← अध्ययन

अंतःस्रावी ग्रंथियाँ और उनके हॉर्मोन

आज क्या सीखेंगे

प्रमुख ग्रंथि, उसका हॉर्मोन और उसका काम—तीनों जोड़कर याद रखना।

📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)
डर लगने पर दिल तेज़ धड़कने लगता है, साँस तेज़ हो जाती है और शरीर लड़ने या भागने के लिए तैयार हो जाता है।
यह सब एक ही रसायन—एड्रीनलीन—के रुधिर में पहुँचते ही हो जाता है।
🧠 समझिए (Understand)
हॉर्मोन जीव के एक भाग में उत्पन्न होते हैं और दूसरे भाग में इच्छित प्रभाव पाने के लिए गति करते हैं। ये अंतःस्रावी ग्रंथियों का भाग हैं।
अधिवृक्क ग्रंथि से स्रावित एड्रीनलीन सीधा रुधिर में जाता है और हृदय सहित लक्ष्य अंगों पर कार्य करता है।
एड्रीनलीन से हृदय की धड़कन बढ़ जाती है ताकि पेशियों को अधिक ऑक्सीजन मिल सके; पाचन तंत्र और त्वचा में रुधिर की आपूर्ति कम हो जाती है और डायाफ्राम तथा पसलियों की पेशी के संकुचन से श्वसन दर भी बढ़ जाती है।
अवटु ग्रंथि थायरॉक्सिन बनाती है, जो कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन तथा वसा के उपापचय का नियंत्रण करती है। इसके संश्लेषण के लिए आयोडीन अनिवार्य है।
आहार में आयोडीन की कमी होने पर गॉयटर हो सकता है, जिसका एक लक्षण फूली हुई गर्दन है। इसीलिए आयोडीन युक्त नमक की सलाह दी जाती है।
पीयूष ग्रंथि से स्रावित वृद्धि हॉर्मोन शरीर की वृद्धि और विकास को नियंत्रित करता है। बाल्यकाल में इसकी कमी बौनापन का कारण बनती है।
यौवनारंभ के परिवर्तन नर में टेस्टोस्टेरोन और मादा में एस्ट्रोजन के स्रावण से होते हैं।
अग्न्याशय से स्रावित इंसुलिन रुधिर में शर्करा का स्तर नियंत्रित करता है। उचित मात्रा में स्रावित न होने पर रुधिर में शर्करा बढ़ जाती है, जिसे मधुमेह कहते हैं।
सूत्र (Formula)
अवटु — थायरॉक्सिन · पीयूष — वृद्धि हॉर्मोन · अग्न्याशय — इंसुलिन · अधिवृक्क — एड्रीनलीन
✍️ कैसे करें (How to solve)
  1. पहले ग्रंथि का नाम लिखिए।
  2. फिर उससे निकलने वाला हॉर्मोन।
  3. अंत में उसका काम और कमी का प्रभाव बताइए।
उदाहरण 1 (Example 1) — आयोडीन युक्त नमक की सलाह क्यों
डॉक्टर आयोडीन वाला नमक क्यों कहते हैं?
अवटु ग्रंथि को थायरॉक्सिन हॉर्मोन बनाने के लिए आयोडीन चाहिए।
थायरॉक्सिन कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा के उपापचय को नियंत्रित करता है।
आहार में आयोडीन कम हो तो थायरॉक्सिन नहीं बन पाता और गॉयटर हो सकता है, जिसमें गर्दन फूल जाती है।
इसीलिए भोजन में आयोडीन युक्त नमक लेने की सलाह दी जाती है।
उदाहरण 2 (Example 2) — मधुमेह में इंसुलिन का इंजेक्शन
कुछ रोगियों को इंसुलिन का इंजेक्शन क्यों दिया जाता है?
इंसुलिन अग्न्याशय में बनता है और रुधिर में शर्करा का स्तर नियंत्रित करता है।
यदि यह उचित मात्रा में स्रावित न हो तो रुधिर में शर्करा बढ़ जाती है और कई हानिकारक प्रभाव होते हैं।
ऐसे रोगियों में कमी पूरी करने के लिए इंसुलिन का इंजेक्शन दिया जाता है।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)
इंसुलिन अवटु ग्रंथि से निकलता है। ❌
इंसुलिन का उत्पादन अग्न्याशय में होता है; अवटु ग्रंथि थायरॉक्सिन बनाती है।
अग्न्याशय—इंसुलिन; अवटु—थायरॉक्सिन।

खुद जाँचें — 3 छोटे सवाल

पहले विकल्प चुनें। फिर उत्तर और उसका कारण देखें। यह समझ की जाँच है।

सवाल 1

इंसुलिन का उत्पादन किस ग्रंथि में होता है?

सवाल 2

थायरॉक्सिन के संश्लेषण के लिए कौन-सा तत्व अनिवार्य है?

सवाल 3

बाल्यकाल में वृद्धि हॉर्मोन की कमी से क्या होता है?
अगला विषय (Next topic): पुनर्भरण क्रियाविधि →← पिछला विषय (Previous topic): प्रश्नावली 7.2