी, जब छपाई आरंभ हुई।
Correct answer: (B) জৈন ধর্মসাহিত্যে
अर्धमागधी का सर्वाधिक प्रयोग जैन धर्म-साहित्य में मिलता है; महावीर के उपदेश इसी भाषा में संकलित हुए।
Correct answer: (A) প্রাকৃত শ্লোক-সংগ্রহ
'गाथासप्तशती' (गाहा सत्तसई) हाल द्वारा संकलित प्राकृत श्लोकों का संग्रह है।
Correct answer: (B) আধুনিক যুগের বাংলায়
स्वर-संगति (vowel harmony) की प्रवृत्ति आधुनिक युग की बांग्ला में स्पष्ट दिखती है—जैसे 'बिलाति' से 'बिलिति'।
Correct answer: (C) রাঢ়ী
मानक बांग्ला कथ्य भाषा मुख्यतः राढ़ी उपभाषा के आधार पर गढ़ी गई, जो कोलकाता और उसके आसपास बोली जाती है।
Correct answer: (C) রাজলক্ষ্মী
'श्रीकांत' में राजलक्ष्मी ही श्रीकांत की नवजन्मदात्री कही गई है, क्योंकि उसने दो बार उसकी जान बचाई।
Correct answer: (B) মন্তব্য শুদ্ধ, যুক্তি শুদ্ধ
मंतव्य और युक्ति—दोनों ठीक हैं: शरतचंद्र को नारी के मातृ-रूप के प्रति गहरा आदर था, और इसी कारण उन्होंने अपने साहित्य में उस रूप को उजागर किया।
Correct answer: (C) শ্রীকান্তের প্রতি রাজলক্ষ্মীর সীমাহীন ভালোবাসা
राजलक्ष्मी ने श्रीकांत की सेवा उसके धन या दरिद्रता के कारण नहीं, बल्कि उसके प्रति अपने असीम प्रेम के कारण की।
Correct answer: (A) রাজলক্ষ্মীর মাতৃসত্তা
राजलक्ष्मी और श्रीकांत के बीच बाधा बनी राजलक्ष्मी की मातृ-सत्ता—वह प्रेमिका से अधिक माँ बन गई।
Correct answer: (D) উপরেরগুলির মধ্যে একের থেকে অধিক
शरतचंद्र को पुरुष-व्यक्तित्व के प्रति ममत्व था और उन्होंने उसमें शिशु-सुलभ आश्रय-मुखीनता भी देखी—एक से अधिक कथन सही हैं।
Correct answer: (E) উপরের কোনোটিই নয়
शरतचंद्र के मत में पुरुष में न केवल नारी-संग का लोभ प्रधान है, न वह बिलकुल अनुपस्थित है, और न उन्होंने पुरुष में नारी-सुलभ कोमलता ही देखी—इसलिए दिया गया कोई विकल्प सही नहीं है।
Correct answer: (A) নারীর কাছে আশ্রয় পেয়েছে
शरत-साहित्य में मातृहीन पुरुष को आश्रय नारी के पास ही मिलता है—यही उनके कथा-संसार की विशेषता है।
Correct answer: (E) উপরের কোনোটিই নয়
शरत-साहित्य में नारी-पुरुष के सहज मिलन की बाधा न आर्थिक कारण है, न आत्मीयों का विरोध और न परस्पर असहिष्णुता—बाधा सामाजिक रूढ़ि और भीतर की मातृ-सत्ता है। इसलिए उत्तर 'इनमें से कोई नहीं' है।
Correct answer: (D) উপরেরগুলির মধ্যে একের থেকে অধিক
राजलक्ष्मी ने सेवा करके और उसका भार उठाकर—दोनों रूपों में श्रीकांत के प्राण लौटाए, इसलिए एक से अधिक विकल्प सही हैं।
Correct answer: (C) শরৎসাহিত্যে মায়ের অস্তিত্বই মস্ত বড়ো হয়ে উঠে প্রিয়ার কণ্ঠরোধ করেছে।
शरत-साहित्य में माँ का अस्तित्व इतना बड़ा हो उठता है कि प्रिया का स्वर दब जाता है—यही उनकी रचनाओं की प्रमुख प्रवृत्ति कही गई है।
Correct answer: (C) মন্তব্য শুদ্ধ, যুক্তি অশুদ্ধ
मंतव्य ठीक है—सत्येंद्रनाथ ने ही कविता को आदर के साथ प्रकाशित कराने में सहायता की; पर युक्ति गलत है, क्योंकि कारण कविता की दुर्बलता नहीं बल्कि उसकी शक्ति थी।
Correct answer: (B) নাটকীয়তার জন্য বিখ্যাত
मोहितलाल मजूमदार की 'बेदुइन' कविता अपनी नाटकीयता के लिए प्रसिद्ध है।
Correct answer: (C) ‘ভারতী’ পত্রিকায়
'नादिर शाह के जागरण' कविता पहली बार 'भारती' पत्रिका में प्रकाशित हुई।
Correct answer: (E) উপরের কোনোটিই নয়
'बेदुइन' कविता के पुनर्मुद्रण की तिथि और पत्रिका दिए गए तीनों विकल्पों से मेल नहीं खाती, इसलिए उत्तर 'इनमें से कोई नहीं' है।
Correct answer: (A) মোহিতলাল মজুমদারের আগে
रवींद्रनाथ ने अपनी कविता में बेदुइन-जीवन की बात मोहितलाल मजूमदार से पहले कही थी।
Correct answer: (B) দুর্ধর্ষ এবং প্রচণ্ড বেদুইনদের কথা বলেছেন
मोहितलाल ने 'बेदुइन' में दुर्धर्ष और प्रचंड बेदुइनों का चित्र खींचा है—मरुस्थल के स्वच्छंद और निर्भय जीवन का।
