कॉपर, सिल्वर से अधिक क्रियाशील है और उसे AgNO₃ से हटाता है।
कॉपर नाइट्रेट में दो नाइट्रेट समूह हैं, इसलिए 2AgNO₃ लें।
उत्तर: Cu(s) + 2AgNO₃(aq) → Cu(NO₃)₂(aq) + 2Ag(s)
चमकीली भूरी धातु कॉपर है।
कॉपर ऑक्सीजन से काला कॉपर(II) ऑक्साइड CuO बनाता है।
उत्तर: धातु कॉपर और काला यौगिक कॉपर(II) ऑक्साइड है: 2Cu + O₂ → 2CuO।
आयरन को जंग करने में ऑक्सीजन और नमी की जरूरत होती है।
पेंट सतह पर सुरक्षात्मक अवरोध बनाता है।
उत्तर: पेंट आयरन को हवा और नमी से अलग रखकर संक्षारण की गति घटाता है।
ऑक्सीजन, तेल और वसा को ऑक्सीकृत करके विकृतगंधिता पैदा करती है।
नाइट्रोजन कम क्रियाशील है और पैकेट में ऑक्सीजन की मात्रा घटाती है।
उत्तर: नाइट्रोजन ऑक्सीकरण और विकृतगंधिता धीमी करके गंध तथा स्वाद को लंबे समय तक सुरक्षित रखती है।
शरीर की कोशिकाएँ में ग्लूकोस ऑक्सीजन से धीरे-धीरे ऑक्सीकृत होता है।
कार्बन डाइऑक्साइड और जल के साथ ऊर्जा निकलती है, जिसे शरीर काम में लेता है।
उत्तर: C₆H₁₂O₆ + 6O₂ → 6CO₂ + 6H₂O + ऊर्जा; ऊर्जा निकलने के कारण श्वसन ऊष्माक्षेपी है।
दो या अधिक अभिकारक मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं: CaO + H₂O → Ca(OH)₂।
एक अभिकारक टूटकर कई उत्पाद देता है: CaCO₃ → CaO + CO₂।
उत्तर: पहले में पदार्थ जुड़ते हैं और दूसरे में एक पदार्थ टूटता है, इसलिए उनकी बनावट विपरीत है।
CaCO₃(s) —ऊष्मा→ CaO(s) + CO₂(g)
2AgCl(s) —सूर्य का प्रकाश→ 2Ag(s) + Cl₂(g)
2H₂O(l) —विद्युत→ 2H₂(g) + O₂(g)
उत्तर: तीनों में ऊर्जा स्रोत अलग है, लेकिन एक अभिकारक टूटता है।
एक अधिक क्रियाशील तत्व दूसरे तत्व को यौगिक से हटाता है: Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu।
दो यौगिक आयन बदलते हैं: Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄↓ + 2NaCl।
उत्तर: पहले में एक तत्व हटाता है; दूसरे में दोनों यौगिक की आयन जोड़ियाँ बदलती हैं।
दो विलयन की अभिक्रिया में अघुलनशील ठोस बने तो वह अवक्षेप और अभिक्रिया अवक्षेपण अभिक्रिया है।
Pb(NO₃)₂(aq) + 2KI(aq) → PbI₂(s)↓ + 2KNO₃(aq)
PbI₂ पीला अघुलनशील ठोस है।
उत्तर: PbI₂ का बनना इस अभिक्रिया को अवक्षेपण अभिक्रिया बनाता है।
ऑक्सीजन ग्रहण ऑक्सीकरण है। 2Mg + O₂ → 2MgO में Mg और 2Cu + O₂ → 2CuO में Cu ऑक्सीकृत हैं।
ऑक्सीजन ह्रास अपचयन है। CuO + H₂ → Cu + H₂O में CuO और ZnO + C → Zn + CO में ZnO अपचयित हैं।
उत्तर: O ग्रहण = ऑक्सीकरण; O ह्रास = अपचयन। रेडॉक्स अभिक्रिया में दोनों साथ होते हैं।
वातावरण से धातु का धीरे खराब होना संक्षारण है। उदाहरण: आयरन पर जंग। पेंट, तेल लगाना या गैल्वनीकरण से बचाव किया जाता है।
तेल/वसा का ऑक्सीकरण होकर गंध और स्वाद बिगड़ना विकृतगंधिता है। वायुरुद्ध पैकिंग, प्रशीतन, प्रतिऑक्सीकारक या नाइट्रोजन भरना इसे धीमा करते हैं।
उत्तर: दोनों ऑक्सीकरण के प्रभाव हैं; पहला धातु पर और दूसरा तेल-वसा वाले भोजन पर दिखता है।