Correct answer: (C) ‘ভারতী’ পত্রিকায়
'शेषशय्या में नूरजहाँ' कविता 'भारती' पत्रिका में प्रकाशित हुई।
Correct answer: (A) ‘মোসলেম ভারত’ পত্রিকায়
'नादिर शाह का अंत' कविता 'मोसलेम भारत' पत्रिका में पुनर्मुद्रित हुई थी।
Correct answer: (B) ‘ভারতী’ পত্রিকার ১৩২৫ ফাল্গুন সংখ্যায়
'नादिर शाह का अंत' कविता 'भारती' पत्रिका के 1325 फाल्गुन अंक में मुद्रित हुई थी।
Correct answer: (C) আত্মকথন আছে
'बेदुइन' कविता में बेदुइन स्वयं अपनी बात कहता है, इसलिए उसमें आत्मकथन है।
Correct answer: (B) সারঙ্গ
सार + अंग में अ + अ मिलकर दीर्घ नहीं होता, बल्कि संधि से 'सारंग' बनता है।
Correct answer: (C) আ + চর্য
'आश्चर्य' का संधि-विच्छेद 'आ + चर्य' है, जिसमें 'आ' उपसर्ग के रूप में जुड़ा है।
Correct answer: (E) উপরের কোনোটিই নয়
उपमान कर्मधारय समास तब होता है जब उपमान का सामान्य धर्मवाचक शब्द के साथ समास हो—दिए गए तीनों कथन इसे ठीक-ठीक नहीं कहते, इसलिए उत्तर 'इनमें से कोई नहीं' है।
Correct answer: (A) আকাশ মারফত প্রেরিত বাণী
'आकाशवाणी' का व्यास-वाक्य 'आकाश के माध्यम से भेजी गई वाणी' है—रेडियो के अर्थ में यही प्रयोग होता है।
Correct answer: (C) আদেশ
एक वर्ण या शब्दांश के स्थान पर दूसरा वर्ण आ जाने को व्याकरण में 'आदेश' कहा जाता है।
Correct answer: (D) উপরেরগুলির মধ্যে একের থেকে অধিক
'नयन > नयान' में बीच में एक स्वर जुड़ गया है, इसलिए इसे स्वरागम भी कहा जाता है और सामान्य रूप से वर्णागम भी—एक से अधिक नाम लागू होते हैं।
Correct answer: (B) দুটি ব্যঞ্জনের একই ব্যঞ্জনে পরিণত হওয়া
समीकरण का अर्थ है दो भिन्न व्यंजनों का एक ही व्यंजन में बदल जाना—जैसे 'धर्म' से 'धम्म'।
Correct answer: (D) উপরেরগুলির মধ্যে একের থেকে অধিক
'ৎ' खंड-त है, जो अल्पप्राण और अघोष वर्ण है—इसलिए एक से अधिक कथन उस पर लागू नहीं होते और कुंजी यही उत्तर मानती है।
Correct answer: (A) ‘য’ ও ‘ব’কে
'य' और 'व' को अर्धस्वर कहा जाता है, क्योंकि इनका उच्चारण स्वर और व्यंजन के बीच का है।
Correct answer: (B) ৭টি
बांग्ला में मौलिक स्वरों की संख्या सात मानी जाती है—अ, आ, इ, उ, ए, ও और অ্যা।
Correct answer: (C) পূর্ববঙ্গে
अपिनिहिति—यानी य-श्रुति का पहले आ जाना, जैसे 'करिया' से 'कइरा'—पूर्वी बंगाल की उपभाषाओं में प्रचलित है।
Correct answer: (B) করণকারক
“शिक्षक ने छात्र को बेंत मारा” में 'बेंत' वह साधन है जिससे क्रिया हुई, इसलिए वह करण कारक है।
Correct answer: (A) কর্তৃকারকে শূন্য বিভক্তি
“मुक्तबेणी पीठ पर लोटती है” में 'मुक्तबेणी' ही क्रिया करने वाली है, और उसके साथ कोई विभक्ति नहीं लगी—इसलिए कर्ता कारक में शून्य विभक्ति है।
Correct answer: (C) দৃশ্ + তব্য
'द्रष्टव्य' की प्रकृति-प्रत्यय है दृश् + तव्य—'तव्य' प्रत्यय से 'देखने योग्य' का अर्थ बनता है।
Correct answer: (B) দাক্ষায়ণ
दक्ष + ष्यायन से 'दाक्षायण' बनता है, जिसमें आदि स्वर की वृद्धि होती है और ण का प्रयोग होता है।
Correct answer: (D) উপরেরগুলির মধ্যে একের থেকে অধিক
'श्रेणी' और 'श्रेणि'—दोनों वर्तनियाँ शुद्ध मानी जाती हैं, इसलिए उत्तर 'एक से अधिक' है।
Correct answer: (C) গণ্ডলিকা
शुद्ध वर्तनी 'गण्डलिका' है, जो भेड़ों की तरह बिना सोचे पीछे चलने के अर्थ में आती है।
Correct answer: (E) উপরের কোনোটিই নয়
'नवनवतितम' का अर्थ निन्यानबेवाँ (99वाँ) होता है। दिए गए तीनों अंक—89, 90 और 990—इससे मेल नहीं खाते।
Correct answer: (B) দেশি শব্দ
'पाँठा' देशी शब्द है—किसी संस्कृत या विदेशी मूल से नहीं, बल्कि स्थानीय बोली से आया है।
Correct answer: (A) রাজপুত্র
'राजपूत' शब्द का आदि अर्थ 'राजपुत्र' है; आगे चलकर वह एक क्षत्रिय समूह का नाम बन गया।